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राजनांदगांव। जिले में खाद एवं बीज का पर्याप्त भंडारण, कलेक्टर द्वारा किसानों से खाद एवं बीज के अग्रिम उठाव की अपील…

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राजनांदगांव। जिले में खाद एवं बीज का पर्याप्त भंडारण, कलेक्टर द्वारा किसानों से खाद एवं बीज के अग्रिम उठाव की अपील…

जिले में खाद एवं बीज का पर्याप्त भंडारण कलेक्टर ने किसानों से खाद एवं बीज के अग्रिम उठाव की अपील की रासायनिक खाद का 27735 मीट्रिक टन भण्डारण, अब तक किसानों को 16625.6 मीट्रिक टन रासायनिक खाद का किया गया वितरण
बीज का 4959 क्विंटल भंडारण, किसानों को अब तक 1214.50 क्विंटल बीज किया गया वितरण 23955 किसानों को 115 करोड़ 25 लाख रूपए का ऋण का किया गया वितरण…

जिले में खाद एवं बीज का पर्याप्त भंडारण है। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने किसानों से खाद एवं बीज के अग्रिम उठाव की अपील की है। उन्होंने कहा कि खेती किसानी के दिनों को ध्यान में रखते हुए किसान खाद एवं बीज का अग्रिम उठाव करेंगे तो उन्हें किसी तरह की दिक्कत नहीं होगी। बारिश होते ही खेती किसानी के कार्यों में गति आयेगी। इसे ध्यान में रखते हुए कलेक्टर ने किसानों को पर्याप्त खाद एवं बीज की उपलब्धता के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने उप संचालक कृषि, उपायुक्त सहकारिता, प्रबंधक बीज निगम की संयुक्त समीक्षा करते हुए खाद व बीज की पर्याप्त उपलब्धता के निर्देश दिए हैं।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला सहकारी केन्द्र बैंक मर्यादित राजनांदगांव ने बताया कि जिले में खरीफ 2024 अंतर्गत 27735 मीट्रिक टन रासायनिक खाद भण्डारण किया गया है, जो कुल भंडारण का लगभग 62.01 प्रतिशत है। किसानों को 16625.6 मीट्रिक टन रासायनिक खाद वितरण किया जा चुका है। जिसमें यूरिया 7385.2 मीट्रिक टन, सुपर 2049.8 मीट्रिक टन, डीएपी 4716.3 मीट्रिक टन, एनपीके 1455.9 मीट्रिक टन, पोटाश 1005.4 मीट्रिक टन, अन्य 13 मीट्रिक टन है। किसानों को 11109.4 मीट्रिक टन रासायनिक खाद का वितरण किया जाना शेष है।  जिसमें यूरिया 4435.8 मीट्रिक टन, सुपर 1875.8 मीट्रिक टन, डीएपी 1868 मीट्रिक टन, एनपीके 1520.6 मीट्रिक टन, पोटाश 1400.6 मीट्रिक टन, अन्य 8.6 मीट्रिक टन शामिल है। इसी तरह जिले में 4959 क्विंटल बीज का भंडारण हो चुका है और किसानों को 1214.50 क्विंटल बीज वितरण किया जा चुका है तथा 3745.10 क्विंटल बीज किसानों वितरण के लिए शेष है। जिले में खरीफ 2024 के लिए अल्पकालीन फसल ऋण के तहत जिले के 23955 किसानों को 115 करोड़ 25 लाख रूपए का ऋण का वितरण किया गया है। जिसमें 9567.23 रूपए नगद एवं 1958.23 रूपए के वस्तु शामिल हैं।

राजनांदगांव। लोकसभा निर्वाचन 2024 अंतर्गत मतगणना 4 जून 2024 को सुबह 8 बजे से की जाएगी।

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राजनांदगांव। लोकसभा निर्वाचन 2024 अंतर्गत मतगणना 4 जून 2024 को सुबह 8 बजे से की जाएगी।

संसदीय निर्वाचन क्षेत्र 6-राजनांदगांव के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों की मतगणना के लिए स्थान निर्धारित किया गया है। जिसके अनुसार कबीरधाम जिला अंतर्गत आने वाले विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 71-पण्डरिया एवं विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 72-कवर्धा की मतगणना आदर्श कृषि उपज मंडी समिति बिलासपुर रोड कवर्धा में किया जाएगा।

खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई जिला अंतर्गत आने वाले विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 73-खैरागढ़ की मतगणना छत्तीसगढ़ स्टेट वेयरहाऊस पिपरिया खैरागढ़ में किया जाएगा।

राजनांदगांव जिला अंतर्गत आने वाले विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 74-डोंगरगढ़, विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 75-राजनांदगांव, विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 76-डोंगरगांव एवं विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 77-खुज्जी की मतगणना छत्तीसगढ़ स्टेट वेयर हाऊसिंग कार्पोरेशन बसंतपुर कैम्पस राजनांदगांव में किया जाएगा।

मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी अंतर्गत आने वाले विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 78-मोहला-मानपुर की मतगणना शासकीय लाल श्याम शाह महाविद्यालय मोहला में किया जाएगा।

सम्पूर्ण संसदीय निर्वाचन क्षेत्र 6-राजनांदगांव क्षेत्र के डाक मतपत्रों की गिनती और समस्त मतदान केन्द्रों के मतदान का परिणाम समेकित करने की कार्रवाई छत्तीसगढ़ स्टेट वेयर हाऊसिंग कार्पोरेशन बसंतपुर कैम्पस राजनांदगांव में की जाएगी।

कलेक्टर एवं रिटर्निंग ऑफिसर श्री संजय अग्रवाल ने निर्वाचन लडऩे वाले सभी अभ्यर्थियों को मतगणना स्थल पर प्रत्येक विधानसभा हेतु गणना अभिकर्ता नियुक्त करने कहा हैं।

उन्होंने बताया कि विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 71-पण्डरिया एवं विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 72-कवर्धा के मतों की गणना के लिए प्रत्येक विधानसभा में 21 टेबल लगाये जाएगें।

जिसके लिए 21+2 गणन अभिकर्ता एवं शेष विधानसभा के मतों की गणना के लिए 14+2 गणन अभिकर्ता नियुक्त कर सकते है। गणन अभिकर्ता की नियुक्ति आवेदन प्रारूप-18 में प्रस्तावित गणन अभिकर्ता का 2 पासपोर्ट फोटो सहित 31 मई 2024 तक संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में जमा करने कहा है।

मतगणना हाल में मोबाईल फोन, आईपेड, लैपटॉप, स्मार्ट वॉच, कैमरा, अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण प्रतिबंधित रहेगा। लेकिन मीडियाकर्मी मीडिया सेंटर तक मोबाईल ले जा सकते हैं।

chhatisgarh : डॉक्टर सुरेश चन्द्र राय 2024 ‘‘क्रिस्टल कम्पास‘‘ अवार्ड से सम्मानित…

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chhatisgarh : डॉक्टर सुरेश चन्द्र राय 2024 ‘‘क्रिस्टल कम्पास‘‘ अवार्ड से सम्मानित…

दिल्ली विश्वविद्यालय के दिल्ली स्कूल आफ इकोनोमिक्स के भूगोल विभाग के प्रोफेसर डॉक्टर सुरेश चंद्र राय को जलवायु परिवर्तनशीलता और पारम्परिक कृषि में ‘‘कृषि जैव विविधता और आजीविका सुरक्षा पर इसके प्रभाव‘‘ विषय पर उनके काम के लिए 2024 ‘‘क्रिस्टल कम्पास‘‘ पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह पहली बार है कि किसी  भारतीय को यह पुरस्कार मिला है ।

आप पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर में डॉ की उपाधि हेतु परीक्षक के रूप में आते हैं। आपका छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों को शोध की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान रहा है और रहेगा। यह हमारे भूगोल जगत के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है। आपको बहुत-बहुत बधाईयां एवं शुभकामनाएं।

‘‘क्रिस्टल कम्पास‘‘ एक प्रतिष्ठित अन्तर्राष्ट्रीय पुरस्कार है, जिसे भूगोल पारिस्थितिकी और प्राकृतिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धियों और अद्वितीय परियोजनाओ के लिए 2012 में प्रदान किया गया था। इस वर्ष दुनिया के 14 देशों के 600 से अधिक प्रतिभागी पुरस्कार के लिए आवेदन किए। आवेदकों में रूस, भारत, अमेरिका, फ्रांस, मिस्र, बेलारूस, मोल्दोवा, सर्विया, अजरबेजान, किर्गिस्तान और कजाकिस्तान के प्रतिनिधि शामिल थे। पहली बार तुर्कमेनिस्तान, नेपाल, तजाकिस्तान की परियोजनाओ ने पुरस्कार के लिए भाग लिया। वर्ष 2024 में राष्ट्रीय पुरस्कार रुसी  भौगोलिक सोसायटी के तत्वावधान में और सांस्कृतिक पहल के लिए राष्ट्रपति फाऊंडेशन के समर्थन से आयोजित किया जाता है।

इसके अलावा प्रोफेसर सुरेश चन्द्र राय को 1999 का यू.एस. मृदा और जल संरक्षण सोसायटी पुरस्कार और विली और चार्टर्ड इन्स्टीट्यूट ऑफ वाटर एण्ड एन्वायरर्मेंटल मैनेजमेंट लंदन से 2016 का अत्यधिक सराहनीय पेपर पुरस्कार भी मिला।

छत्तीसगढ़ सरकार को नक्सलियों का 4 पन्नों का खत… आप खुद भी पढ़े…

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छत्तीसगढ़ सरकार को नक्सलियों का 4 पन्नों का खत… आप खुद भी पढ़े…

छत्तीसगढ़ की साय सरकार की तरफ से नक्सल उन्मूलन की दिशा में कई बड़े कदम उठाये गए हैं। इनमे एक तरफ जहां हथियारबंद नक्सलियों को उनकी ही भाषा में जवाब दिया जा रहा हैं तो सरकार दूसरी तरह इस समस्या के समाधान के लिए वार्ता की कोशिश भी कर रही हैं।

गृहमंत्री विजय शर्मा ने पहले ही साफ़ कर दिया था की मुठभेड़ उनके नक्सल उन्मूलन का महज 20 फ़ीसदी हिस्सा हैं। वह चाहते हैं कि माओवादी नेताओं से बेहतर माहौल में वार्ता कर इस समस्या का निपटारा किया जाये।

गृहमंत्री ने इससे पहले नक्सलियों को वीडियो कॉलिंग या फिर मध्यस्थ के माध्यम से भी बात करने का आमंत्रण भेजा था लेकिन यह कवायद अबतक सफल नहीं रही। वही पिछले दिनों सरकार की तरफ से यह भी बताया गया कि वह समर्पित नक्सलियों के पुनर्वास की नीति को बेहतर करना चाहते हैं।

इस सम्बन्ध में गृहमंत्री विजय शर्मा ने नक्सलियों के लिए एक प्रपत्र जारी करते हुए उनके सुझाव मांगे थे। बहरहाल इस पूरे मामले को लेकर नक्सलियों की तरफ से चार पन्ने का पत्र जारी किया गया है। इस पत्र में माओवादी नेताओं ने सरकार के उन सवालों का जवाब भी दिया हैं जो उनसे पूछे गए थे।

पत्र में नक्सलियों ने सरकार पर आरोप लगाए हैं। उनका मानना हैं कि सरकार एक तरफ निःशर्त वार्ता का दावा करती हैं जबकि दूसरी तरफ उनकी तरफ से कई शर्ते लाद दी जाती हैं। ऐसे में बातचीत संभव नहीं हैं।

पत्र में नक्सलियों ने अपने आंदोलन को जनता का आंदोलन बताते हुए कहा हैं कि उनका आंदोलन कमजोर नहीं बल्कि मजबूत हुआ हैं। अपने खत में नक्सलियों ने दिल्ली के सीएम अरविन्द केजरीवाल और झारखण्ड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नाम का जिक्र किया हैं। आप खुद भी पढ़े पूरा खत..

 

छत्तीसगढ़ : पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बयान पर प्रदेश के डिप्टी सीएम और गृहमंत्री विजय शर्मा ने पलटवार किया है।

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छत्तीसगढ़ : पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बयान पर प्रदेश के डिप्टी सीएम और गृहमंत्री विजय शर्मा ने पलटवार किया है।

पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने चुनाव परिणाम, झीरम हमले की जांच, छत्तीसगढ़ में जाति प्रमाणपत्रों की जांच और कवर्धा में हुए सड़क हादसे पर सरकार और गृहमंत्री विजय शर्मा पर जमकर निशाना साधा है।

जिस धर्म में जाति की व्यवस्था नहीं है उस धर्म में आप एससी एसटी और ओबीसी बनायेंगे। तो यह लोगों के अधिकार का हनन है। स्पष्टता की बात यह है कि पिछले कुछ साल में ओबीसी के सर्टिफिकेट बनाए गए हैं। सीएम के संज्ञान में इस विषय को लाऊंगा। पूरी कोशिश करूंगा की मामले की जांच हो। प्रमाण पत्र वोट बैंक की राजनीति के लिए बनाया गया है।

पूर्व सीएम भूपेश बघेल द्वारा रोहिंग्या मुसलमानों को ढूंढने चुनौती देने पर गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि, उन्होंने जबरदस्ती रोहिंग्या शब्द जोड़ दिया। इसके नए केस हमारे पास है। जिन्हें गांव वाले और बीएलओ नहीं जान रहे है। उन्हें स्पष्ट करना चाहिए। स्थानीय लोगों को पीड़ा होती है। कई गांव में उन्हें वोट नहीं डालने दिया गया। क्योंकि अचानक उनका नाम मतदाता सूची में आ गया। ये सब पिछली सरकार के समय अधिक हुआ है।

झीरम मामले में गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि हम भूपेश बघेल से आग्रह करेंगे अगर वह कह रहे हैं कि, उनके जेब में सबूत है तो वे उसे जांच कमेटी के सामने रखे। गिरेबान पकड़ने वाला मामला ही नहीं है वो काफी वरिष्ठ नेता है।जाति प्रमाण पत्र की जांच को लेकर डिप्टी CM विजय शर्मा ने कहा कि, ST,SC, ओबीसी वर्ग को आरक्षण इसलिए दिया गया है कि, उसे अवसर मिले अगर इसमें और भी वर्ग के लोगों को जोड़ देंगे तो उनके साथ अन्याय है और छत्तीसगढ़ में ऐसा हुआ है।

एक विशेष समुदाय के लोगों को आदिवासियों और ओबीसी वर्ग का लाभ दिया जा रहा है। नारायणपुर में नक्सल मुठभेड़ में 8 नक्सलीयों के मारे जाने के मामले में गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि, नारायणपुर बीजापुर में जवानों ने 8 वर्दीधारी नक्सली मारे गए हैं। जवानों के शौर्य और भुजाओं का यह आधार है। नक्सली मुख्य धारा में जुड़े लक्ष्य निर्धारित करें..अगर उन्नति उनका रास्ता है तो एक रास्ता बन सकता है।

नक्सलियों की सेंट्रल कमेटी के लिखे हुए लेटर पर गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि, ऑपरेशन जहां आवश्यक है वहां करना होता है। सड़क भी बनानी होगी।

इन सभी बातों के साथ कहना चाहता हूं कि चाणक्य की बात करते, वही राग अलापते है इसका कोई अर्थ नहीं होने वाला है। नक्सलियों से आग्रह है कि वार्ता आप करें अगर लक्ष्य एक है तो रास्ता एक हो सकता है। सेंट्रल कमेटी अगर बात करती है तो हर्ष का विषय है। यानी जो टॉप कैडर है वह आंध्र और तेलंगाना के हैं और छत्तीसगढ़ कैडर उसके नीचे है। इसलिए जो भी बात करना चाहे हम तैयार है।

CG: छत्तीसगढ़ में आज वज्रपात के साथ भयंकर बारिश के आसार है।

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CG: छत्तीसगढ़ में आज वज्रपात के साथ भयंकर बारिश के आसार है।

छत्तीसगढ़ में नमी के कारण लगातार मौसम बदल रहा है। अभी तीन दिनों तक ऐसा ही मौसम रहेगा। शुक्रवार को एक दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की वर्षा, अंधड़ तथा वज्रपात हो सकता है। शुक्रवार को बस्तर व सरगुजा संभाग के कुछ क्षेत्रों में अंधड़ के साथ बारिश के आसार है। गुरुवार को रायपुर सहित प्रदेशभर में मौसम शुष्क रहा, भले ही तापमान में मामूली गिरावट रही, लेकिन उमस बढ़ी है। अधिकतम तापमान 40.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बता दें कि हवा में 50 फीसदी से ज्यादा नमी दर्ज गई।

Chhattisgarh Rains: अधेड़ के साथ बारिश होने के आसार है, हवा में नमी से बढ़ रही है उमस!

तेज धूप के चलते उमस काफी रही। प्रदेशभर में तिल्दा 42.8 डिग्री के साथ सबसे गर्म रहा। चार दिनों तक प्रदेश के अधिकतम तापमान में विशेष बदलाव नहीं होगा। पेंड्रा रोड का अधिकतम तापमान 39.6 डिग्री और अंबिकापुर का अधिकतम तापमान 38.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विशेषज्ञ एचपी चंद्रा ने बताया कि एक द्रोणिका उत्तर पश्चिम राजस्थान से झारखंड तक 0.9 किमी ऊंचाई तक फैला है।

Chhattisgarh Rains: इस सिस्टम से बदल रहा है मौसम : एक चक्रीय चक्रवात पश्चिम बिहार के ऊपर 0.9 किमी ऊंचाई तक फैला हुआ है। इसके प्रभाव से उत्तर व दक्षिण छत्तीसगढ़ के कुछ जिलों में अंधड़ चलने के साथ ही बारिश के आसार है।

Chhattisgarh Rains: छत्तीसगढ़ के कई जिलों में बारिश होने के आसार है

तापमान : जिला – अधि. – न्यू.

  • रायपुर – 40.4 – 25.7
  • माना – 40.0 – 25.8
  • बिलासपुर – 41.0 – 27.0
  • पेण्ड्रारोड – 39.6 – 24.6
  • अंबिकापुर – 38.8 – 23.0
  • जगदलपुर – 37.4 – 25.4
  • दुर्ग – 42.6 – 26.0
  • राजनांदगांव – 41.3 – 25.6

Chhattisgarh Rains: दो दिनों से लगातार हो रही बारिश

छत्तीसगढ़ में पिछले दो दिनों से लगातार बारिश हो रही है। सबसे अधिक बारिश बस्तर संभाग के नारायणपुर जिले में हुई थी। वहीं बालोद में तूफानी हवा के बारिश में पेड़, घर के छत और बिजली खंभे गिर गए। बारिश से माहौल इतना बिगड़ा की 36 घंटे तक बिजली गायब रही। कल यानी (23 मई दिन- गुरुवार) को रायपुर में भी शाम को तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश हुई। वहीं आज भी छत्तीसगढ़ के कई जिलों में वज्रपात के साथ बारिश होने के आसार है। वहीं तेज अंधड़ के साथ गरज-चमक के साथ बदल बरसने की संभावना है। Chhattisgarh Rains: वज्रपात के साथ भयंकर बारिश के आसार है

छत्तीसगढ़: कोयला घोटाले में निलंबित IAS रानू साहू और सौम्या चौरसिया को अदालत ने 4 दिन की हिरासत…

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छत्तीसगढ़: कोयला घोटाले में निलंबित IAS रानू साहू और सौम्या चौरसिया को अदालत ने 4 दिन की हिरासत…

छत्तीसगढ़ कोयला घोटाला मामले में पूर्व आईएएस रानू साहू और सौम्या चौरसिया की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं. दोनों को अदालत ने चार दिन की हिरासत में भेज दिया है. छत्तीसगढ़ कोयला घोटाला मामले में पूर्व आईएएस अधिकारी रानू साहू और सौम्या चौरसिया की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. राजधानी रायपुर (Raipur) की एक अदालत ने दोनों को चार दिन की हिरासत में भेज दिया है. बता दें कि सौम्या चौरसिया कांग्रेस की पिछली सरकार में मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में पूर्व उप सचिव थीं. कोर्ट ने सौम्या चौरसिया और रानू साहू को ईओडब्ल्यू की हिरासत में भेजा है. दोनों अधिकारियों को धन शोधन से जुड़े कथित कोयला शुल्क घोटाले के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गिरफ्तार किया था. वर्ष 2010 बैच के छत्तीसगढ़ कैडर के आईएएस अधिकारी साहू को ईडी ने पिछले साल जुलाई में गिरफ्तार किया था, जबकि मुख्यमंत्री कार्यालय में तत्कालीन उप सचिव चौरसिया को दिसंबर 2022 में गिरफ्तार किया गया था. तभी से दोनों जेल में थे. एसीबी/ईओडब्ल्यू के अधिवक्ता सौरभ पांडेय ने बताया कि साहू और चौरसिया को एसीबी/ईओडब्ल्यू ने गुरुवार को गिरफ्तार किया और अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (चतुर्थ) अतुल कुमार श्रीवास्तव की अदालत में पेश किया.

पूछताछ के लिए EOW ने मांगी हिरासत

पांडेय ने बताया, “एसीबी/ईओडब्ल्यू ने पांच जून तक उनकी हिरासत की मांग की थी, लेकिन अदालत ने 27 मई तक की हिरासत दी है.” उन्होंने कहा कि इस साल की शुरुआत में ईओडब्ल्यू ने ईडी द्वारा साझा की गई जानकारी के आधार पर कथित कोयला शुल्क घोटाले में मामला दर्ज किया था. ईडी पिछले दो वर्षों से इस मामले में धन शोधन के पहलू की जांच कर रही है. पांडेय ने बताया कि एसीबी/ईओडब्ल्यू ने अपने मामले में अधिक जानकारी और सबूत इकट्ठा करने के लिए साहू और चौरसिया को गिरफ्तार किया और पूछताछ के लिए उनकी हिरासत मांगी.

इन नेताओं और पूर्व अधिकारियों को बनाया गया आरोपी

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत दर्ज FIR में, राज्य के एसीबी/ईओडब्ल्यू ने पूर्व मंत्री अमरजीत भगत, वर्तमान कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव, पूर्व विधायक यूडी मिंज, गुलाब कमरो, चंद्रदेव प्रसाद राय, शिशुपाल सोरी, बृहस्पत सिंह, निलंबित आईएएस अधिकारी समीर बिश्नोई और रानू साहू तथा सौम्या चौरसिया को आरोपी बनाया गया है.

कोयला घोटाले का ये है मास्टरमाइंड

एफआईआर में कहा गया है कि वरिष्ठ नौकरशाहों, व्यापारियों, नेताओं और बिचौलियों से जुड़े एक कार्टेल द्वारा राज्य में परिवहन किए गए कोयले के लिए 25 रुपये प्रति टन के हिसाब से अवैध शुल्क की वसूली जा रही थी. एफआईआर के मुताबिक, व्यवसायी सूर्यकांत तिवारी इस घोटाले का मुख्य साजिशकर्ता था. ईडी ने छत्तीसगढ़ में कोयला शुल्क घोटाले में धन शोधन की जांच शुरू की थी तथा तलाशी ली थी और 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया था. ईडी ने 222 करोड़ रुपये की संपत्ति को अस्थायी रूप से कुर्क किया था. इसमें कहा गया है कि एक गिरोह कुछ राजनीतिक व्यक्तियों के समर्थन से नीतिगत बदलाव कराने में कामयाब रहे. गिरोह में सूर्यकांत तिवारी जैसे निजी व्यक्ति और सौम्या चौरसिया, समीर विश्नोई जैसे राज्य सरकार के पदाधिकारी और राज्य खनन अधिकारी शामिल हैं. एफआईआर में कहा गया कि उगाही की गई राशि का उपयोग सूर्यकांत तिवारी और सौम्या चौरसिया के निर्देशानुसार किया गया था.

Chhattisgarh : नक्सलियों के सरेंडर के लिए नई नीति की तैयारी पर गरमाई सियासत, विपक्ष ने सरकार को घेर पूछे ये सवाल…

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Chhattisgarh : नक्सलियों के सरेंडर के लिए नई नीति की तैयारी पर गरमाई सियासत, विपक्ष ने सरकार को घेर पूछे ये सवाल…

छत्तीसगढ़ में नक्सलियों की नई सरेंडर नीति की तैयारी पर अब सियासत भी गरमा गई है. पीसीसी चीफ दीपक बैज ने पूछा है कि सरकार बताए कि नक्सलियों से सुझाव मांगने के पहले कोई वार्तालाप हुई है क्या ? छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा करने के लिए सरकार आक्रामक हो गई है. नक्सलियों के खिलाफ जहां ताबड़तोड़ कार्रवाई चल रही है, वहीं अब नई सरेंडर पॉलिसी लाने की तैयारी चल रही है. इसके पहले सरकार ने खुद नक्सलियों से सुझाव मांगा है कि वे कैसी समर्पण नीति चाहते हैं. इसके बाद अब सियासत गरमा गई है. इस मसले पर अब विपक्ष सरकार को घेर रहा है. PCC चीफ दीपक बैज ने इस मामले पर BJP सरकार पर कई सवाल खड़े किए हैं. प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि नक्सलवाद को लेकर सरकार दिग्भ्रमित है. सरकार को यह समझ ही नहीं आ रहा है उसे करना क्या है? अभी तक सरकार ने 5 महीनें में कोई नक्सल नीति नहीं बनाई है. पूर्ववर्ती सरकार की नीति जो पूरी तरह से सफल थी विश्वास, विकास, सुरक्षा की नीति को भाजपा सरकार ने खारिज कर दिया है. पुरानी नीति खारिज करने के बाद अभी तक वर्तमान सरकार ने नक्सलवाद को लेकर अपनी कोई नीति घोषित नहीं की है. दीपक बैज ने कहा कि सरकार पुनर्वास नीति लेकर आए इससे पहले नक्सल नीति तो घोषित किया जाए. जब नक्सल नीति घोषित करेंगे तब पुनर्वास नीति बनेगी, यह उसका अंश है. अभी नक्सल नीति नहीं बनाई है और दावा कर रहे पुनर्वास नीति लेकर आएंगे. ये अनिर्णय वाली स्थिति से इस गंभीर समस्या का समाधान नहीं हो सकता है.

इन सवालों के भी मांगे जवाब : कांग्रेस ने कई सवालों के जवाब भी मांगे हैं और पूछा है कि- सरकार बताए कि पुनर्वास नीति के लिए सुझाव मांगने से पहले सरकार की नक्सलियों से कोई वार्तालाप हुई है क्या? सुझाव मांगने के पहले परस्पर विश्वास का वातावरण बनाया जाना चाहिए, क्या सरकार ने ऐसी कोई पहल की है क्या ? यदि की है तो नक्सलियों की तरफ से क्या कोई सकारात्मक जवाब आया? दोनों पक्षों में नीति बनने तक युद्ध विराम (शांति की पहल) पर कोई सहमति बनी है क्या? यदि बनी है तो सरकार उसको सार्वजनिक करें. सरकार के द्वारा मांगे गये सुझाव के दौरान यदि उधर से कोई वारदात हो गई तो सरकार का उस बारे में क्या योजना है? सरकार की यह पहल एकतरफा है या दूसरा पक्ष भी इससे सहमत है, सरकार को इसको भी स्पष्ट करना चाहिए.

राज्य में शांति की स्थापना होनी चाहिए : प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस पार्टी का स्पष्ट मानना है कि राज्य में शांति की स्थापना होनी चाहिए. हिंसा पर विराम लगना ही चाहिए. नक्सलवाद एक संवेदनशील मसला है. पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने पांच सालों में विश्वास, विकास, सुरक्षा के मूलमंत्र को लेकर शांति स्थापना में महत्वपूर्ण सफलता हासिल किया था. राज्य में नक्सलवादी घटनाओं में 80 प्रतिशत तक कमी आई. प्रभावित क्षेत्र में सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य जैसे विषयों को प्राथमिकता के आधार पर हल किया गया, जिससे वहां के स्थानीय लोगों ने सरकार का साथ दिया और शांति की स्थापना में मदद मिली.

छत्‍तीसगढ़ में आयुष्मान भारत योजना में मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की ओर से निजी अस्पतालों की संख्या बढ़ाने की तैयारी…

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छत्‍तीसगढ़ में आयुष्मान भारत योजना में मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की ओर से निजी अस्पतालों की संख्या बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। निजी अस्पताल संचालकों से लगातार बातचीत जारी है।

”छत्‍तीसगढ़ में आयुष्मान भारत योजना में मरीजों की संख्या बढ़ी प्रदेश में 553 निजी चिकित्सालय योजना के अंतर्गत पंजीकृत”

छत्‍तीसगढ़ में आयुष्मान भारत योजना में मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की ओर से निजी अस्पतालों की संख्या बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। निजी अस्पताल संचालकों से लगातार बातचीत जारी है।

योजना से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि प्रदेश के प्रत्येक जिले में रहने वाले पात्र परिवारों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। उसके तहत आयुष्मान योजना में मरीजों की सुविधा के लिए अस्पतालों की संख्या बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का प्रदेश में क्रियान्वयन के लिए राशनकार्ड धारी 2.10 करोड़ से अधिक लोगों का आयुष्मान कार्ड बनाया जा चुका है। बाकी लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाने का कार्य चल रहा है। प्रदेश के सभी शासकीय अस्पतालों के अलावा 553 निजी चिकित्सालय योजना के अंतर्गत पंजीकृत है।

वित्तीय वर्ष 2023-24 में 10.92 लाख हितग्राहियों ने शासकीय अस्पतालों में योजना का लाभ लिया है। निजी अस्पताल में 4.73 लाख लोगों ने योजना का लाभ उठाया है। आयुष्मान योजना के अंतर्गत पंजीकृत अस्पतालों में निर्धारित हेल्थ पैकेज के अनुसार समुचित इलाज की मानिटरिंग सुनिश्चित करने के लिए राज्य नोडल एजेंसी के द्वारा नियमित निगरानी की जाती है। आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत 1500 से भी अधिक बीमारियों को शामिल किया गया है।

प्रदेश में किसी व्यक्ति के पास आयुष्मान कार्ड नही है तो शासकीय और पंजीकृत अस्पतालों में राशनकार्ड से निश्शुल्क इलाज किया जाता है। अस्पतालों में राशन कार्ड से तत्काल आयुष्मान कार्ड बन जाता है।

आयुष्मान योजना के नोडल अधिकारी डा. खेमराज सोनवानी ने कहा, स्वास्थ्य विभाग का प्रयास पात्र परिवारों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। उसके तहत आयुष्मान योजना में मरीजों की सुविधा के लिए अस्पतालों की संख्या बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। निजी अस्पताल संचालकों से इसे लेकर लगातर बातचीत की जाती है।

Chhattisgarh: विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पांच जून को छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल की ओर से पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। 

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विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पांच जून को छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल की ओर से पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। यह प्रतियोगिता चार आयु वर्ग में आयोजित होगी। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पांच जून को छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल की ओर से पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। यह प्रतियोगिता चार आयु वर्ग में आयोजित होगी।

प्रतियोगिता का विषय ‘जलवायु परिवर्तन सदी की सबसे बड़ी चुनौती’ रखा गया है। रजिस्ट्रेशन प्रतियोगिता स्थल पर किया जायेगा। रजिस्ट्रेशन के लिए प्रतिभागियों को सुबह साढ़े 9 बजे उपस्थित होना अनिवार्य है। रायपुर के न्यू कन्वेन्शन हॉल नवीन विश्राम गृह, सिविल लाइन में पांच जून को 10 बजे से पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। इसमें प्रथम वर्ग में 12 वर्ष तक, द्वितीय वर्ग में 13 से 17 वर्ष, तृतीय वर्ग 18 से 21 वर्ष और चतुर्थ वर्ग दिव्यांगजनों के लिए होगा। बेहतर करने पर प्रतियोगियों को आकर्षक नगद पुरस्कार दिए जाएंगे।

प्रतियोगिता के प्रतिभागियों को अपना पहचान पत्र और आयु प्रमाण-पत्र की छायाप्रति साथ लाना होगा। पुरस्कार चार आयु वर्ग में पृथक-पृथक दिये जायेंगे। प्रथम पुरस्कार पांच हजार रुपये, द्वितीय पुरस्कार तीन हजार रुपये, तृतीय पुरस्कार दो हजार रुपये और दो सांत्वना पुरस्कार पांच सौ रुपये दिए जाएंगे।