छत्तीसगढ़ के प्रमुख आदिवासी नेताओं में से एक और हमर राज पार्टी के अरविंद नेताम (Arvind Netam) एक बार फिर चर्चा का विषय बन गए हैं. इस बार उन्हें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के मुख्यालय, नागपुर (Nagpur) में एक अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है. इसने छत्तीसगढ़ की राजनीति, खासकर बस्तर (Bastar) में हलचल मचा दी है. इस आमंत्रण को लेकर उठ रहे सवालों के बीच, नेताम ने रविवार को जगदलपुर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर अपनी स्थिति स्पष्ट की है.
मुझे भी आश्चर्य हुआ – अरविंद नेताम
RSS में शामिल होने की खबरों और संघ के आमंत्रण पर प्रतिक्रिया देते हुए अरविंद नेताम ने कहा कि उन्हें खुद भी RSS की ओर से निमंत्रण मिलने पर आश्चर्य हुआ. इस दौरान उन्होंने भारतीय जनता पार्टी को लेकर भी एक महत्वपूर्ण बयान दिया है. नेताम ने कहा, “आदिवासी इलाके की समस्याओं को लेकर भाजपा से बात करने का ज्यादा फायदा नहीं है. इसके लिए आरएसएस को कन्वेंस करना जरूरी है. इससे पहले भी आरएसएस के पदाधिकारियों से मेरी कई बार लंबी बातचीत हो चुकी है.”
वैचारिक मदभेद कम करना जरूरी – नेताम
अरविंद नेताम ने आरएसएस के कार्यक्रम में जाने को लेकर अपनी बात स्पष्ट की. उन्होंने आगे जोर दिया, “आदिवासियों और आरएसएस के बीच वैचारिक मतभेद है. इसे कम करना जरूरी है. इसलिए मैंने इस आमंत्रण को स्वीकार किया है.”
कांग्रेस नेता चरणदास महंत ने अरविंद नेताम को RSS मुख्यालय में अतिथि के रूप में बुलाए जाने पर तीखी प्रतिक्रिया दी थी. महंत ने इस पर हैरानी जताते हुए कहा था कि उन्हें आश्चर्य हो रहा है कि अरविंद नेताम को आरएसएस मुख्यालय में अतिथि क्यों बनाया गया. उन्होंने यह जानने की कोशिश करने की बात कही थी कि क्या नेताम RSS में शामिल होने जा रहे हैं या एक आदिवासी नेता के तौर पर कार्यक्रम में शामिल होंगे.



