छुरिया। जनपद पंचायत छुरिया अंतर्गत ग्राम पंचायतों में वित्तीय संकट को लेकर सरपंच संघ ने जिला प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है। संघ के अध्यक्ष रोहित डोंगरगांव, कैलाश उइके डोंगरगढ़, जितेंद्र साहू राजनांदगांव और दीनदयाल साहू छुरिया के नेतृत्व में सरपंचों ने जिला दंडाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर पंचायतों की मूलभूत समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग की।
सरपंच संघ ने बताया कि त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव संपन्न हुए लगभग एक वर्ष पूरा होने जा रहा है, लेकिन अब तक ग्राम पंचायतों को 15वें एवं 16वें वित्त आयोग की राशि नहीं मिली है। फंड की कमी के कारण नालियों की सफाई, पंचायत भवनों की मरम्मत, सार्वजनिक कार्य और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़े कार्य प्रभावित हैं। इसका असर ग्रामीणों में असंतोष के रूप में दिखाई दे रहा है।
सरपंचों ने कहा कि पंचायत फंड की कमी के कारण वे ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान नहीं कर पा रहे हैं, जिससे सरपंचों पर लगातार दबाव बन रहा है और प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। कई पंचायतों में विकास कार्य रुक जाने से जनप्रतिनिधियों की छवि भी प्रभावित हो रही है।
ज्ञापन में प्रमुख मांगों में 15वें और 16वें वित्त आयोग की राशि शीघ्र जारी करने, सरपंच निधि लागू करने, सरपंचों के मानदेय में वृद्धि करने और मनरेगा योजना के तहत 80-20 के अनुपात में निर्माण कार्य कराए जाने की बात शामिल है। साथ ही मनरेगा में मुरुम मिडरी और समतलीकरण कार्य को भी शामिल किए जाने की मांग रखी गई है।
सरपंच संघ के पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई कि जिला प्रशासन पंचायतों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र आवश्यक निर्णय लेगा, जिससे गांवों में रुके विकास कार्य पुनः प्रारंभ हो सकें और ग्रामीणों को राहत मिल सके।



