मोहला। जब जिंदगी अंधेरे से शुरू होती है, तब हर छोटा सहारा उजाले की किरण बन जाता है। विकास खंड मोहला अंतर्गत ग्राम गुहाटोला की 40 वर्षीय नेत्रहीन इंद्राणी निषाद की यही प्रेरक कहानी है। बचपन से अंधी होने के बावजूद इंद्राणी ने साहस, धैर्य और आत्मविश्वास के बल पर जीवन की कठिन राहों को पार किया है।
सीमित संसाधनों वाले साधारण कृषक परिवार से आने वाली इंद्राणी ने कभी अपनी कमजोरी को अपनी पहचान नहीं बनने दिया। खेती-किसानी करने वाले परिवार में जन्मी इंद्राणी ने अपने संघर्ष और आत्मनिर्भरता के बल पर समाज में सम्मानजनक स्थान बनाया।
सुशासन सप्ताह 2025 के अंतर्गत आयोजित “प्रशासन गांव की ओर” जिला स्तरीय शिविर, ग्राम माडिंग पिंडीग में समाज कल्याण विभाग ने इंद्राणी को ब्लाइंड स्टिक सहायक उपकरण प्रदान किया। यह उपकरण उनके जीवन में आत्मनिर्भरता और सुरक्षा की नई राह खोलने वाला साबित होगा।
ब्लाइंड स्टिक प्राप्त करते समय इंद्राणी की आंखों में संतोष और चेहरे पर आत्मविश्वास की झलक साफ देखी गई। उन्होंने शासन-प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे शिविर जरूरतमंदों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाते हैं।
इंद्राणी की मां ने भी भावुक होकर बताया कि इस सहायता से उनकी बेटी का जीवन अब पहले से अधिक सुरक्षित और सहज हो जाएगा।
यह पहल शासन-प्रशासन की उन योजनाओं में शामिल है, जो समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त बनाने और उन्हें जीवन में आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से संचालित की जा रही हैं।



