राजनांदगांव। दिव्यांगजन कौशल विकास, पुनर्वास एवं सशक्तिकरण समेकित क्षेत्रीय केन्द्र (सीआरसी), ठाकुरटोल में व्यावसायिक विभाग द्वारा दिव्यांगजनों के लिए 8 से 20 जनवरी 2026 तक बांस शिल्प कला प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है।
शिविर का उद्देश्य दिव्यांगजनों को स्वरोजगार उन्मुख कौशल प्रदान करना और उन्हें आत्मनिर्भर तथा आत्मविश्वासी बनाना है। प्रशिक्षण में बच्चों और युवाओं को बांस से टोकरी, सजावटी आइटम, लैंप सहित विभिन्न आकर्षक उत्पाद बनाने की कला सिखाई जा रही है।
प्रशिक्षण में शामिल दिव्यांग बच्चे उत्साहपूर्वक सीख रहे हैं। अनुभवी प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में यह शिविर दिव्यांगजनों के कौशल विकास और सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है।
सीआरसी अधिकारियों ने बताया कि शिविर का उद्देश्य केवल कौशल प्रदान करना नहीं है, बल्कि दिव्यांगजनों में आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास बढ़ाना भी है। शिविर के समापन पर प्रतिभागियों को अपने बनाए हुए उत्पादों की प्रदर्शनी और मूल्यांकन का अवसर भी मिलेगा।
यह कार्यक्रम दिव्यांगजनों को रोजगार के अवसर प्राप्त करने और उनके जीवन स्तर में सुधार लाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।



