राजनांदगांव। जिले में मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की निगरानी और उपचार के लिए विशेष प्रयास किए हैं। उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की नियमित जांच, उपचार, दवाई और स्वास्थ्य संबंधी सलाह के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किए जा रहे हैं।
सोनोग्राफी के लिए नि:शुल्क व्यवस्था
स्वास्थ्य विभाग ने उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं के लिए नि:शुल्क सोनोग्राफी की सुविधा उपलब्ध कराई है। अब तक जिले में कुल 1775 उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाएं पंजीकृत की गई हैं, जिनमें से 1725 महिलाओं का सोनोग्राफी किया जा चुका है। शेष 50 महिलाओं का सोनोग्राफी शनिवार को किया जाएगा।
सोनोग्राफी केंद्रों पर विशेष आयोजन
आज कुल 58 गर्भवती महिलाओं का नि:शुल्क सोनोग्राफी कराया गया, जिसमें सुन्दरा अस्पताल, हाईटेक डायग्नोस्टिक, भारत डायग्नोस्टिक और विधि डायग्नोस्टिक जैसे प्रमुख केंद्रों पर यह कार्य किया गया। इनमें से घुमका विकासखंड के 17, डोंगरगांव विकासखंड के 10, डोंगरगढ़ विकासखंड के 12 और शहरी क्षेत्र के 9 महिलाओं का सोनोग्राफी हुआ। इसके अलावा, छुरिया क्षेत्र से 10 गर्भवती महिलाओं का भी नि:शुल्क सोनोग्राफी किया गया।
स्वास्थ्य की नियमित निगरानी और मितानिनों का योगदान
गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की निगरानी के लिए प्रत्येक सप्ताह दूरभाष के माध्यम से स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ली जा रही है और आवश्यक सलाह दी जा रही है। इसके अलावा, प्रसव के 15 दिन पहले मितानिनों द्वारा गर्भवती महिलाओं के घर-घर जाकर नियमित स्वास्थ्य जांच की जा रही है। इससे यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसी भी गर्भवती महिला को समय रहते चिकित्सीय सहायता मिल सके।
नि:शुल्क एम्बुलेंस सेवा
स्वास्थ्य विभाग द्वारा उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को सोनोग्राफी सेंटर लाने के लिए नि:शुल्क एम्बुलेंस सेवा भी प्रदान की जा रही है। यह सेवा विकासखंड और शहरी क्षेत्रों से महिलाओं को अस्पतालों तक लाने में सहायक बन रही है, जिससे उन्हें किसी प्रकार की कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ रहा है।
विभागीय मॉनिटरिंग और समन्वय
इस कार्यक्रम की मॉनिटरिंग विकासखंड स्तर पर खंड चिकित्सा अधिकारी और ब्लॉक प्रोग्राम यूनिट द्वारा की जा रही है, ताकि योजना के तहत किसी भी प्रकार की कोताही न हो।
स्वास्थ्य अधिकारी का बयान
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन ने कहा कि यह योजना मातृ और शिशु स्वास्थ्य के मामले में महत्वपूर्ण साबित हो रही है। गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की नियमित जांच और उपचार से उनकी स्थिति में सुधार हो रहा है और इससे जिले में मातृ मृत्यु दर एवं शिशु मृत्यु दर को नियंत्रित करने में मदद मिल रही है।
सकारात्मक परिणाम की उम्मीद
स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों से यह उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में जिले में मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में और भी अधिक कमी आएगी, जिससे गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित की जा सकेंगी।
गर्भवती महिलाओं के लिए यह पहल निश्चित रूप से उनके स्वास्थ्य के लिए लाभकारी साबित हो रही है, और कलेक्टर के निर्देश पर किए जा रहे इस कार्य से जिले में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के संकेत मिल रहे हैं।



