राजनांदगांव। जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के तहत धान खरीदी महाभियान में किसानों को आ रही तकनीकी समस्याओं का निराकरण करने के लिए एकीकृत किसान पोर्टल पर रकबा संशोधन का कार्य तेजी से चल रहा है। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार राजस्व विभाग के अधिकारी और पटवारी किसानों की समस्याओं का शीघ्र समाधान कर रहे हैं। अब तक लगभग 150 किसानों की तकनीकी समस्याओं का समाधान किया गया है।
एकीकृत किसान पोर्टल के तहत किसानों के खसरा, रकबा सुधार, कैरी फारवर्ड, फसल विवरण, नवीन पंजीयन, वारिसान पंजीयन, वन पट्टा और त्रुटि सुधार से संबंधित विभिन्न प्रकार के आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनका निराकरण किया जा रहा है। किसानों को धान बिक्री के दौरान सही रकबा और फसल विवरण दर्ज न होने की समस्याएं आ रही थीं, जिनके समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों द्वारा तेजी से कार्रवाई की जा रही है।
किसानों ने खुशी जाहिर की
ग्राम मनगटा के किसान श्री अमर कुमार साहू ने बताया कि पहले उनके द्वारा 26 क्विंटल धान के बदले गलती से 14 क्विंटल का टोकन कट गया था, जिससे उनकी धान बिक्री में परेशानी आ रही थी। आवेदन के बाद समस्या का समाधान हो गया और 9 दिसम्बर को उन्होंने अपने धान की बिक्री कर ली। वहीं, ग्राम गठुला के किसान श्री जशवंत निर्मलकर ने रकबा संशोधन करवाया, क्योंकि उनकी 1.5 एकड़ भूमि में त्रुटिपूर्ण फसल विवरण था। अब उन्होंने 129 क्विंटल का टोकन प्राप्त किया और अपनी धान बिक्री की तैयारी कर रहे हैं।
ग्राम भंवरमरा के किसान श्री रामअवतार सिंह ने भी रकबा संशोधन कराकर अपनी समस्या का समाधान किया। उन्होंने बताया कि पहले उनके 4 एकड़ कृषि भूमि में केवल 51 डिसमिल रकबे का धान दिख रहा था, लेकिन आवेदन के बाद दो टोकन मिले और 19 दिसम्बर को 60 क्विंटल और 6 जनवरी को 18.4 क्विंटल धान की बिक्री कर ली।
अब तक लगभग 150 किसानों को मिल चुकी राहत
जिला खाद्य अधिकारी श्री रविन्द्र सोनी ने जानकारी दी कि राजस्व विभाग द्वारा किए गए भौतिक सत्यापन के आधार पर एकीकृत किसान पोर्टल में सभी प्रकार के विवरणों में संशोधन किए जा रहे हैं। इसके अलावा, किसानों से अपील की जा रही है कि वे खसरा, रकबा सुधार, कैरी फारवर्ड और फसल विवरण जैसी त्रुटियों को 31 जनवरी 2026 तक सुधार लें।
कृषकों से अनुरोध किया गया है कि 15 जनवरी 2026 तक कैरी फारवर्ड, वन अधिकार पट्टाधारी किसानों का नवीन पंजीयन करवा लें और त्रुटिपूर्ण पंजीयन को निरस्त कर नवीन पंजीयन कराएं।
समिति लॉगइन में किया गया संशोधन
सभी समितियों में समिति लॉगइन में संशोधन का प्रावधान किया गया है, ताकि किसानों की समस्याओं का शीघ्र समाधान हो सके। इस प्रक्रिया के तहत समस्त कृषि समितियों में कलेक्टर की अनुशंसा के बाद सभी प्रकार के पंजीकरण और रकबा सुधार किए जाएंगे।
उम्मीद जताई जा रही है कि किसान एकीकृत किसान पोर्टल के माध्यम से अपनी समस्याओं का समाधान कर धान बिक्री की प्रक्रिया को और सरल बना सकेंगे।



