राजनांदगांव। फर्जी बिल बनाकर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले दो आरोपियों को सोमनी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 3 लाख 20 हजार रुपये नकद के साथ घटना में प्रयुक्त एक लैपटॉप, दो मोबाइल और एक पेन ड्राइव जब्त की गई है।
मामले में न्यू लुक बायो फ्यूल्स प्राइवेट लिमिटेड, ग्राम फुलझर (राजनांदगांव) के प्रबंधक ने थाना सोमनी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। प्रार्थी के अनुसार कंपनी इथेनॉल उत्पादन के लिए चावल मिल मालिकों और व्यापारियों से टूटे व खराब चावल की खरीदी करती है, जो मुख्य रूप से दलालों के माध्यम से होती है। इस कार्य के लिए कंपनी ने दुर्ग निवासी दिलीप गोलछा को ब्रोकर नियुक्त किया था।
कंपनी के अकाउंटेंट की मिलीभगत से फर्जीवाड़ा
दिसंबर 2025 के अंत में कंपनी प्रबंधन को पता चला कि दिलीप गोलछा अपने सहयोगियों और कंपनी के कुछ कर्मचारियों की मदद से फर्जी बिल तैयार कर रहा है। आरोप है कि उसने इस उद्देश्य से दुर्ग और धमतरी में ‘जय महावीर एग्रो’ नाम से फर्म भी स्थापित की थी। कंपनी के अकाउंटेंट अमित कुमार गुप्ता द्वारा मूल बिल के अतिरिक्त उन्हीं बिलों के फर्जी बिल बनाकर अलग-अलग फर्मों के नाम से भुगतान कराया गया। इस तरीके से पिछले डेढ़ से दो माह में करीब 28 से 30 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई।
पुलिस की कार्रवाई
शिकायत पर थाना सोमनी में धारा 318(4), 316(4), 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। मामले की सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई। पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र नायक के मार्गदर्शन और नगर पुलिस अधीक्षक अलेक्जेंडर किरो के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी निरीक्षक अरुण कुमार नामदेव के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई।
पुलिस ने आरोपी अमित कुमार गुप्ता (34 वर्ष), निवासी रायपुर और दिलीप गोलछा (49 वर्ष), निवासी दुर्ग को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में दोनों ने फर्जी बिल बनाकर धोखाधड़ी करना स्वीकार किया।
नकद और सामान जब्त, जेल भेजे गए आरोपी
आरोपियों की निशानदेही पर 3,20,000 रुपये नकद, एक लैपटॉप, दो मोबाइल और एक पेन ड्राइव जब्त की गई। मामले में धारा 338, 336(3), 340(2) बीएनएस भी जोड़ी गई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।



