बॉलीवुड के मशहूर गायक व संगीतकार ए.आर. रहमान द्वारा एक इंटरव्यू में खुद को बीते कुछ सालों में कम काम मिलने का दावा करने के बाद मामला अब तूल पकड़ गया है. जबकि कई राजनीतिक दलों इस बात का समर्थन किया गया है.
इसी क्रम में समाजवादी पार्टी से राज्यसभा सांसद रामजीलाल ने ए.आर. रहमान के बयान पर सहमति जताते हुए कहा, “यह बिलकुल सच है. साफ ज़मीर और अच्छे स्वभाव वाले लोगों को काम नहीं मिल रहा है.”
सपा सांसद ने इसके पीछे देश में सांप्रदायिक सोच वाली सरकार को जिम्मेदार बताया और कहा कि इस वक़्त ऐसे लोगों को तरजीह मिल रही है जो भाईचारा बिगाड़ना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि इसी सोच का असर फिल्म इंडस्ट्रीज पर भी देखने को मिल रहा है. इसलिए सकारात्मक लोगों को काम नहीं मिल रहा.
रामजीलाल सुमन का बयान
मीडिया को दिए बयान में सपा सांसद रामजीलाल सुमन ने गायक और संगीतकार ए.आर. रहमान के बयान से सहमति जताते हुए कहा, ‘ये क्यों हो रहा? ये जो सरकार हमारे देश में है, इस सरकार का मिजाज ही सांप्रदायिक है. इस तरह की जहनियत सरकार की है, उसी के हिसाब से समाज की शक्तियां संचालित हो रहीं. फिल्म इंडस्ट्रीज पर भी उसका प्रभाव है. तो कुल मिलाकर ये जो सांप्रदायिक लोग हैं, उनको वही चीजें पसंद आती हैं, जो समाज को तोड़ने का काम करती हैं.’
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ शक्तियां नहीं चाहतीं की समाज में भाईचारा बन रहे, बोले- ”हमारा सामाजिक सद्भाव कायम रहे, हमारी जो गंगा जमुनी तहजीब है वो कायम रहे, हिन्दू मुस्लिम भाईचारा कायम रहे, ये जो समाज की स्वस्थ और मान्य परम्पराएं हैं, उनके खिलाफ ये जो सांप्रदायिक शक्तियां हैं, उन्ही तत्वों को तरजीह दे रहीं हैं, जो समाज में अमन नहीं चाहते, मैं समझता हूँ उसका असर फिल्म इंडस्ट्रीज पर भी है.
क्या कहा था ए.आर. रहमान ने
दरअसल ए.आर. रहमान ने एक इंटरव्यू में कहा कि बीते आठ-दस सालों में उतना काम उन्हें नहीं मिला, जितना मिलना चाहिए था. इसको मौजूदा माहौल से जोड़ा जा रहा है. AIMIM ने भी रहमान के बयान का समर्थन किया है. जबकि बीजेपी ने ऐसे दावों को खारिज किया है. फिलहाल राजनीति में यह मामला अब तूल पकड़ गया है.



