मोहला। आदिवासी बहुल और कृषि आधारित आजीविका वाले जिले की ग्राम पंचायत करमरी में आज वीबी-जीराम जी (विकसित भारत ग्राम गारंटी) योजना के अंतर्गत स्वागत एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने हिस्सा लिया और विकासोन्मुख नारों के साथ योजना का स्वागत किया। ग्रामीणों ने मानव श्रृंखला बनाकर “आत्मनिर्भर गांव—विकसित भारत” का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान कन्वर्जेंस आधारित आजीविका डबरियों जैसे कृषि, मछली तालाब निर्माण कार्यों का अवलोकन किया गया। ये कार्य कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग, सीआरईडीए एवं वन विभाग के समन्वय से तैयार कार्ययोजना के अनुसार संचालित किए जा रहे हैं। इन आजीविका डबरियों से मछली पालन, सिंचाई सुविधा, दलहन-तिलहन की खेती तथा उद्यानिकी गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इससे आदिवासी और सीमांत किसानों को स्थायी आजीविका, खाद्य सुरक्षा और अतिरिक्त आय के अवसर उपलब्ध होंगे।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नम्रता सिंह ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए योजना के उद्देश्यों, स्थानीय रोजगार सृजन और कन्वर्जेंस मॉडल की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ग्राम स्तर पर सक्रिय सहभागिता, पारदर्शिता और सामुदायिक स्वामित्व के बिना किसी भी योजना की सफलता संभव नहीं है और वीबी-जीराम जी इन्हीं मूल सिद्धांतों पर आधारित है।
कार्यक्रम में हितग्राही श्री विनोद कुमार और श्री दलपत साई मेहरू राम को मछली जाल वितरित किया गया, जिससे मछली पालन गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा और ग्रामीणों में स्वरोजगार के प्रति उत्साह बढ़ेगा। हितग्राहियों ने बताया कि योजना से प्राप्त सहयोग के माध्यम से वे मछली पालन के साथ-साथ दलहन-तिलहन की खेती भी करेंगे, जिससे उनकी आय में निरंतर वृद्धि होगी और परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ बनेगी।
कार्यक्रम में जिल पंचायत सीईओ श्रीमती भारती चंद्राकर, जनप्रतिनिधि श्री दिलीप वर्मा, पंचायत प्रतिनिधिगण, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
ग्रामीणों ने इस योजना को आदिवासी बहुल और कृषि आधारित जिले के लिए सर्वांगीण विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। “गांव आत्मनिर्भर होंगे, तभी भारत विकसित बनेगा” के संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।



