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राजनीति, सत्ता, साधना और चुनाव. अपने पहले भाषण में क्या-क्या बोले BJP

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भारतीय जनता पार्टी के नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने पदभार ग्रहण करने के बाद अपने पहले भाषण में कहा कि इस साल पांच राज्यों में चुनाव है और आगे आने वाले चुनाव में भाजपा और भी मजबूत होगी.

उन्होंने कहा कि हम ऐसे राजनीतिक दल से जुड़े हैं, जहां… राजनीति सत्ता नहीं, साधना है. राजनीति भोग नहीं, त्याग है. राजनीति ऐशो-आराम नहीं, तपस्या है. राजनीति कोई पदभार नहीं, उत्तरदायित्व है.

नितिन नबीन

ने कहा कि आज मैं सर्वप्रथम आप सभी का आभार व्यक्त करता हूं. उन्होंने कहा कि भाजपा के विस्तार में योगदान देने वाले हमारे शीर्ष नेतृत्व ने मुझ जैसे साधारण कार्यकर्ता को पार्टी के सर्वोच्च पद तक पहुंचाने का अवसर दिया है, इसके लिए मैं आप सभी को प्रणाम करता हूं.

उन्होंने कहा कि यदि आज भाजपा विश्व का सबसे बड़ा राजनीतिक दल बनी है, तो इसकी वजह हमारा प्रेरणादायी नेतृत्व है, हमारी विचारधारा और कार्यकर्ताओं की मेहनत है. वो कार्यकर्ता, जो अनवरत काम करता है, जो कठिन से कठिन परिस्थिति में भी भारत का ध्वज झुकने नहीं देता है, जो सीना ठोककर कहता है, तेरा वैभव अमर रहे मां.

Nation First

और Self Last… बोले नबीन

उन्होंने कहा कि जब पीएम मोदी ने Article 370 खत्म किया, तो कश्मीर का माहौल बदल गया और आज कश्मीर के हर कोने पर तिरंगा शान से लहराता है. हम Nation First, Party Next, और Self Last की सोच के साथ काम करते हैं.

उन्होंने कहा कि इस पीढ़ी के कार्यकर्ताओं को अपने हिस्सा का त्याग करना होगा. उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि राजनीति से दूर रहना समाधान नहीं है, रचनात्मक तरीके से इसमें भाग लें. राजनीति शार्टकट नहीं है.

सभी पांच राज्यों के चुनाव में मिलेगी सफलता

नितिन नबीन ने कहा कि अगले कुछ महीनों में तमिलनाडु, असम, पश्चिम बंगाल, केरल और पुडुचेरी में चुनाव होने वाले हैं, और इन राज्यों के डेमोग्राफिक्स पर बहुत चर्चा हो रही है. बदलते डेमोग्राफिक्स वहां के हालात बदल रहे हैं, और यह हमारे लिए एक चुनौती है. हालांकि, हमें पूरा भरोसा है कि BJP के कार्यकर्ता अपने संघर्ष और कड़ी मेहनत से BJP को सभी पांच राज्यों में सफलता दिलाएंगे.

नितिन नबीन ने कहा कि हाल ही में हमने देखा कि कैसे विपक्षी पार्टियों ने तमिलनाडु की एक पहाड़ी पर पवित्र कार्तिगई दीपम फेस्टिवल को रोकने की कोशिश की. यह अकेला मामला नहीं है; विपक्ष ने दूसरी चीजों को भी रोकने की साजिश की है. हमने हाल ही में देखा कि कैसे एक जज पर इंपीचमेंट की कोशिश की गई.

उन्होंने कहा कि जब हम सोमनाथ की बात करते हैं और गर्व के इस फेस्टिवल को मनाने की कोशिश करते हैं, तो विपक्षी पार्टियों के लोग असहज महसूस करते हैं. हमारा मानना ​​है कि ऐसी परंपराओं को रोकने की कोशिश करने वाली ताकतों का सामना करना जरूरी है. हमें यह पक्का करना होगा कि जो लोग राम सेतु के होने को नकारते हैं और कार्तिगई दीपम फेस्टिवल का विरोध करते हैं, उनके लिए भारतीय राजनीति में कोई जगह नहीं है.’

पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्षों का जताया आभार

उन्होंने कहा कि मैं आज इस अवसर पर पार्टी के पूर्व के राष्ट्रीय अध्यक्षों का स्मरण करता हूं और यहां मौजूद पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्षों का अभिवादन करता हूं. 2006 में जब मैं पहली बार विधायक बना, तब से मैं देख रहा हूं कि राजनाथ सिंह ने किस प्रकार हर कार्यकर्ता से जुड़ने का प्रयास किया.