Home छत्तीसगढ़ किशोरों के भविष्य निर्माण में संवाद की क्षमता महत्वपूर्ण : जितेन्द्र यादव

किशोरों के भविष्य निर्माण में संवाद की क्षमता महत्वपूर्ण : जितेन्द्र यादव

3
0

राजनांदगांव। किशोरावस्था के दौरान शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर अभिभावकों की सकारात्मक और सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला पंचायत सभाकक्ष में संवाद संस्कार विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव इस कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे और उन्होंने सकारात्मक पेरेंटिंग एवं सशक्त युवा विषय पर अपने विचार साझा किए।

कलेक्टर श्री यादव ने कहा कि इस कार्यशाला के माध्यम से अभिभावकों की समझ को विकसित किया जाएगा, जिसका लाभ आने वाले वर्षों में किशोरों के व्यक्तित्व विकास में देखने को मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि संवाद की क्षमता किशोरों के भविष्य निर्माण में सहायक होती है, इसलिए अभिभावकों का सही मार्गदर्शन बेहद महत्वपूर्ण है।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह ने कहा कि युवा समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं, और इसके लिए उन्हें सही दिशा में शिक्षित करना जरूरी है। उन्होंने किशोरों की शिक्षा और उनके समग्र विकास में अभिभावकों की भूमिका को प्रमुख बताया।

कार्यशाला में अलायंस फॉर बिहेवियर चेंज के राज्य नोडल प्रभारी और सर्वहितम के अध्यक्ष श्री मनीष सिंह ने किशोरावस्था के चार महत्वपूर्ण आयाम – अधिकार, कर्तव्य, सहभागिता और अवलोकन – पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि बच्चों की शिक्षा को मजबूत बनाने के लिए विद्यालय, परिवार और समुदाय के बीच समन्वय बहुत जरूरी है।

यूनिसेफ के राज्य एसबीसी कंसल्टेंट श्री चंदन कुमार ने किशोरों के समग्र विकास में परिवार और समुदाय की भूमिका पर विस्तृत जानकारी दी। कार्यशाला के दौरान पढ़ाई का कोना और आज क्या सीखा जैसे इंटरएक्टिव सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों ने अपने अनुभव और विचार साझा किए।

कार्यशाला में यूनिसेफ डीसी सुश्री दिव्या राजपूत, स्टेट कोऑर्डिनेटर श्री राघवेन्द्र सिंह के साथ ही शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, एनएसएस, माई भारत और युवोदय स्वयंसेवकों की सक्रिय भागीदारी रही।

यह कार्यशाला बच्चों के समग्र विकास और भविष्य के लिए एक सकारात्मक कदम साबित हो सकती है।