राजनांदगांव। जिले की वरिष्ठ साहित्यकार श्रीमती आभा श्रीवास्तव को 23 से 25 जनवरी तक रायपुर में आयोजित होने वाले रायपुर साहित्य उत्सव में कविता पाठ के लिए आमंत्रित किया गया है। यह साहित्य उत्सव राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित आयोजन है, जिसमें देशभर के जाने-माने साहित्यकार, कवि, लेखक और विचारक भाग लेते हैं।
श्रीमती आभा श्रीवास्तव इस तीन दिवसीय साहित्य उत्सव में राजनांदगांव का प्रतिनिधित्व करते हुए अपनी रचनात्मक उपस्थिति दर्ज कराएंगी और कविता-पाठ के माध्यम से अपने साहित्यिक विचारों तथा सामाजिक संवेदनाओं को श्रोताओं के समक्ष प्रस्तुत करेंगी। उनके चयन से न केवल उनकी व्यक्तिगत साहित्यिक उपलब्धियों को सम्मान मिला है, बल्कि यह राजनांदगांव जिले की साहित्यिक परंपरा को भी राष्ट्रीय पहचान प्रदान करता है।
साहित्यिक योगदान और कृतियां
आभा श्रीवास्तव का साहित्यिक योगदान बहुआयामी और समृद्ध रहा है। अब तक उनकी कुल 13 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं, जिनमें अग्रगामी, अभिनंदन, पकडंडी (भारत का इतिहास), संदर्भ छत्तीसगढ़, पलाश के रंग, शंकर, वास्तु स्थिति, श्रद्धांजलि, सफर, आंखों का तारा, छत्तीसगढ़ तब और अब, अशोक, कविता के रंग और भारत जैसी महत्वपूर्ण कृतियां शामिल हैं। उनके लेखन में इतिहास, संस्कृति, समाज और मानवीय भावनाओं का सशक्त और संवेदनशील चित्रण देखने को मिलता है।
पुरस्कार और सम्मान
श्रीमती आभा श्रीवास्तव को उनके उल्लेखनीय साहित्यिक योगदान के लिए कई साहित्यिक सम्मानों से नवाजा जा चुका है। वर्तमान में वे उजाला आकाश नामक साहित्यिक पत्रिका की संपादक हैं और उनके लेखन और काव्य का प्रसारण रेडियो एवं दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित माध्यमों पर भी होता रहा है।
रायपुर साहित्य उत्सव में उनकी सहभागिता से साहित्य प्रेमियों को समृद्ध रचनात्मक अनुभव प्राप्त होगा और युवा रचनाकारों को भी प्रेरणा मिलेगी।



