समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील को लेकर केंद्र सरकार पर ज़ोरदार हमला बोला है. उन्होंने सवाल किया कि सरकार को ये बताना चाहिए कि 18 बड़ा है या जीरो..
भाजपा के लोगों को लगता है कि 18 और शून्य बराबर हैं. हम चाहते हैं कि इस बात पर सदन में चर्चा होनी चाहिए. वहीं चीन के मुद्दे को लेकर भी उन्होंने सरकार को घेरा है.
सपा अध्यक्ष ने कहा कि सरकार ख़ुद ही सदन नहीं चलाना चाहती है. खेत में काम करने वाले पीडीए के लोग बीजेपी के लोग नहीं है. दूध का काम तो पिछडे, आदिवासी और मुसलमान लोग करते हैं. आपने पूरा बाजार अमेरिका को दे दिया और अब सरकार बहस को बदलना चाहती है. आज विपक्ष की बैठक में तय किया जाएगा कि बीजेपी झूठ के अलावा कुछ नहीं बोलती है.
अमेरिका के साथ डील पर साधा निशाना
अखिलेश यादव ने अमेरिका से डील को लेकर सरकार पर हमला किया और कहा कि “इनकी गिनती क्या है 18 बड़ा कि शून्य..? बीजेपी ये समझती है 18 शून्य के बराबर है. अमेरिका से समझौता करके आए और फिर बजट का जो हलवा बना वो खाया किसने पहले? मैं समझ नहीं पा रहा कि बजट का हलवा किसने खाया? वो यहां बना या उनके लिए बनाया गया था. बीजेपी को ये समझाना चाहिए कि 18 बड़ा है या जीरो.
इसी तरह प्रधानमंत्री और बीजेपी के लोगों ने जो सात बार का सांसद था और केंद्रीय मंत्री उन्हें बनाया यूपी का अध्यक्ष और जो राज्य का विधायक था और जूनियर..उसे बनाया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष तो बताईए सात बड़ा कि पाँच.? हम चाहते है कि सदन में 18 जीरो के बराबर कैसे है इस पर चर्चा होनी चाहिए.
सीएम योगी को लेकर भी कसा तंज
अखिलेश यादव ने इस दौरान पीएम मोदी और सीएम योगी को लेकर भी तंज कसा और कहा कि इनके यूपी के नेता दिल्ली वालों को सलाम भी नहीं करते. न नमस्ते करते हैं. इनके अंदर ही इतना झगड़ा चल रहा है कि आप कल्पना नहीं कर सकते.
चीन पर विपक्ष की बात सुने सरकार
अगर चीन का सवाल है तो बीजेपी ये बताए कि 2014 से अभी तक भारत का क्षेत्रफल क्या है और 2014 से पहले क्या था? वो बहुत संवेदनशील बॉर्डर है. अगर विपक्ष कोई बात रखना चाहता है तो सरकार को उसे सुनना चाहिए और उस पर काम करना चाहिए. सपा ने ग्वालियर से लिपु लेख तक छह लेन की सड़क बनाने का सुझाव दिया था, मंजूरी मिली फोरलेन की और अब दो लेन का रोड बना रहे हैं. चीन इंफ्रास्ट्रक्चर क्या है और हमारा क्या है?
इसी तरह बुलेट ट्रेन जब मंजूर हुई तो एक लाख करोड़ की स्वीकृत हुई, फिर दो लाख का बजट हो गया और फिर उत्तर प्रदेश को बुलेट ट्रेन कब मिलेगी. जब यूपी ने पीएम को बनाया है तो यूपी को बुलेट ट्रेन कब मिलेगी? सुनने में आया है कि बुलेट ट्रेन गोरखपुर से होकर निकलेगी, जहां ये मेट्रो नहीं बना पाए. आज भी पानी परस जाए तो वहां नाव चलेगी. वाराणसी में यूपी के मुख्यमंत्री ने मेट्रो नहीं बनने दी.



