चांदनी चौक से बीजेपी सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने AI समिट के दौरान इंडियन यूथ कांग्रेस के कथित आपत्तिजनक आचरण पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने इस घटना को अत्यंत शर्मनाक बताते हुए कांग्रेस को एक विफल राजनीतिक दल करार दिया है.
उनका कहना है कि जिस मंच पर देश के तकनीकी भविष्य और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे महत्वपूर्ण विषय पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए थी, वहां इस तरह का व्यवहार राष्ट्रीय गरिमा के खिलाफ है.
प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि जब देश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, नवाचार और तकनीकी नेतृत्व को लेकर गंभीर विमर्श कर रहा था, तब ध्यान आकर्षित करने के लिए किया गया यह “नंगा प्रदर्शन” न केवल अनुचित है, बल्कि एक गंभीर राष्ट्रीय मंच की मर्यादा को ठेस पहुंचाने वाला भी है. उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की हरकतें लोकतांत्रिक विमर्श को कमजोर करती हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की छवि को प्रभावित कर सकती हैं.
कांग्रेस की दिवालिया मानसिकता उजागर
बीजेपी सांसद ने कहा कि यह आचरण उस राजनीतिक दिवालियापन को उजागर करता है, जो आज कांग्रेस की पहचान बन चुका है. उनके मुताबिक, विचार और नीति आधारित बहस पेश करने के बजाय कांग्रेस नाटक, उकसावे और अव्यवस्था की राजनीति कर रही है. उन्होंने कहा कि यह व्यवहार राजनीतिक हताशा का प्रतीक है और यह दर्शाता है कि पार्टी देश के युवाओं की आकांक्षाओं से पूरी तरह कट चुकी है.
राहुल गांधी के नेतृत्व पर भी सवाल
खंडेलवाल ने कांग्रेस नेतृत्व पर भी निशाना साधते हुए कहा कि लगातार चुनावी पराजयों के बावजूद पार्टी ने आत्ममंथन नहीं किया है. उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस ने रचनात्मक विपक्ष की भूमिका छोड़ दी है और अब केवल प्रदर्शन और सनसनी की राजनीति तक सिमट गई है. उनका कहना है कि विपक्ष की जिम्मेदारी सरकार की नीतियों पर ठोस और सार्थक बहस करना है, न कि मंचों को बाधित करना.
भारत का युवा नवाचार चाहता है, विवाद नहीं
प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि भारत का युवा अवसर, नवाचार और वैश्विक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ना चाहता है. AI समिट देश की तकनीकी क्षमता और वैश्विक दृष्टि को प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर था. ऐसे में उसे बाधित करने की कोशिश राष्ट्रीय प्रगति का अपमान है. उन्होंने कहा कि देश के युवा शोर-शराबे और कृत्रिम विवादों से अधिक सार्थक संवाद और ठोस नीति विकल्प की अपेक्षा रखते हैं.
जिम्मेदार विपक्ष की जरूरत पर जोर
अपने बयान के अंत में खंडेलवाल ने कहा कि लोकतंत्र में सशक्त और जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है. लेकिन जो कुछ AI समिट के दौरान देखने को मिला, वह विरोध नहीं बल्कि हताशा का प्रदर्शन था. उन्होंने कहा कि देश की जनता, विशेषकर युवा वर्ग, नेतृत्व से परिपक्वता और दूरदृष्टि की उम्मीद करता है, न कि अव्यवस्था और सनसनी की राजनीति की.



