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“एक तरफ जंग की आहट, दूसरी ओर टैरिफ पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला… क्या फिर से बढ़ेगा सोने का भाव?”

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अमेरिका-ईरान के बीच जंग होने को लेकर चर्चाएं जोरो पर है. ऊपर से टैरिफ पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से अनिश्चितता का माहौल और गहरा गया है. ऐसे में सेफ हेवेन के रूप में सोने की मांग बढ़ सकती है.

इससे कीमतों में आने वाले समय में उछाल आने की संभावना है.

MCX पर सोने का भाव इस हफ्ते थोड़ा बढ़कर 156,993 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ. जबकि पिछले हफ्ते MCX पर इसका बंद भाव 156200 रुपये था. इसी तरह से COMEX पर सोने की कीमत 5080 डॉलर प्रति आउंस पर बंद हुआ, जबकि पिछले शुक्रवार को यह 5043 डॉलर प्रति आउंस पर बंद हुआ था.

फोकस में रहेंगे सोने-चांदी के भाव

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दुनियाभर पर लगाए गए टैरिफ को गैर-कानूनी मानते हुए इसे रद्द कर दिया. इस पर मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है, सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से व्यापार को लेकर अनिश्चितता पैदा हो गई है. इसके अलावा, US-ईरान के बीच जंग छिड़ने की बढ़ती चर्चा के बीच भू-राजनीतिक तनाव और मैक्रोइकोनॉमिक हालात सोने और चांदी की कीमतों के लिए स्ट्रक्चरल रूप से सपोर्टिव बैकग्राउंड दे रहे हैं.

शनिवार को भी सोने-चांदी की कीमतों मे तेजी देखने को मिली थी. 24-कैरेट से लेकर 22-कैरेट और 18-कैरेट सोने के रेट में मजबूत ट्रेंड रिवर्सल देखने को मिला. 23 फरवरी से शुरू हो रहे नए हफ्ते में निवेशकों की नजर इन्हीं डेवलपमेंट्स पर रहेगी. इनमें थोड़ी सी भी हलचल सोने-चांदी की कीमतों में असर डाल सकते हैं.

US फेड के रेट कट पर अनिश्चितता

अमेरिकी फेड रिजर्व के ब्याज दरों में कटौती को लेकर भी अनिश्चितताएं बनी हुई हैं. Live Mint की रिपोर्ट के मुताबिक, इस पर बात करते हुए सुगंधा सचदेवा ने कहा कि 2025 की चौथी तिमाही में अमेरिका में जीडीपी ग्रोथ की रफ्तार सुस्त रही, जो 1.4 परसेंट पर आ गई, जबकि उम्मीद 3 परसेंट की थी.फेडरल रिजर्व के रेट में कटौती की बात को और मजबूती मिली. वहीं, जनवरी में PCE प्राइस इंडेक्स सालाना 2.9 परसेंट बढ़ा, जो 2.8 परसेंट के अनुमान से थोड़ा ज्यादा है, जिससे पता चलता है कि महंगाई का दबाव बना हुआ है.

हालांकि, US फेड के सदस्य अभी ‘वेटएंड वॉच’ के मोड पर हैं. चूंकि महंगाई अभी फेड के 2 परसेंट के लक्ष्य के ऊपर बनी हुई है और रोजगार के आंकड़े भी स्थिर है इसलिए जल्दबाजी में कटौती का फैसला अभी नहीं लिया जा सकता. ऐसे में हो सकता है कि मार्च में फेड रिजर्व ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करते हुए इसे 3.50-3.75 की सीमा पर स्थिर रखें.

सेंट्रल बैंक पॉलिसी रेट को बढ़ाकर महंगाई को काबू में रखता है. पॉलिसी रेट बढ़ता है, तो बैंकों के लिए सेंट्रल बैंक से कर्ज लेना महंगा हो जाता है. ऐसे में ग्राहकों को भी महंगे रेट पर लोन दिया जाता है. इससे बाजार में पैसों का बहाव कम हो जाता है, सामानों की मांग घटती है और महंगाई कम हो जाती है. सुगंधा ने आगे यह भी कहा, “धीमी ग्रोथ और लगातार महंगाई का यह मेल एसेट क्लास में, खासकर कीमती धातुओं में उतार-चढ़ाव बढ़ा रहा है.”

क्या पीक पर पहुंचेगी सोने की कीमतें?

US-ईरान युद्ध की चर्चा और टैरिफ पर US सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ट्रेड को लेकर अनिश्चितता के बीच क्या सोने की कीमतें नई ऊंचाई पर पहुंच जाएंगी? इस पर सुगंधा सचदेवा ने कहा, “टेक्निकली, घरेलू बाजार में सोना 4880 डॉलर प्रति औंस और 1,49,800 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास अच्छा सपोर्टेड बना हुआ है. अभी इस पर 5100 डॉलर से 5120 डॉलर प्रति औंस और 1,61,000 प्रति 10 ग्राम के आसपास रेजिस्टेंस दिख रहा है. इन लेवल से ऊपर लगातार ब्रेक होने पर कीमतें इंटरनेशनल लेवल पर 5350 डॉलर और डोमेस्टिक लेवल पर 1,75,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकती हैं.