जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ईरान में चल रहे घटनाक्रम पर गहरी चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की हत्या की खबरें बेहद गंभीर और चिंताजनक हैं.
ऐसे समय में उन्होंने जम्मू-कश्मीर के लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है.
मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि सभी समुदायों को संयम से काम लेना चाहिए और किसी भी तरह के तनाव या अशांति को बढ़ावा देने वाली गतिविधियों से दूर रहना चाहिए. उनका कहना है कि अंतरराष्ट्रीय घटनाओं का असर स्थानीय माहौल पर नहीं पड़ना चाहिए. सरकार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों से जिम्मेदारी दिखाने की उम्मीद करती है.
विदेश मंत्रालय के साथ लगातार संपर्क
उमर अब्दुल्ला ने यह भी बताया कि जम्मू-कश्मीर सरकार, भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के साथ लगातार संपर्क में है. मकसद यह है कि ईरान में रह रहे जम्मू-कश्मीर के लोगों, खासकर छात्रों की सुरक्षा और कुशलक्षेम सुनिश्चित की जा सके. सरकार हर जरूरी कदम उठाने के लिए तैयार है और हालात पर करीबी नजर रखी जा रही है.
महबूबा मुफ्ती ने कड़ी प्रतिक्रिया
वहीं पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने भी इस पूरे घटनाक्रम पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा, “आज का दिन इतिहास में एक अत्यंत दुखद और शर्मनाक मोड़ के रूप में दर्ज हो रहा है, जब इजराइल और अमेरिका ईरान के प्रिय नेता अयातुल्लाह अली ख़ामेनेई की हत्या पर गर्व जता रहे हैं. अधिक निंदनीय और चौंकाने वाली बात यह है कि कुछ मुस्लिम देशों ने प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से समर्थन देकर सुविधा और स्वार्थ को जमीर पर तरजीह दी.”
उन्होंने आगे कहा, “इतिहास गवाही देगा कि किसने न्याय के लिए संघर्ष किया और किसने अत्याचारियों का साथ दिया. ईरान की जनता के साथ हमारी दुआएँ हैं. अल्लाह उन्हें ताकत दे और अत्याचार व अन्याय की ताकतों पर कामयाबी अता फरमाए.”
हालात पर नजर
जम्मू-कश्मीर के दोनों प्रमुख नेताओं ने ईरान की स्थिति को गंभीर बताया है. जहां एक ओर सरकार शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दे रही है, वहीं राजनीतिक दलों की ओर से भी अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया सामने आई है. फिलहाल राज्य सरकार हालात पर नजर बनाए हुए है और लोगों से संयम बरतने की अपील कर रही है.



