“जिस रूसी तेल खरीद पर भारत पर फोड़ा था टैरिफ बम, अब उसी को बताने लगे जरूरी… मिडिल ईस्ट जंग ने बदला ट्रंप स्टैंड!”
”मिडिल ईस्ट में ईरान के खिलाफ जंग छेड़कर डोनाल्ड ट्रंप कितने मजबूर हो चुके हैं, इसका रूसी तेल खरीद पर उनके बदले हुए स्टैंड से लगाया जा सकता है. ईरान के खिलाफ जंग में उतरे अमेरिका को शायद अंदाजा ही नहीं था कि वो इतने दिनों तक युद्ध में टिक पाएगा और यही वजह थी कि पहले तो ट्रंप ने कहा कि उन्हें फर्क ही नहीं पड़ता होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से, लेकिन जब देखा कि दुनिया में तेल का संकट गहरा होता जा रहा है तो उन्होंने अपना स्टैंड ही बदल लिया.”
”अमेरिका की ओर से अब कहा जा रहा है कि दुनिया में तेल की आपूर्ति पूरी करने के लिए जरूरी है कि भारत रूस से तेल खरीदे. भारत की रूसी तेल खरीद को अमेरिका अब जरूरी करार दे रहा है.”
”भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने X पर एक पोस्ट में लिखा, ‘दुनिया में तेल की कीमतें स्थिर रखने में भारत एक बड़ा पार्टनर रहा है. अमेरिका मानता है कि रूस से तेल की लगातार खरीद इसी कोशिश का एक हिस्सा है. भारत तेल के सबसे बड़े कंज्यूमर और रिफाइनर में से एक है. अमेरिकियों और भारतीयों के लिए मार्केट में स्थिरता लाने के लिए हमारा मिलकर काम करना जरूरी है.”
”ट्रंप ने तेल पर क्या कहा था?’
”मिडिल ईस्ट जंग के बाद गहराए तेल संकट के बीच यूएस राष्ट्रपति ट्रंप ने दो दिन पहले ही प्रतिबंधों में ढील के संकेत दिए थे.उन्होने तेल की किल्लत को रोकने के लिए कहा था कि वे कुछ देशों पर लगे प्रतिबंध हटा रहे हैं. इसके बाद चर्चा तेज हो गई थी कि क्या रूसी तेल पर लगा बैन भी हटाया जाएगा. फ्लोरिडा में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा था कि उनका प्रशासन तेल बाजार को स्थिर करने के प्रयास कर रहा है और इसके तहत कुछ देशों पर लगे प्रतिबंध हटा रहा है. उन्होंने कहा था, ‘हमने कुछ देशों पर प्रतिबंध लगा रखे हैं, जिन्हें होर्मुज स्ट्रेट में शांति बहाल होने तक प्रतिबंध हटा रहे हैं. इस कदम का उद्देश्य तेल आपूर्ति में आई बाधाओं के बीच ग्लोबल ऑयल सप्लाई को बढ़ावा देना है. दुनिया में तेल की कमी नहीं होने देंगे.”
”अमेरिका के वित्त मंत्री ने क्या किया था ऐलान?’
”जब ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करने की धमकी दी तभी अमेरिका के हाथ-पैर फूल गए. अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने घोषणा करते हुए कहा कि यूएस ने भारतीय रिफाइनरियों को रूस से कच्चा तेल खरीदने के लिए 30 दिनों की अस्थायी छूट दी है. यह कदम मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष की वजह से वैश्विक तेल आपूर्ति में बाधा को रोकने के लिए स्टॉपगैप उपाय है. बेसेंट ने भारत को एक महत्वपूर्ण साझेदार बताया और उम्मीद जताई कि यह व्यवस्था वैश्विक तेल बाजार को तनाव से बचाने में मदद करेगी.”
”रूसी तेल खरीद पर ट्रंप ने लगाया था जुर्माना’
”बता दें कि भारत के रूस से तेल खरीदने को लेकर ही डोनाल्ड ट्रंप भड़के हुए थे और उन्होंने भारत के रूसी तेल खरीद को वॉर मशीन बता दिया था. पहले उन्होंने भारत पर 25 फीसदी रेसिप्रोकल टैरिफ लगाया था, लेकिन अगस्त, 2025 में रूसी तेल खरीद पर जुर्माना लगाते हुए इसे बढ़ाकर 50 फीसदी कर दिया था. अब जब हालात बिगड़ने लगे तो वह कह रहे हैं कि हम कुछ देशों को रूस से तेल खरीदने के प्रतिबंधों में छूट देते हैं.”



