ईरान और भारत के बीच मौजूदा क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय हालात को लेकर उच्च स्तर पर बातचीत हुई है. ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से फोन पर बातचीत कर मध्य पूर्व की स्थिति, वैश्विक सुरक्षा और द्विपक्षीय व बहुपक्षीय सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा की.
क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर हुई चर्चा
फोन पर हुई इस बातचीत में ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर विस्तार से चर्चा की.
अमेरिका और इजरायल पर लगाए हमले और अपराध के आरोप
अराघची ने अपने भारतीय समकक्ष को अमेरिका और जियोनिस्ट शासन द्वारा ईरान के खिलाफ किए गए हमलों और अपराधों से उत्पन्न ताजा हालात के बारे में जानकारी दी. उन्होंने बताया कि इन घटनाओं के कारण क्षेत्र और दुनिया कीो स्थिरता और सुरक्षा पर असर पड़ा है.
आत्मरक्षा के अधिकार पर दिया जोर
ईरान के विदेश मंत्री ने कहा कि उनकी सरकार, जनता और सशस्त्र बल आक्रमणकारियों के खिलाफ आत्मरक्षा के वैध अधिकार का इस्तेमाल करने के लिए पूरी तरह दृढ़ हैं. अराघची ने अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मंचों तथा संगठनों से ईरान के खिलाफ सैन्य आक्रमण की निंदा करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया.
ब्रिक्स की भूमिका को बताया अहम
उन्होंने बहुपक्षीय सहयोग के मंच के रूप में ब्रिक्स की भूमिका और महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि मौजूदा समय में इस संगठन को क्षेत्र और दुनिया की स्थिरता तथा सुरक्षा का समर्थन करने के लिए रचनात्मक भूमिका निभानी चाहिए.
भारत ने सहयोग बढ़ाने की जताई तैयारी
इस बातचीत के दौरान भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए अपने देश की तत्परता व्यक्त की. जयशंकर ने यह भी कहा कि क्षेत्र में स्थिरता और टिकाऊ सुरक्षा को मजबूत करने का रास्ता खोजना सभी के लिए एक सामूहिक आवश्यकता है.



