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Eid-ul-Fitr 2026 School Holiday: 20 या 21 मार्च, स्कूलों में कब रहेगी छुट्टी? तारीख को लेकर आया बड़ा अपडेट!

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Eid-ul-Fitr 2026 School Holiday: रमजान के पवित्र महीने के समापन के साथ मनाया जाने वाला ईद-उल-फितर का त्योहार देशभर में खास उत्साह के साथ मनाया जाता है। इसे मीठी ईद भी कहा जाता है, क्योंकि इस दिन घर-घर में सेवइयां और अन्य मीठे पकवान बनाए जाते हैं।

साल 2026 में इस त्योहार को लेकर छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों के बीच स्कूल छुट्टी की तारीख को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है।

शुरुआती अनुमान के मुताबिक ईद-उल-फितर 20 या 21 मार्च के आसपास पड़ सकती है। हालांकि, हर साल की तरह इस बार भी अंतिम तारीख चांद दिखने पर ही तय होगी, इसलिए स्कूलों की ओर से छुट्टी की आधिकारिक घोषणा आखिरी समय में जारी की जाएगी।

Eid-ul-Fitr 2026 School Holidays: संभावित छुट्टी की तारीख

देश के अधिकतर स्कूलों ने फिलहाल 21 मार्च 2026 को ईद-उल-फितर की संभावित छुट्टी माना है। वहीं, अगर चांद 20 मार्च को नजर आता है, तो कुछ स्कूल एक दिन पहले ही अवकाश घोषित कर सकते हैं।

21 मार्च 2026: ज्यादातर स्कूलों में संभावित छुट्टी

20 मार्च 2026: कुछ स्कूलों में छुट्टी (अगर चांद जल्दी दिखे)

स्कूल प्रशासन आमतौर पर त्योहार से कुछ दिन पहले अंतिम नोटिस जारी करता है।

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Eid-ul-Fitr 2026: रमजान का महत्व

रमजान इस्लाम धर्म का सबसे पवित्र महीना माना जाता है। इस दौरान मुसलमान रोजा रखते हैं, जिसमें सूर्योदय से सूर्यास्त तक कुछ भी खाना-पीना नहीं होता। यह समय इबादत, अनुशासन और जरूरतमंदों की मदद करने का होता है।

Eid-ul-Fitr Celebration: ईद-उल-फितर कैसे मनाई जाती है

ईद-उल-फितर रमजान के खत्म होने की खुशी में मनाई जाती है। इस दिन सुबह विशेष नमाज अदा की जाती है, लोग नए कपड़े पहनते हैं और एक-दूसरे से मिलकर त्योहार की बधाई देते हैं।

घर-घर में सेवइयां जैसे मीठे व्यंजन बनाए जाते हैं और दोस्तों व रिश्तेदारों के साथ साझा किए जाते हैं। बच्चों को ईदी दी जाती है और परिवार के साथ समय बिताया जाता है।

Eid-ul-Fitr 2026: हर साल क्यों बदलती है तारीख

ईद-उल-फितर की तारीख निश्चित नहीं होती, क्योंकि यह इस्लामिक हिजरी कैलेंडर के अनुसार तय होती है, जो चांद की गति पर आधारित है।

नया महीना चांद दिखने के बाद ही शुरू होता है

इसलिए ईद की तारीख पहले से तय नहीं होती

हर साल यह त्योहार करीब 10-11 दिन पहले आता है

इसी कारण स्कूलों को भी चांद दिखने के बाद ही छुट्टी की अंतिम तारीख घोषित करनी पड़ती है।