Home राजनीति ’22 जहाज फंसे फिर भी सब सामान्य’, गैस संकट पर AAP सांसद...

’22 जहाज फंसे फिर भी सब सामान्य’, गैस संकट पर AAP सांसद संजय सिंह ने सरकार को घेरा…

3
0

देश में गैस और पेट्रोल की कथित कमी को लेकर सियासत गरमा गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह (Sanjay Singh) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) पर तीखा हमला बोला।

उन्होंने गैस संकट, विदेशी नीति और आम लोगों की परेशानी को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए।

संजय सिंह ने कहा कि देशभर में LPG सिलेंडर की कमी के चलते लोग लंबी लाइनों में खड़े हैं। उनके मुताबिक, कई जगहों पर सिलेंडर ब्लैक में बिक रहे हैं और होटल-रेस्टोरेंट तक बंद होने की नौबत आ गई है। उन्होंने सरकार के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर सब कुछ ठीक है, तो लोग घंटों लाइन में क्यों लग रहे हैं? यह सीधे-सीधे जमीनी हकीकत और सरकारी दावों के बीच अंतर दिखाता है।

संसद में पास हुआ ₹57 हजार करोड़ का अतिरिक्त बजट

AAP सांसद ने यह भी बताया कि मौजूदा स्थिति से निपटने के लिए सरकार ने संसद में ₹57 हजार करोड़ का अतिरिक्त बजट पास कराया है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर स्थिति सामान्य है, तो इतने बड़े बजट की जरूरत क्यों पड़ी? उनके मुताबिक, यह खुद सरकार के दावों को कमजोर करता है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और फंसे जहाजों पर उठे सवाल

संजय सिंह (Sanjay Singh) ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने दावा किया कि सरकार और कुछ मीडिया संस्थान यह कह रहे हैं कि स्थिति सामान्य हो चुकी है, जबकि हकीकत यह है कि कई जहाज अभी भी वहां फंसे हुए हैं। उनका सवाल था- क्या देश को गुमराह किया जा रहा है?

विदेश नीति पर सीधा हमला: ईरान से दूरी पर सवाल

AAP सांसद ने भारत की विदेश नीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भारत पहले Iran से सस्ते दाम पर तेल और गैस खरीदता था, जो 7 दिन में पहुंच जाता था। लेकिन अब United States से आने में 40-45 दिन लगते हैं, जिससे लागत और समय दोनों बढ़ गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इजरायल (Israel) और अमेरिका के साथ नजदीकी के कारण भारत ने अपने पुराने सहयोगी ईरान को खो दिया।

Adani और अंतरराष्ट्रीय दबाव का मुद्दा भी उठा

संजय सिंह ने यह भी कहा कि क्या देश में पैदा हुआ यह संकट किसी कॉर्पोरेट फायदे के लिए है। उन्होंने अडानी ग्रुप (Adani Group) का नाम लेते हुए सवाल उठाया कि क्या किसी बड़े उद्योगपति को फायदा पहुंचाने के लिए नीतियां बदली गईं। इसके साथ ही उन्होंने अंतरराष्ट्रीय दबाव और कथित “Epstein file” जैसे मुद्दों का जिक्र कर सरकार पर और गंभीर आरोप लगाए।

देश में गैस और पेट्रोल की स्थिति को लेकर अब राजनीतिक बयानबाजी तेज हो चुकी है। AAP जहां इसे सरकार की नाकामी बता रही है, वहीं केंद्र की ओर से साफ कर दिया गया है कि स्थिति सामान्य है। देश में गैस की कोई कमी नहीं है। अब देखना होगा कि इन आरोपों पर सरकार का क्या जवाब आता है।