युद्ध की चपेट में पूरी दुनिया
मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध ने अब केवल क्षेत्रीय सीमाओं को पार कर लिया है, और यह पूरी दुनिया को अपनी चपेट में लेने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने चेतावनी दी है कि इस संघर्ष के वैश्विक प्रभाव अब शुरू हो चुके हैं, और यह किसी की दौलत, धर्म या नस्ल को नहीं देखेगा।
यह बयान आने वाले संकट की गंभीरता को दर्शाता है।
ईरान का इजराइल पर हमला
ईरान ने बुधवार को इजराइल पर क्लस्टर मिसाइलों से हमला किया, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो गई। खोर्रमशहर से चार कदर मिसाइलों ने तेल अवीव को निशाना बनाया। ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड ने इसे अपने शीर्ष सुरक्षा अधिकारी अली लारिजानी की हत्या का प्रतिशोध बताया है। इस हमले ने इजराइल की सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दी है, और बताया जा रहा है कि ईरान ने 100 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया है।
ईरान की चेतावनी
ईरानी सेना के प्रमुख आमिर हातमी ने कहा है कि यह केवल शुरुआत है, और लारिजानी के खून का बदला ऐसा लिया जाएगा जिसे दुश्मन कभी नहीं भूल पाएगा। ईरान के शीर्ष कमांडर अली अब्दुल्लाही ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को खुली धमकी दी है कि उन्हें ऐसे सरप्राइज का इंतजार करना चाहिए जो उनकी कल्पना से भी अधिक विनाशकारी होगा।
अमेरिका की प्रतिक्रिया
अमेरिका ने भी आक्रामक रुख अपनाते हुए ईरान के होरमुज जलडमरूमध्य के पास स्थित भूमिगत मिसाइल ठिकानों पर भारी बम गिराए। अमेरिकी सेना का कहना है कि इन ठिकानों से अंतरराष्ट्रीय जहाजरानी को खतरा था। लेकिन इस हमले ने स्थिति को और भी विस्फोटक बना दिया है।
क्षेत्रीय स्थिति
इजराइल के मध्य हिस्सों पर ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल हमलों में कम से कम दो लोगों की मौत हो चुकी है और कई घायल हैं। तेल अवीव के आसपास दहशत का माहौल है। बगदाद में अमेरिकी दूतावास के आसपास रॉकेट और ड्रोन हमले फिर से शुरू हो गए हैं।
लेबनान और सऊदी अरब की स्थिति
लेबनान की राजधानी बेरूत भी अब सुरक्षित नहीं रही, जहां इजराइली हमलों में कम से कम छह लोगों की मौत हो चुकी है। सऊदी अरब ने एक बैलिस्टिक मिसाइल को मार गिराने का दावा किया है जो प्रिंस सुल्तान एयर बेस को निशाना बना रही थी।
अर्थव्यवस्था पर प्रभाव
इस युद्ध का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी स्पष्ट हो रहा है। उर्वरक की कीमतों में भारी उछाल आया है, जिससे अमेरिकी किसान परेशान हैं। होरमुज जलडमरूमध्य में बाधा के कारण तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। यह संघर्ष केवल ईरान और इजराइल तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह एक ऐसा तूफान बन चुका है जो पूरी दुनिया को हिला सकता है।



