KC Tyagi joins RLD: देश की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। जनता दल यूनाइटेड के दिग्गज नेता केसी त्यागी ने अब राष्ट्रीय लोक दल (Rashtriya Lok Dal) का दामन थाम लिया है।
रविवार को उन्होंने RLD ज्वाइन की, जहां पार्टी अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने उनका स्वागत किया।
केसी त्यागी ने बीते 17 मार्च को ही जेडीयू से इस्तीफा देने का ऐलान किया था। उन्होंने पार्टी छोड़ने की वजह सार्वजनिक नहीं की, जिससे सियासी गलियारों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। केसी त्यागी जेडीयू के गठन के समय यानी 2003 से पार्टी के साथ जुड़े हुए थे। उन्होंने पार्टी में मुख्य महासचिव, प्रवक्ता और राजनीतिक सलाहकार जैसे अहम पदों पर काम किया।
RLD में एंट्री और पुराना कनेक्शन
आरएलडी में शामिल होते ही केसी त्यागी ने अपने पुराने राजनीतिक रिश्तों को याद किया। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह ने उन्हें बहुत कम उम्र में हापुड़ से चुनाव लड़ने का मौका दिया था और आर्थिक मदद भी की थी। केसी त्यागी ने साफ कहा कि वह अब सांसद या विधायक बनने की इच्छा से नहीं आए हैं, बल्कि जयंत चौधरी को उसी विरासत को आगे बढ़ाते हुए देखना चाहते हैं।
केसी त्यागी ने कहा कि 1974 में जब लोकदल का गठन हो रहा था, तब वह उस ऐतिहासिक मंच का हिस्सा थे। ऐसे में आरएलडी से उनका रिश्ता पुराना और भावनात्मक है। उन्होंने यह भी साफ किया कि उनकी यह नई पारी सत्ता की राजनीति से ज्यादा विचारधारा और पुराने संबंधों से जुड़ी है।
NDA में ही रहेंगे केसी त्यागी
हालांकि पार्टी बदलने के बावजूद केसी त्यागी पूरी तरह से एनडीए से बाहर नहीं हुए हैं। आरएलडी खुद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का हिस्सा है, ऐसे में उनका सियासी ठिकाना बदला है, लेकिन गठबंधन नहीं।
दिलचस्प बात यह है कि आरएलडी पहले से ही केसी त्यागी को अपने साथ जोड़ना चाहती थी। हाल ही में उनकी किताब के विमोचन कार्यक्रम में जयंत चौधरी मुख्य अतिथि थे। उस दौरान उन्होंने कहा था कि हर पार्टी को केसी त्यागी जैसे अनुभवी नेता की जरूरत होती है। केसी त्यागी का यह कदम सिर्फ पार्टी बदलने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उत्तर भारत की राजनीति में नए समीकरण भी बना सकता है।



