Astrological Remedies for Saturn Moon: अप्रैल 2026 की शुरुआत ज्योतिषीय दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, 31 मार्च की रात चंद्रमा सिंह राशि से निकलकर कन्या राशि में गोचर करेंगे.
इस दौरान शनि पहले से ही मीन राशि में स्थित रहेंगे. ऐसे में शनि और चंद्रमा एक-दूसरे से सातवें भाव में होंगे, जिससे समसप्तक योग का निर्माण होगा. ज्योतिष में शनि और चंद्रमा का यह संबंध कई बार विष योग जैसी स्थिति भी पैदा कर देता है, जो मानसिक तनाव, अस्थिरता और जीवन में बाधाओं का संकेत देता है. ऐसे में कुछ राशियों को अप्रैल की शुरुआत में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है.
क्या है समसप्तक योग?
जब दो ग्रह एक-दूसरे से ठीक सातवें भाव में स्थित होते हैं, तो उसे समसप्तक योग कहा जाता है. यह स्थिति जीवन में संतुलन की परीक्षा लेती है. खासकर जब इसमें शनि और चंद्रमा शामिल हों, तो मानसिक और भावनात्मक चुनौतियां बढ़ सकती हैं.
इन राशियों को रहना होगा सतर्क
मेष राशि
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, अप्रैल की शुरुआत मेष राशि वालों के लिए थोड़ी तनावपूर्ण रह सकती है. काम का दबाव बढ़ सकता है. मानसिक अशांति बनी रह सकती है. पारिवारिक मामलों में विवाद की स्थिति बन सकती है. इसलिए किसी भी निर्णय को जल्दबाजी में न लें और क्रोध पर नियंत्रण रखें.
सिंह राशि
चंद्रमा का आपकी ही राशि से निकलना भावनात्मक उतार-चढ़ाव ला सकता है. आत्मविश्वास में कमी महसूस हो सकती है. रिश्तों में गलतफहमी बढ़ सकती है. आर्थिक मामलों में सावधानी जरूरी. धैर्य रखें और किसी पर भी आंख बंद करके भरोसा न करें.
तुला राशि
तुला राशि वालों के लिए यह समय मानसिक रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकता है. बेवजह की चिंताएं परेशान कर सकती हैं. काम में मन नहीं लगेगा. नींद और स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है. योग और ध्यान को दिनचर्या में शामिल करें.
क्या करें उपाय?
हर सोमवार शिवलिंग पर जल अर्पित करें.
ओम नमः शिवाय मंत्र का जाप करें.
शनिवार के दिन गरीबों को काली वस्तु दान करें.
चंद्रमा को मजबूत करने के लिए दूध या चावल का दान करें.



