सऊदी अरब की राजधानी रियाद से एक चिंताजनक खबर सामने आ रही है, जहां महाराष्ट्र के जालना जिले के भोकरदन के रहने वाले 41 भारतीय नागरिक पिछले कुछ समय से फंसे हुए हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की कार्यकारी अध्यक्ष और सांसद सुप्रिया सुले ने केंद्र सरकार से मदद की गुहार लगाई है।
क्या है पूरा मामला?
सुप्रिया सुले ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि ये सभी यात्री महाराष्ट्र के भोकरदन क्षेत्र के निवासी हैं। वे रियाद से मुंबई लौटने के लिए तैयार थे, लेकिन अंतिम समय पर अकासा एयर (Akasa Air) की उनकी उड़ान अचानक रद्द कर दी गई। विमान सेवा रद्द होने के कारण इन यात्रियों के पास न तो घर लौटने का कोई विकल्प बचा है और न ही वहां रुकने की कोई ठोस व्यवस्था है।
सुप्रिया सुले का सरकार को संदेश
सांसद सुले ने इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, सऊदी अरब में स्थित भारतीय दूतावास और विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल को टैग करते हुए ट्वीट किया। उन्होंने मांग की है कि इन नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और उन्हें जल्द से जल्द भारत वापस लाने के लिए तत्काल राजनयिक कदम उठाए जाएं। सुप्रिया सुले ने जोर देते हुए कहा कि यह केवल एक फ्लाइट कैंसिल होने का तकनीकी मुद्दा नहीं है, बल्कि हमारे नागरिकों की सुरक्षा और उनके मानवाधिकारों का सवाल है। प्रशासन को सभी बाधाओं को हटाकर उन्हें सुरक्षित स्वदेश लाना चाहिए।
प्रभावित यात्रियों की सूची
सांसद सुप्रिया सुले ने पारदर्शिता और पहचान के लिए यात्रियों की पूरी सूची भी सार्वजनिक की है। फंसे हुए लोगों में आफरीन बेगम, शेख तालेब, सिकंदर खान, हसीना बेगम, शेख अनवर, अमजद खान, आसमा शेख, सुरेय्या बी, सीमा बेगम, जमीला बेगम, रफीक सईद कादरी और कई अन्य शामिल हैं। सूची में महिलाएं और छोटे बच्चे (जैसे एमएसटीआर जकवान और मिस आयशा) भी शामिल हैं, जो इस स्थिति में सबसे अधिक परेशान हो रहे हैं।
परिजनों की बढ़ी चिंता
इधर महाराष्ट्र में इन यात्रियों के परिजनों की नींद उड़ी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि विदेशी जमीन पर इस तरह अचानक फंस जाना डरावना है। परिजनों ने सरकार से अपील की है कि उनके अपनों को रियाद से निकालने के लिए वैकल्पिक फ्लाइट या विशेष व्यवस्था की जाए। फिलहाल, हर किसी की नजरें विदेश मंत्रालय के अगले कदम पर टिकी हैं।



