बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने महिला आरक्षण पर कहा कि नारी शक्ति आरक्षण का अपमान और धोखा हुआ है. उन्होंने कहा कि विपक्ष के लोग खुशी मना रहे थे. लालू प्रसाद पहले भी बिल फड़वाने का काम करते थे.
उन्होंने कहा कि ये लोग चाहते हैं कि अपने घर की बेटी सांसद बन जाए लेकिन, दूसरा कोई न बने. राहुल गांधी की बहन सांसद बने लेकिन उत्तर प्रदेश से कोई दूसरा न बने. अखिलेश यादव की पत्नी सांसद बने लेकिन सबको यह मौका न मिले. यही कोशिश की गई है. सम्राट चौधरी ने कहा कि तीन बिल आना था, तीनो का विरोध किया गया.
आज विधानसभा में मात्र 29 महिला विधायक है यह बिल पास हो जाता तो कम से कम 129 विधायक होतीं. उन्होंने कहा कि महिलाओं को ऑक्स फीसदी आरक्षण पंचायती राज और नगर निगम में महिलाओं को दिया गया. बिहार में पचास फीसदी आरक्षण महिलाओं को है लेकिन 59 फीसदी महिलाएं स्थानीय निकाय में हैं. उन्होंने कहा कि 816 में से 272 महिला सांसद बनकर देश में राज करतीं. उन्होंने कहा कि देश को बनाने आएं है लगातार हिंदुस्तान की चिंता कर रहे हैं लेकिन कुछ लोग बाहर की चिंता करते हैं.
‘BJP की बुरी नीयत की भी हार’
SP प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि लोगों के बढ़ते विरोध और गुस्से से ध्यान भटकाने के लिए, वे एक तथाकथित ‘महिला आरक्षण बिल’ लेकर आए थे. उन्होंने कहा कि इस बिल की हार, BJP की हार है. यह BJP की बुरी नीयत की भी हार है. BJP के सभी प्रयास और बिल या तो सिर्फ कुछ लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए होते हैं या फिर समाज को बांटने के लिए.
अखिलेश यादव ने कहा कि इस बिल के ज़रिए, इस बार BJP महिलाओं की एकता को तोड़ना और उन्हें धोखा देना चाहती थी. लेकिन विपक्ष की एकता ने BJP की इस योजना को नाकाम कर दिया. यह BJP के खिलाफ, विपक्ष के नेतृत्व में चली सक्रिय जन-जागरूकता की जीत है. इस ‘महिला आरक्षण बिल’ के ज़रिए, BJP ‘नारी’ को सिर्फ़ एक ‘नारा’ बनाने की कोशिश कर रही थी.



