तनावपूर्ण स्थिति का सामना
ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अपनी सख्ती बढ़ा दी है, जिससे वहां का माहौल तनावपूर्ण हो गया है। इस बीच, भारतीय ध्वज वाला तेल टैंकर ‘देश गरिमा’ इस समुद्री मार्ग से सुरक्षित निकलने में सफल रहा।
हालांकि, सभी जहाजों के लिए स्थिति सामान्य नहीं थी। टैंकरट्रैकर्सडॉटकॉम और यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस की रिपोर्ट के अनुसार, ओमान के निकट ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की नौकाओं ने गोलीबारी की। इस घटना के बाद, कई जहाजों को जैसे कि देश वैभव, देश विभोर, सनमार हेराल्ड और जग अर्नव को अपना मार्ग बदलना पड़ा या वापस लौटना पड़ा।
भारत की कड़ी प्रतिक्रिया
इस घटना को गंभीरता से लेते हुए, भारतीय विदेश मंत्रालय ने ईरान में तैनात अपने राजदूत को तलब किया। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने भारतीय जहाजों पर हुई गोलीबारी को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की। राहत की बात यह है कि सभी टैंकर और उनके चालक दल सुरक्षित हैं, लेकिन भारत ने स्पष्ट किया है कि वह अपने व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा के मामले में कोई समझौता नहीं करेगा।
विदेश मंत्रालय का रुख
विदेश मंत्रालय ने यह स्पष्ट किया है कि भारत हमेशा से नाविकों और व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा को प्राथमिकता देता आया है। भारत ने ईरान को याद दिलाया कि अतीत में ईरान ने भारतीय जहाजों को सुरक्षित मार्ग प्रदान करने में सहयोग किया है।
विदेश सचिव ने ईरानी राजदूत से अनुरोध किया कि वे तेहरान को भारत की चिंताओं से अवगत कराएं और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से भारतीय जहाजों की आवाजाही को जल्द से जल्द सुरक्षित और सामान्य बनाने के लिए उचित कदम उठाएं। ईरानी राजदूत ने भारत को आश्वासन दिया है कि वे इन चिंताओं को अपनी सरकार तक पहुंचाएंगे।
फारस की खाड़ी में जहाजों की स्थिति
आंकड़ों के अनुसार, ‘देश गरिमा’ मार्च की शुरुआत से गुजरने वाला 10वां भारतीय जहाज था। वर्तमान में फारस की खाड़ी में भारतीय ध्वज वाले 14 जहाज मौजूद हैं।



