ईरान वॉर की वजह से देशभर में चल रही फ्यूल की किल्लतों का प्रभाव हर सेक्टर में पड़ रहा है. इसी कड़ी में लुफ्थांसा एयरलाइंस भी अपनी हजारों उड़ानें रद्द करने की प्लानिंग कर रही है.
यूएस- ईरान के युद्ध के बीच दुनियाभर में ईंधन कमी नजर आ रही है. इसी के चलते दिन पर दिन इसकी कीमतों में भी इजाफा हो रहा है, जिसका असर अब एविएशन इंडस्ट्री में भी दिखाई देने लगा है. बीते कुछ समय पहले जहां एक एयरलाइंस को लेक छंटनी की बात सामने आई थी, तो वहीं अब खबरें हैं कि लुफ्थांसा एयरलाइंस ने भी अपनी हजारों फाइट्स रद्द करने का फैसला कर लिया है.
रद्द होंगी 20 हजार फ्लाइट्स
जर्मनी की सबसे प्रमुख और बड़ी एयरलाइंस लुफ्थांसा, जो 100 से भी ज्यादा देशों में सालों से अपनी सेवाएं दे रही है, लगता है अब मुश्किल हालातों से गुजर रही है. खबरें हैं कि एयरलाइंस ने फैसला किया है कि वो अपनी 20 हजार उड़ानें रद्द करने वाली हैं. इस गर्मियों के मौसम में ये एयरलाइंस अपने छोटे रूट्स की उड़ानें रद्द करने का मन बना चुकी है. ये फैसला प्लेन में डलने वाले फ्यूल (एयरलाइंस टर्बाइन फ्लूय) की बढ़ती कीमतों की वजह से लिया गया है.
इस कदम से होगी बचत?
एयरलाइंस द्वारा उठाए गए इस कदम से ग्रुप की कुल कैपेसिटी में, एवेलेबल सीट किलोमीटर (ASK) के हिसाब से 1% से भी कम की मामूली कमी आएगी. हालांकि, लागत पर इसका महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ेगा. लुफ्थांसा का अनुमान है कि अक्टूबर तक जेट फ्यूल में 40,000 मीट्रिक टन से भी ज्यादा की बचत होगी.
यात्रियों को करना होगा परेशानी का सामना
इस बदलाव का पहला चरण शुरू हो गया है. 31 मई तक हर रोज लगभग 120 उड़ानें रद्द की जा रही हैं और प्रभावित यात्रियों को इसकी सूचना दे दी गई है. कई रूट्स इस एयरलाइंस के शेड्यूल से टेम्पररी तौर पर हटा ही दिए गए हैं. हालांकि एयरलाइंस के इस कदम से यात्रियों को थोड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा. लेकिन फिलहाल के हालातों को देखते हुए ही मैनेजमेंट ने ये फैसला किया है. आने वाले समय में और भी बदलाव देखे जा सकते हैं.



