Gold Prices India: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से एक साल तक सोना ना खरीदने की अपील की है. आइए जानते हैं क्या इससे सोने की कीमत में गिरावट देखने को मिलेगी.
भारतीय घरों में सोने की हमेशा खास जगह रही है. भले ही वह गहनों के रूप में हो या फिर निवेश के रूप में. लेकिन भारत दुनिया के सबसे बड़े सोने के आयातकों में से भी एक है. भारत घरेलू मांग को पूरा करने के लिए हर साल अरबों डॉलर खर्च करता है. हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिकों से 1 साल तक सोना ना खरीदने की अपील की है. मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के दौरान प्रधानमंत्री की यह अपील आई है. इसी बीच आइए जानते हैं कि अगर भारतीय 1 साल तक सोना ना खरीदें तो क्या सोने की कीमतें गिर जाएंगी.
वैश्विक सोने की मांग में भारत का हिस्सा लगभग एक चौथाई है. अगर भारतीय उपभोक्ता अचानक सोना खरीदना बंद कर दें तो लंदन और न्यूयॉर्क जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मांग में भारी गिरावट देखी जा सकती है. इससे वैश्विक कीमतें नीचे गिर सकती हैं.
भारत के अंदर खरीद कम होने से स्थानीय जौहरियों और व्यापारियों पर दबाव कम होने की संभावना है. मांग में कमी आने से घरेलू सोने की कीमतें मौजूदा स्तरों की तुलना में सस्ती हो सकती हैं.

भारत अपनी खपत का 90% से ज्यादा सोना आयात करता है. खरीद में भारी कमी से विदेशी मुद्रा भंडार में अरबों डॉलर की बचत हो सकती है. इससे देश की अर्थव्यवस्था पर दबाव कम होगा.

क्योंकि सोने के आयात के लिए अमेरिकी डॉलर में बड़े भुगतान की जरूरत होती है इस वजह से आयात कम होने से डॉलर की मांग कम हो जाएगी. इससे भारतीय रुपया मजबूत हो सकता है. इसके बाद कच्चा तेल, पेट्रोल और डीजल जैसे दूसरे आयात भी सस्ते हो जाएंगे.
सोने के आयात में गिरावट से देश का आयात बिल कम हो जाएगा. इसके बाद अनिश्चित वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों के दौरान भारत के करंट अकाउंट डेफिसिट और वित्तीय स्थिरता को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी.
अगर लोग सोना खरीदने से बचते हैं तो घरेलू बचत की बड़ी रकम बैंक जमा, म्युचुअल फंड, शेयर बाजार और व्यवसाय की तरफ जा सकती है. इससे अर्थव्यवस्था के लिए लिक्विडिटी और विकास के अवसर मिल सकते हैं.



