केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वें वेतन आयोग को लेकर हुई बैठक में सैलरी, पेंशन, प्रमोशन और भत्तों समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई.
8th Pay Commission Update: केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वें वेतन आयोग को लेकर बड़ी बैठक हुई है. इस बैठक में सैलरी, पेंशन, प्रमोशन, भत्ते और कर्मचारियों की कई जरूरी मांगो पर चर्चा की गई. इसकी वजह से अब लाखों कर्मचारियों और रिटायर्ड लोगों की उम्मीदें फिर बढ़ गई हैं. 11 मई 2026 को नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NCJCM) की 49वीं बैठक कैबिनेट सचिव टी.वी सोमनाथन की अध्यक्षता में हुई. इस बैठक में कर्मचारी यूनियनों और सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने कई जरूरी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की.
बैठक में कौन-कौन शामिल हुआ?
बता दें कि इस बैठक में रेलवे बोर्ड के चेयरमैन, व्यय सचिव, कार्मिक सचिव, डाक विभाग सचिव, शिक्षा सचिव, स्वास्थ्य सचिव समेत कई बड़े अधिकारी मौजूद रहे. वहीं कर्मचारियों की तरफ से शिव गोपाल मिश्रा, एम राघवैय्या, डॉ. एन.कनैय्या समेत कई प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया.
बैठक में क्या-क्या मुद्दे उठे?
इस बैठक में कर्मचारियों ने 8वें वेतन आयोग से जुड़े कई जरूरी मुद्दे उठाए. इनमें शामिल हैं…
न्यूनतम वेतन
फिटमेंट फैक्टर
इंक्रीमेंट रेट
प्रमोशन पॉलिसी
भत्ते
पेंशन से जुड़े मामले
NPS और UPS की वापसी
मौजूदा पेंशनर्स की मांगें
इसके साथ ही कर्मचारी यूनियनों ने सरकार से मांग की कि 8वें वेतन आयोग के कामकाज के दौरान नियमित बातचीत रखी जाए.
बैठकों में अनियमितता पर जताई नाराजगी
कर्मचारी प्रतिनिधियों ने कहा कि JCM नियमों के मुताबिक, हर साल 3 बैठके होनी चाहिए, लेकिन 60 साल में केवल 49 बैठकें ही हुई हैं. उन्होंने नियमित बैठकें कराने की मांग की.
मेडिकल और CGHS से जुड़े मुद्दे
इस बैठक में कर्मचारियों ने CGHS और मेडिकल खर्चों की पूरी प्रतिपूर्ति की मांग की है. हियरिंग एड, डेंटल इम्प्लांट और डेन्चर जैसे खर्चों को भी कवर करने की बात कही गई. कैबिनेट सचिव ने इन मामलों पर 3 महीने के अंदर फैसला लेने के निर्देश दिए.
पेंशनर्स के लिए बड़ी मांग
कर्मचारी यूनियनों ने हर 5 साल में पेंशन बढ़ाने की मांग की. साथ ही Fixed Medical Allowance को बढ़ाकर 3 हजार रुपये प्रति माह करने की मांग रखी गई.
परिवारिक पेंशन में बदलाव की मांग
यूनियनों ने परिवार की परिभाषा बदलकर विधवा और आश्रित बहुओं को भी फैमिली पेंशन के दायरे में शामिल करने की मांग की.
OPS को लेकर भी चर्चा
कर्मचारी संगठनों ने मांग की कि 22 दिसंबर 2003 से पहले निकली भर्तियों वाले कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना यानी OPS का लाभ दिया जाए.
प्रमोशन में देरी पर चिंता
इसी के साथ ही कई विभागों में प्रमोशन में 3 से 5 साल की देरी पर चिंता जताई गई. कैबिनेट सचिव ने समय पर DPC कराने के निर्देश देने की बात कही.
आउटसोर्सिंग पर सवाल
वहीं यूनियनों ने कहा कि कई विभागों में स्थायी भर्ती की जगह आउटसोर्सिंग बढ़ रही है. उन्होंने खाली पदों पर नियमित भर्ती की मांग की है. कर्मचारी संगठनों ने 5 प्रतिशत सीमा हटाने और ज्यादा नियुक्तियां देने की मांग की. कैबिनेट सचिव ने साफ किया कि अनुकंपा नियुक्तियों को रोका नहीं जा सकता है.
कर्मचारियों को क्या उम्मीद?
इस बैठक के बाद उम्मीद है कि 8वें वेतन आयोग में कर्मचारियों की कई मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा. खासकर सैलरी, पेंशन, मेडिकल सुविधा और प्रमोशन से जुड़े फैसले लाखों कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत ला सकते हैं.



