NEET UG Paper Leak: नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में सीबीआई जांच में बड़ा खुलासा हुआ है. सूत्रों के मुताबिक लातूर के प्रोफेसर कुलकर्णी पिछले पांच वर्षों से NTA के लिए पेपर तैयार करने में शामिल थे.
नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे बड़े खुलासे सामने आ रहे हैं. अब इस मामले की आंच सीधे नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) तक पहुंचती दिखाई दे रही है. सीबीआई सूत्रों के मुताबिक, लातूर के प्रोफेसर कुलकर्णी पिछले पांच साल से NTA के लिए पेपर तैयार करने का काम कर रहे थे. जांच एजेंसी को शक है कि पेपर लीक नेटवर्क में सिर्फ बाहरी लोग ही नहीं, बल्कि NTA के अंदर के कुछ कर्मचारी और अधिकारी भी शामिल हो सकते हैं.
प्रोफेसर कुलकर्णी सहित कई लोग CBI के रडार पर, पुणे से हुई प्रोफेसर कुलकर्णी की गिरफ्तारी, छात्रों को पहले ही लिखवाए गए थे सही जवाब, चार साल पहले हुए थे रिटायर, कोचिंग सेंटर संचालक से भी पूछताछ’
सीबीआई सूत्रों के अनुसार, प्रोफेसर कुलकर्णी के अलावा दो अन्य प्रोफेसर भी जांच एजेंसी के रडार पर हैं. इसके साथ ही NTA के अंदर पेपर प्रक्रिया से जुड़े करीब 50 कर्मचारी और अधिकारियों की सूची भी सीबीआई के पास मौजूद है. सूत्रों का दावा है कि पेपर लीक मामले में NTA के अंदर के लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है और आने वाले दिनों में कुछ गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं.
सीबीआई टीम ने प्रोफेसर कुलकर्णी को पुणे स्थित उनके घर से गिरफ्तार किया है. अधिकारियों के मुताबिक, कुलकर्णी के पास प्रश्नपत्रों तक पहुंच थी और वह अपने घर पर विशेष कोचिंग क्लास चलाते थे. जांच में सामने आया है कि अप्रैल 2026 के अंतिम सप्ताह में कुलकर्णी ने आरोपी मनीषा वाघमारे की मदद से कुछ छात्रों को इकट्ठा किया था. मनीषा वाघमारे को सीबीआई पहले ही 14 मई को गिरफ्तार कर चुकी है.
सीबीआई अधिकारियों के मुताबिक, इन विशेष क्लासों के दौरान प्रोफेसर कुलकर्णी छात्रों को सवाल, उनके विकल्प और सही उत्तर बोलकर लिखवाते थे. बताया गया कि छात्रों ने इन सवालों को अपनी नोटबुक में हाथ से लिखा था और बाद में यही प्रश्न 3 मई को आयोजित नीट-यूजी 2026 परीक्षा के असली प्रश्नपत्र से पूरी तरह मेल खाते पाए गए.
अधिकारियों के अनुसार, प्रोफेसर कुलकर्णी चार साल पहले एक प्रतिष्ठित कॉलेज से रिटायर हुए थे. वह नीट परीक्षा के लिए रसायन विज्ञान विषय का प्रश्नपत्र तैयार करने वाली समिति में शामिल थे. गौरतलब है कि मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए 3 मई को नीट-यूजी 2026 परीक्षा आयोजित की गई थी. लेकिन पेपर लीक के आरोप सामने आने के बाद 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई थी. इसके बाद केंद्र सरकार ने पूरे मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी.
सीबीआई ने महाराष्ट्र के लातूर शहर के एक बड़े कोचिंग सेंटर के संचालक शिवराज मोटेगांवकर से भी पूछताछ की है. सीबीआई की टीम गुरुवार रात और शुक्रवार तड़के शिवनगर इलाके स्थित ओमकार रेजिडेंसी पहुंची, जहां रेनुकाई केमिस्ट्री क्लासेज (RCC) के निदेशक शिवराज मोटेगांवकर का घर है. जांच एजेंसी अब पेपर लीक नेटवर्क से जुड़े हर कड़ी को खंगालने में जुटी हुई है.



