Low Petrol Price: अमेरिका-ईरान तनाव के बीच देश में पेट्रोल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है और कई राज्यों में दाम 100 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच चुके है. जानिए कहा मिल रहा है सबसे सस्ता तेल.
अमेरिका ईरान के बीच जंग का असर पूरी दुनिया में देखा जा सकता है. इस जंग का सबसे ज्यादा असर सीएनजी, एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर पड़ा है. देश में पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी गाड़ी की रफ्तार से भी तेज आगे बढ़ रही है. हाल यह है कि बीते 8 दिनों में तीसरी बार पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है.
गौरतलब है कि, 15 मई को पेट्रोल में तीन-तीन रुपये प्रति लीटर, 19 मई को 90 पैसे प्रति लीटर और 23 मई को पेट्रोल में 87 पैसे की बढ़ोतरी की गई थी. वर्तमान में ज्यादातर राज्यों में पेट्रोल 100 रूपये प्रति लीटर से ज्यादा पहुंच चुका है. बावजूद अरुणाचल प्रदेश और अंडमान एंड निकोबार में अभी भी पेट्रोल की कीमत 100 रुपये से कम है.
ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, सबसे ज्यादा पेट्रोल की कीमत आंध्र प्रदेश में दर्ज की गई है, जहां पेट्रोल 117.88 प्रति लीटर तक पहुंच गया है. बावजूद इसके उलट सबसे कम कीमत अरुणाचल प्रदेश में 97.70 प्रति लीटर और अंडमान एंड निकोबार में 88.66 प्रति लीटर दर्ज की गई है. कम टैक्स रेट की वजह से यहां लोगों को बाकी राज्यों के मुकाबले पेट्रोल दरों पर छूट है. जो देश में ईंधन कीमतों की असमानता पर रोशनी डालता है.
कीमतों में क्यों होता है फर्क ?
दरअसल, पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी की मुख्य वजह राज्यों की तरफ से लगाया जाने वाला टैक्स है. जिससे लॉजिस्टिक और डीलर कमीशन पर असर पड़ता है. डबल तरीके से टैक्स वसूले जाने के बाद पेट्रोल की कीमतों बढ़ोतरी होगी ही. ऐसे में यह सिलसिला आगे भी बना रहा तो देश में पेट्रोल और महंगा हो जाएगा.
राज्यों में 100 रुपये प्रति लीटर से ज्यादा दाम
एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, जहां सबसे ज्यादा पेट्रोल दर बढ़ोतरी हुई है, वह राज्य आंध्र प्रदेश है. इसके साथ तेलंगाना, केरल, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात, महाराष्ट्र जैसे राज्यों में पेट्रोल के दाम 100 रूपये प्रति लीटर के भी पार हो चुकें है. साथ ही देश में ईंधन कीमतों की गैर बराबरी को दिखाता है.
एक्सपर्ट के अनुसार, फरवरी के आखिर से अब तक दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतों में 50 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है. इसकी वजह पश्चिम एशिया में तनाव और होर्मुज स्ट्रेट से सप्लाई पर बैन होने की आशंका है.



