एनटीए और सरकार की तरफ से सॉलसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि 21 जून को होने जा रही परीक्षा को बेहतर तरीके से करवाने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं.
नीट पेपर लीक मामले में दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई में सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में बताया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इस मामले पर नजर रख रहे हैं. शुक्रवार (29 मई, 2026) को सुप्रीम कोर्ट ने पेपर रद्द होने पर चिंता जताते हुए यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि परीक्षा अच्छी तरह से हो. इस पर सरकार ने बताया कि प्रधानमंत्री इस मामले को खुद देख रहे हैं.
नीट यूजी परीक्षा 3 मई को हुई थी, लेकिन पेपर लीक विवाद के कारण इसे रद्द कर दिया गया था. अब 21 जून को पूरे देश में एकसाथ फिर से परीक्ष होनी है. पेपर लीक मामले में कई मेडिकल स्टूडेंट्स और डॉक्टर्स ने याचिका दाखिल करके नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को रिप्लेस किए जाने की मांग की है. पिछली सुनवाई में जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने इन याचिकाओं पर नोटिस जारी करके एनटीए से जवाब मांगा था.
कोर्ट ने पूछा था कि 2024 के उसके आदेश के बाद बनाई गई उच्च स्तरीय कमेटी की ओर से दिए गए सुझावों पर अब तक क्या कदम उठाए गए हैं, जिससे NEET सिस्टम को मजबूत किया जा सके. हाई पावर्ड कमेटी के अध्यक्ष राधाकृष्णन (इसरो के पूर्व अध्यक्ष) व्यक्तिगत रूप से आज की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए. राधाकृष्णन ने बताया कि 2024 में कमेटी ने 60 सुझाव दिए थे, कई लागू हो चुके हैं और 2025 की परीक्षा सफलतापूर्वक हुई थी.
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि यह बहुत चिंता का विषय है कि छात्रों को ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ा. कोर्ट ने सरकार से कहा कि यह सुनिश्चित करें कि परीक्षा अच्छी तरह हो. केंद्र सरकार जवाब दाखिल करे.
एनटीए और सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए और उन्होंने कोर्ट को बताया कि 21 जून को होने जा रही परीक्षा को बेहतर तरीके से करवाने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं. कोर्ट अब जुलाई के दूसरे हफ्ते में इस मामले की सुनवाई करेगा.



