Home देश India Monsoon 2026 Update: उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, बिहार, झारखंड…गर्मी के कहर…

India Monsoon 2026 Update: उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, बिहार, झारखंड…गर्मी के कहर…

2
0

India Monsoon 2026 Update: IMD की तरफ से जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक इस साल भारत में मॉनसून सामान्य से कम रह सकता है. इस बीच देश के कई राज्यों में कम बारिश होगी और ज्यादा हीट वेव असर देखने को मिलेगा.

मौसम विभाग (IMD) ने शुक्रवार (29 मई 2026) को जारी नए अनुमान में कहा है कि इस साल देश में मॉनसून की बारिश सामान्य से कम रह सकती है. विभाग के मुताबिक, पूरे देश में इस बार मॉनसून की बारिश लॉन्ग पीरियड एवरेज (LPA) का करीब 90 प्रतिशत रहने की संभावना है. इससे पहले अप्रैल में IMD ने 92 प्रतिशत बारिश का अनुमान जताया था, लेकिन अब इसे और कम कर दिया गया है.

IMD ने बताया कि जून महीने से एल नीनो की कमजोर स्थिति बनने की संभावना है, जो मॉनसून सीजन के दूसरे हिस्से में और मजबूत हो सकती है. एल नीनो का असर आमतौर पर भारत में मॉनसून को कमजोर करने वाला माना जाता है. मौसम विभाग ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि पूरे देश में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की बारिश LPA के 90 प्रतिशत रहने का अनुमान है. इसमें मॉडल एरर प्लस माइनस 4 प्रतिशत रखा गया है. इसका मतलब है कि इस साल सामान्य से कम या कम बारिश होने की संभावना ज्यादा है. नॉर्थ-ईस्ट भारत में सामान्य बारिश हो सकती है. वहीं उत्तर-पश्चिम, मध्य और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में सामान्य से कम बारिश का अनुमान लगाया गया है.

कई राज्यों में सामान्य से ज्यादा हीट वेव– IMD

मौसम विभाग ने यह भी कहा है कि इस साल कई राज्यों में सामान्य से ज्यादा हीट वेव यानी लू वाले दिन देखने को मिल सकते हैं. जून 2026 के दौरान उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, बिहार, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, गुजरात और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में तेज गर्मी पड़ने की संभावना है. इसके अलावा महाराष्ट्र, तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश और तमिलनाडु के कुछ इलाकों में भी सामान्य से ज्यादा गर्मी रह सकती है.

सामान्य से कम बारिश होने की आशंका

अप्रैल में जारी पहले अनुमान में IMD ने कहा था कि इस साल मॉनसून सामान्य से कम रह सकता है और बारिश LPA के 92 प्रतिशत तक रहने की उम्मीद थी. भारत में 1971 से 2020 के बीच पूरे मॉनसून सीजन की औसत बारिश 87 सेंटीमीटर मानी जाती है. IMD के अनुसार देश के कई हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने की आशंका है. हालांकि नॉर्थ-ईस्ट, उत्तर-पश्चिम और दक्षिण भारत के कुछ इलाकों में सामान्य से ज्यादा बारिश हो सकती है.

भारत की अर्थव्यवस्था के लिए काफी अहम

मॉनसून का यह नया अनुमान भारत की अर्थव्यवस्था के लिए काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि देश की बड़ी आबादी खेती पर निर्भर है. कृषि मंत्रालय के मुताबिक, भारत की लगभग 51 प्रतिशत खेती बारिश पर निर्भर करती है और इससे कुल कृषि उत्पादन का करीब 40 प्रतिशत हिस्सा आता है. देश की लगभग 47 प्रतिशत आबादी अपनी रोजी-रोटी के लिए खेती पर निर्भर है. अगर मॉनसून कमजोर रहता है तो इसका असर ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है. इससे खेती की लागत बढ़ सकती है, फसल उत्पादन कम हो सकता है और खाने-पीने की चीजों की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है. पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के कारण ऊर्जा और खाद की सप्लाई पर भी असर पड़ने की आशंका बनी हुई है.

एल नीनो की स्थिति कब मजबूत हो सकती?

भारत में पिछली बार 2023 में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई थी. उस समय भी एल नीनो का असर था और पूरे मॉनसून सीजन में देश में LPA का 94 प्रतिशत बारिश हुई थी. मॉनसून मिशन क्लाइमेट फोरकास्ट सिस्टम के अनुसार जुलाई, अगस्त और सितंबर के दौरान एल नीनो की स्थिति और मजबूत हो सकती है.