CBSE बोर्ड ने री-वैल्यूएशन और वेरिफिकेशन प्रक्रिया को लेकर बड़ा अपडेट जारी किया है. अब तक 40 हजार छात्र आवेदन कर चुके हैं.जानिए लास्ट डेट और जरूरी नियम.
CBSE बोर्ड की ओर से शुरू की गई री-वैल्यूएशन और उत्तर पुस्तिका वेरिफिकेशन प्रक्रिया में छात्रों की अच्छी भागीदारी देखने को मिल रही है. बोर्ड के मुताबिक 3 जून की सुबह तक करीब 40 हजार छात्र बिना किसी बड़ी दिक्कत के ऑनलाइन आवेदन कर चुके हैं. CBSE का कहना है कि पोर्टल सुचारू रूप से काम कर रहा है और छात्रों की सुविधा के लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है.
40 हजार छात्रों ने कराया आवेदन
CBSE के अनुसार री-वैल्यूएशन और उत्तर पुस्तिका में संभावित त्रुटियों की जांच के लिए बड़ी संख्या में छात्र आवेदन कर रहे हैं. बोर्ड ने बताया कि अब तक लगभग 40 हजार छात्रों ने आवेदन प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी कर ली है. इससे पता चलता है कि छात्रों में अपने परिणामों को लेकर पारदर्शिता की मांग लगातार बढ़ रही है.
भुगतान के लिए कई विकल्प उपलब्ध
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि आवेदन शुल्क जमा करने के लिए छात्रों को किसी खास बैंक में खाता खोलने की जरूरत नहीं है.भुगतान UPI, नेट बैंकिंग, डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड के जरिए किया जा सकता है. अलग-अलग बैंकों के पेमेंट गेटवे छात्रों के लिए उपलब्ध कराए गए हैं ताकि भुगतान प्रक्रिया आसान बनी रहे.
6 जून तक खुला रहेगा पोर्टल
CBSE ने री-वैल्यूएशन और वेरिफिकेशन के लिए ऑनलाइन पोर्टल 2 जून से शुरू किया है. छात्र 6 जून 2026 की रात तक आवेदन कर सकते हैं.बोर्ड ने साफ किया है कि लास्ट डेट के बाद किसी भी तरह का आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा और ऑफलाइन आवेदन की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है.
किन समस्याओं की शिकायत कर सकते हैं छात्र
अगर किसी छात्र को अपनी स्कैन की गई उत्तर पुस्तिका में कोई गड़बड़ी दिखाई देती है तो वह इसकी शिकायत दर्ज करा सकता है. इसमें पन्ने गायब होना, सप्लीमेंट्री शीट का न होना, ग्राफ या मैप का छूट जाना, धुंधली स्कैन कॉपी या गलत उत्तर पुस्तिका अपलोड होने जैसी समस्याएं शामिल हैं.
कितना लगेगा शुल्क
आंसर शीट में तकनीकी या अन्य गलतियों की जांच के लिए 100 रुपये प्रति उत्तर पुस्तिका शुल्क निर्धारित किया गया है. वहीं किसी प्रश्न के री-वैल्यूएशन के लिए छात्रों को 25 रुपये प्रति प्रश्न के हिसाब से शुल्क देना होगा.
छात्र इन बातों का रखें विशेष ध्यान
CBSE ने छात्रों को सलाह दी है कि आवेदन जमा करने से पहले सभी जानकारी अच्छी तरह जांच लें.एक बार आवेदन फ्रीज करके भुगतान करने के बाद उसमें किसी तरह का बदलाव नहीं किया जा सकेगा. आवेदन तभी सफल माना जाएगा जब ऑनलाइन भुगतान पूरा हो जाएगा.
आधार वेरीफिकेशन जरूरी
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बोर्ड ने आधार आधारित लॉगिन और सत्यापन प्रक्रिया लागू की है. छात्रों को आवेदन करने के लिए आधार नंबर के जरिए पोर्टल पर लॉगिन करना होगा. बोर्ड का मानना है कि इससे फर्जी गतिविधियों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी.
CBSE ने बताया कि हाल के दिनों में पोर्टल को प्रभावित करने की कोशिश की गई थी, लेकिन तकनीकी टीमों ने स्थिति को संभालते हुए सेवाओं को सामान्य बनाए रखा. साथ ही छात्रों की सुविधा के लिए कई तकनीकी सुधार भी किए गए हैं.



