ममता बनर्जी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. बंगाल चुनाव में मिली हार के बाद अब उनको पार्टी के भीतर ही बगावत का सामना करना पड़ रहा है. ममता बनर्जी की पार्टी में बड़ी टूट होने की आशंका के बीच सूत्रों के मुताबिक बागी विधायकों ने स्पीकर से मिलकर टीएमसी पर दावा ठोका है. टीएमसी में टूट की चर्चा तब तेज हुई, जब शुभेंदु सरकार में मंत्री तपस रॉय ने सोशल मीडिया पोस्ट पर दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) में बड़ी टूट हो सकती है और स्थिति महाराष्ट्र जैसी बन सकती है.
तपस रॉय ने मंगलवार (2 जून) को दावा किया कि विपक्षी पार्टी तृणमूल कांग्रेस में महाराष्ट्र जैसी टूट होने के संकेत दिखाई दे रहे हैं. विधानसभा के बाहर पत्रकारों से बातचीत में रॉय ने दावा किया कि तृणमूल ने कई ऐसे लोगों को शामिल किया, जिनका राजनीति से ज्यादा सरोकार नहीं था.उन्होंने दावा किया कि अब पार्टी के अंदरूनी मतभेद और अंतर्विरोध सतह पर दिखाई देने लगे हैं.
उधर टीएमसी के सीनियर विधायक शोभनदेब चट्टोपाध्याय ने कहा था कि पार्टी के ज्यादातर विधायक ममता बनर्जी के साथ बने रहेंगे और संगठन की कमान वरिष्ठ नेताओं के हाथों में ही रहेगी. उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ पार्टी द्वारा विपक्ष को अस्थिर करने और दल-बदल को बढ़ावा देने की कोशिशें की जा रही हैं, लेकिन तृणमूल कांग्रेस पूरी तरह एकजुट है.
बागी गुट के नेता माने जाने वाले निष्कासित टीएमसी विधायक रीताब्रता बनर्जी ने आरोप लगाया कि पार्टी का नियंत्रण अब ‘आई-पैक’ के हाथों में चला गया है और इसका संचालन ममता बनर्जी नहीं कर रही हैं. रीताब्रता बनर्जी ने विधानसभा परिसर के बाहर यह टिप्पणी की. सदन की कार्यवाही नहीं होने के बावजूद उनके विधानसभा पहुंचने से राजनीतिक अटकलों को और बल मिला.



