छत्तीसगढ़ में अगले पांच दिनों तक अंधड़, गरज-चमक और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून अगले 2-3 दिनों में राज्य के कुछ हिस्सों में प्रवेश कर सकता है. इस बीच कोरबा में पेड़ गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई और उसकी पत्नी घायल हुई. कांकेर में पेड़ और बिजली पोल गिरे, जबकि मुंगेली में तेज हवा से शराब दुकान का शेड उड़ गया.
भीषण गर्मी और उमस से जूझ रहे छत्तीसगढ़ के लोगों को अब राहत मिलने वाली है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार राज्य में दक्षिण-पश्चिम मानसून की एंट्री के लिए परिस्थितियां तेजी से अनुकूल हो रही हैं. मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो से तीन दिनों में मानसून छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में पहुंच सकता है. इसके साथ ही बस्तर से लेकर कोरबा और सरगुजा तक मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है. विभाग ने अगले पांच दिनों तक राज्य के विभिन्न जिलों में गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना जताई है. मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्री-मानसून और मानसून की संयुक्त सक्रियता होगी, जिससे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी.
पिछले कुछ दिनों से रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और आसपास के इलाकों में शाम के समय बादल, तेज हवाएं और हल्की बारिश देखने को मिली है. मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और अनुकूल वायुमंडलीय परिस्थितियों के कारण राज्य में बारिश की गतिविधियां लगातार बढ़ेंगी. कई जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. बिजली गिरने और गरज-चमक की घटनाओं को देखते हुए किसानों, ग्रामीण क्षेत्रों के निवासियों और खुले में काम करने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है.
मौसम विभाग के अनुसार राज्य के अधिकांश हिस्सों में अगले पांच दिनों तक बारिश और आंधी की गतिविधियां बनी रह सकती हैं. कुछ स्थानों पर मध्यम से तेज बारिश भी दर्ज की जा सकती है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून की प्रगति के साथ बारिश का दायरा और बढ़ेगा.
मौसम विभाग की जिला स्तरीय चेतावनी के अनुसार बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा, कोंडागांव, रायपुर, महासमुंद, गरियाबंद, बिलासपुर, कोरबा, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, जशपुर, सरगुजा, सूरजपुर और बलरामपुर समेत कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना है. इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं.
मानसून की दस्तक खरीफ सीजन के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है. धान प्रधान राज्य छत्तीसगढ़ में किसान लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे हैं. बारिश शुरू होने से खेतों की तैयारी और बुवाई कार्यों को गति मिलेगी. हालांकि मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि तेज हवाओं और बिजली गिरने की आशंका के दौरान खेतों में काम करने से बचें.
पिछले सप्ताह राज्य के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया गया था. मानसूनी गतिविधियों के बढ़ने के बाद अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज हो सकती है. इससे लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है.
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी में नमी की उपलब्धता, निम्न दबाव के प्रभाव और दक्षिण-पश्चिम मानसून की तेज प्रगति के कारण छत्तीसगढ़ में मानसून के प्रवेश की स्थितियां मजबूत हुई हैं. IMD ने कहा है कि अगले दो से तीन दिनों में मानसून राज्य के कई हिस्सों में आगे बढ़ सकता है.
मौसम विभाग और जिला प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले मैदानों से दूर रहने की अपील की है. तेज हवा और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी गई है. ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए हैं.



