NEET पेपर लीक विवाद के बीच, ‘कोकरोच जनता पार्टी’ के प्रमुख अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर हाल ही में हुई आत्महत्या की घटनाओं के संबंध में एक अहम मांग की है। पत्र में दीपके ने प्रधानमंत्री से आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को ₹1 करोड़ का मुआवज़ा देने का आग्रह किया है। साथ ही, शिक्षा व्यवस्था में विफलता का आरोप लगाते हुए दीपके ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े या उन्हें पद से हटाने की मांग की है।
दीपके ने क्या लिखा?
कोकरोच जनता पार्टी के प्रमुख अभिजीत दीपके ने अपने पत्र में लिखा, “मैं आज भारी मन से आपको यह पत्र लिख रहा हूँ ताकि आपका ध्यान एक गंभीर संकट की ओर आकर्षित कर सकूँ जो हमारे देश के भविष्य को खतरे में डाल रहा है और हमारे युवा छात्रों के जीवन और मानसिक स्वास्थ्य को जोखिम में डाल रहा है।”
दीपके ने अपने पत्र में दावा किया है कि पिछले एक हफ़्ते में 11 NEET उम्मीदवारों ने आत्महत्या की है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इनमें से पाँच दिल दहला देने वाली घटनाएँ पिछले 48 घंटों में हुई हैं। दीपके ने आरोप लगाया है कि परीक्षा से जुड़े बार-बार होने वाले विवादों के कारण छात्रों का भरोसा उठ गया है और कई छात्र भारी मानसिक दबाव का सामना कर रहे हैं।
आर्थिक तंगी का सामना कर रहे प्रभावित परिवार
दीपके ने लिखा, “पिछले दो महीनों में, मैं व्यक्तिगत रूप से कई ऐसे शोक संतप्त परिवारों से मिला हूँ जिनके बच्चों ने आत्महत्या की है। बच्चे को खोने के असहनीय भावनात्मक सदमे के अलावा, ये परिवार अब गंभीर और तेज़ी से बिगड़ती आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं।
बेहतर भविष्य की तलाश में, कई परिवारों ने अपने बच्चों के सपनों को पूरा करने के लिए भारी-भरकम शिक्षा ऋण लिया था – ऐसे सपने जो व्यवस्थागत विफलताओं के कारण बेरहमी से टूट गए। जिन बच्चों की शिक्षा पर उन्होंने अपनी जीवन भर की बचत लगाई थी, उन्हें खोने के बाद ये परिवार पूरी तरह से बेसहारा हो गए हैं। सरकार को तत्काल राहत प्रदान करने के लिए आगे आना चाहिए। हमारी मांग है कि आपका प्रशासन परीक्षा पेपर लीक के बढ़ते संकट के कारण आत्महत्या करने वाले प्रत्येक छात्र के परिवार को ₹1 करोड़ का मुआवज़ा दे।”
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग
अभिजीत दीपके ने सरकारी जवाबदेही के लिए अपनी पार्टी की मांग को दोहराया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग की। उन्होंने लिखा, “पिछले एक महीने से, ‘कोकरोच जनता पार्टी’ शिक्षा मंत्री के इस्तीफ़े की मांग कर रही है और इन मांगों को लेकर देश भर में विरोध प्रदर्शन कर रही है। छात्रों के तौर पर हमारी एकमात्र मांग यह है कि जान-माल के नुकसान के लिए ज़िम्मेदारी तय की जाए।” अभिजीत दीपके ने आगे कहा, “इन परीक्षाओं को लेकर बार-बार सिस्टम की नाकामी, कुप्रबंधन और बहुत ज़्यादा चिंता हमारे शिक्षा तंत्र के ढहने की ओर इशारा करती है। इसलिए, हम आपसे विनम्र अनुरोध करते हैं कि शिक्षा मंत्री को हटा दें। वे आपकी इच्छा के अनुसार काम करते हैं और अंतिम निर्णय प्रधानमंत्री का होता है।”



