हिंद महासागर क्षेत्र की सुरक्षा और समृद्धि पर अपने विचार साझा करते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह सभी सदस्य देशों का साझा निवास है।
रविवार को सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के साथ एक बैठक के बाद आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता में, पीएम मोदी ने भारत की ‘महासागर’ पहल पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र की सुरक्षा, स्थिरता और सतत विकास सभी देशों की साझा जिम्मेदारी है। इसके अंतर्गत, सेशेल्स में भारत का यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) लागू किया जाएगा, जिससे दोनों देशों के बीच की दूरी कम होगी और व्यापार में आसानी होगी।
प्रधानमंत्री को मिला ‘गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन’ सम्मान
पीएम को मिला सर्वोच्च सम्मान
प्रधानमंत्री मोदी को सेशेल्स के सर्वोच्च सम्मान से नवाजा गया। यह बैठक दोनों देशों के राजनयिक संबंधों की 50वीं वर्षगांठ और सेशेल्स की स्वतंत्रता के स्वर्ण जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित की गई। सेशेल्स ने पीएम मोदी को पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास में उनके नेतृत्व के लिए ‘गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन’ से सम्मानित किया।
UPI की शुरुआत से बढ़ेगा व्यापार
UPI की शुरुआत
दोनों देशों के बीच आर्थिक और डिजिटल कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इसके तहत, सेशेल्स में भारत का यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) लागू किया जाएगा। पीएम मोदी ने कहा कि इससे व्यापार में आसानी होगी और दोनों देशों के बीच की दूरी कम होगी।
रणनीतिक संपर्क को बढ़ावा
रणनीतिक संपर्क
प्रधानमंत्री ने कहा कि हिंद महासागर को अवसरों का महासागर बनाना चाहिए। ‘महासागर’ पहल का यही उद्देश्य है। उन्होंने बताया कि भारत और सेशेल्स के बीच हवाई और समुद्री संपर्क को मजबूत करने के लिए कदम उठाए जाएंगे। यह कनेक्टिविटी न केवल द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाएगी, बल्कि भारत के लिए पूर्वी अफ्रीकी क्षेत्र के साथ रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण द्वार भी होगी।
दोनों देशों के बीच विश्वास का रिश्ता
50 वर्षों का अटूट विश्वास
प्रधानमंत्री मोदी ने दोनों देशों के बीच जन-जन के आपसी संबंधों को सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि पिछले पांच दशकों में भारत और सेशेल्स ने अपनी दोस्ती को गहरे विश्वास में और विश्वास को जन-कल्याणकारी सहयोग में बदला है। सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिलने पर आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने इसे प्रत्येक भारतीय का सम्मान बताया और कहा कि भारत एक सुरक्षित, समृद्ध और हरित हिंद महासागर के निर्माण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।



