जीडीपी के आंकड़ों को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए गए हैं। एक बयान में कहा गया है कि जीडीपी का आंकड़ा 2.6 का ही है। यह बात मोदी सरकार के पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने कही।
इस पर शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा कि अगर जीडीपी का आंकड़ा इतना बढ़ गया है तो रोजगार कहां है, इन्वेस्टमेंट कहां है। गरीबी, महंगाई दिख रही है और ये जीडीपी मजबूत होने का लक्षण नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि पीएम मोदी को उनके एडवाइजरों को बदलना चाहिए। इससे गलत इनफॉरमेशन देश के सामने जा रही है।
इससे पहले बुधवार को जीडीपी डेटा पर विपक्ष के आरोपों को लेकर केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा था कि आंकड़ों को एकत्रित करने की यह व्यवस्था वर्षों से चल रही है और इसमें राजनीतिक लोग शामिल नहीं होते हैं। साथ ही, उन्होंने कहा कि आंकड़ों को तोड़-मरोड़कर पेश करने से सच्चाई को छिपाया नहीं जा सकता है।
ऑटोमोटिव कंपोनेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एसीएमए) के साइडलाइन में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा था कि इस तरह से आंकड़ों को लेकर नकारात्मक सोच रखना अपने आप को छोटा करना है और यह जनता के हौसले को तोड़ने की कोशिश है, क्योंकि यह सरकार का प्रदर्शन नहीं बल्कि इस देश के 140 करोड़ लोगों का परिश्रम और सामर्थ्य है।
वहीं, राम मंदिर ट्रस्ट के सीईओ के तौर पर एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा (रिटायर्ड) की नियुक्ति पर शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने सवाल उठाए हैं।
मुंबई में मीडिया से बात करते हुए संजय राउत ने कहा, “सवाल उठते रहेंगे। पहली बार राम मंदिर ट्रस्ट में सीईओ नियुक्त किया गया है, जिसका मतलब है कि मंदिर का कॉर्पोरेटकरण हो गया है। यह एक बिजनेस बन गया है, है ना? जब बिजनेस होता है, तो सीईओ आता है, मैनेजिंग डायरेक्टर आता है, डायरेक्टर आते हैं, सब आते हैं। तो, यह अच्छी बात है।”
बता दें कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पहली बार सीईओ की नियुक्ति की है। एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा (रिटायर्ड) को यह जिम्मेदारी दी गई है। इस नियुक्ति के बाद विपक्ष लगातार सरकार और ट्रस्ट पर निशाना साध रहा है और इसे मंदिर के कॉर्पोरेटकरण के तौर पर देख रहा है।



