गणेश चतुर्थी भगवान गणेश को समर्पित प्रमुख हिंदू त्योहारों में से एक है। इस मौके पर देशभर में भक्त पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ घरों और सार्वजनिक पंडालों में गणपति बप्पा की स्थापना करते हैं।
मान्यता है कि भगवान गणेश विघ्नहर्ता हैं और उनकी पूजा करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं।
गणेश उत्सव के दौरान भारत के अलग-अलग शहरों में भव्य पंडाल सजाए जाते हैं। इनमें कुछ पंडाल अपनी ऐतिहासिक परंपरा, विशाल प्रतिमाओं, अनोखी सजावट और खास थीम के लिए देशभर में प्रसिद्ध हैं। अगर आप गणेश चतुर्थी के दौरान बप्पा के भव्य दर्शन करना चाहते हैं, तो इन 5 मशहूर गणपति पंडालों को अपनी लिस्ट में शामिल कर सकते हैं।
लालबागचा राजा, मुंबई
मुंबई का लालबागचा राजा देश के सबसे प्रसिद्ध गणपति पंडालों में गिना जाता है। इसे भक्त प्यार से ‘मन्नतों का राजा’ भी कहते हैं। गणेश उत्सव के दौरान यहां बप्पा के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। लालबागचा राजा सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल की शुरुआत वर्ष 1934 में हुई थी। समय के साथ यह गणपति उत्सव मुंबई की पहचान बन गया। भव्य प्रतिमा, लंबी परंपरा और भक्तों की गहरी आस्था इसे देश के सबसे लोकप्रिय गणपति पंडालों में शामिल करती है।
श्रीमंत दगडूशेठ हलवाई गणपति, पुणे
पुणे का श्रीमंत दगडूशेठ हलवाई गणपति भी देश के लोकप्रिय गणपति स्थलों में से एक है। यहां गणेश उत्सव के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु बप्पा के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इस पंडाल की खासियत यहां नजर आने वाली भव्य सजावट और धार्मिक माहौल है। यहां भक्ति, संस्कृति और परंपरा का खूबसूरत संगम देखने को मिलता है।
दिल्ली का महाराजा, दिल्ली
देश की राजधानी दिल्ली में भी गणेश चतुर्थी का उत्सव बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। दिल्ली के लक्ष्मी नगर में स्थापित ‘दिल्ली का महाराजा’ गणपति पंडाल विशेष रूप से लोकप्रिय है। गणेश उत्सव के दौरान यहां भक्तों की भीड़ उमड़ती है। पंडाल की सजावट और गणपति बप्पा की भव्य प्रतिमा श्रद्धालुओं के बीच खास आकर्षण का केंद्र रहती है।
चेन्नई का हिंदू मुन्नानी गणपति पंडाल
चेन्नई में हिंदू मुन्नानी की ओर से आयोजित गणेश चतुर्थी उत्सव अपनी रचनात्मक और अनोखी थीम के लिए जाना जाता है। यहां धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक संदेशों को भी खास महत्व दिया जाता है। पिछले साल यहां करीब 5,000 किताबों से गणेश जी की प्रतिमा तैयार की गई थी। इनमें लगभग 2,000 किताबें तमिल भाषा की थीं। उत्सव समाप्त होने के बाद इन किताबों को स्थानीय लोगों के बीच बांट दिया गया। इस अनूठी पहल ने इस गणपति पंडाल को खास पहचान दिलाई।
खैरताबाद गणेश उत्सव, हैदराबाद
हैदराबाद का खैरताबाद गणेश उत्सव अपनी विशाल गणेश प्रतिमा के लिए देश-दुनिया में मशहूर है। यहां हर साल बेहद ऊंची और भव्य प्रतिमा स्थापित की जाती है, जिसे देखने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस उत्सव की शुरुआत वर्ष 1954 में स्वतंत्रता सेनानी एस. शंकरैया ने महज एक फुट की गणेश प्रतिमा स्थापित करके की थी। धीरे-धीरे यह परंपरा बड़े उत्सव में बदल गई और आज खैरताबाद गणेश देश के सबसे चर्चित गणपति उत्सवों में शामिल है।
गणेश उत्सव में दिखती है आस्था और भव्यता
इन सभी पंडालों की अपनी अलग पहचान और परंपरा है। कहीं विशाल प्रतिमा आकर्षण का केंद्र बनती है तो कहीं अनोखी थीम और सामाजिक संदेश लोगों का ध्यान खींचते हैं। गणेश चतुर्थी के दौरान इन जगहों पर भक्तों को धार्मिक आस्था के साथ उत्सव का भव्य माहौल भी देखने को मिलता है।



