राहुल गांधी ने कार्यक्रम को लेकर सोशल मीडिया के माध्यम से देशभर के छात्रों और युवाओं से संवाद करते हुए उनकी समस्याओं, सुझावों और भविष्य से जुड़ी चिंताओं पर राय मांगी है।
उन्होंने छात्रों से अपील की है कि वे खुलकर अपनी बात उनके साथ साझा करें, ताकि शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी चुनौतियों को समझा जा सके।
राहुल गांधी ने अपने सोशल मीडिया पर जारी वीडियो और संदेश में कहा कि देश के छात्र, युवा और खासकर Gen Z आज शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी कई चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।
उन्होंने मौजूदा शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक टूटी हुई शिक्षा व्यवस्था ने युवाओं की उम्मीदों को प्रभावित किया है और उनके भविष्य को अंधेरे में धकेल रही है।
उन्होंने इंदौर में होने वाला कार्यक्रम पहले आयोजित कार्यक्रमों से अलग होने के संकेत भी दिए गए हैं।
राहुल गांधी का जोर इस बार केवल मंच से संबोधन करने के बजाय छात्रों की सीधी भागीदारी और उनकी राय सुनने पर है।
इसके लिए कार्यक्रम से पहले ही छात्रों से ऑनलाइन माध्यम से सुझाव और समस्याएं मांगी जा रही हैं।
राहुल गांधी ने छात्रों से सवाल किया कि उन्हें अपने सपने पूरे करने से क्या रोक रहा है? उन्होंने छात्रों से कहा कि वे अपनी समस्याओं और सुझावों को साझा करें। छात्र चाहें तो वीडियो बनाकर भी अपनी बात उन तक पहुंचा सकते हैं।
उन्होंने छात्रों के सामने मुख्य रूप से तीन बातें रखने की अपील की उनकी समस्याएं, उनके सुझाव और उनकी राय। राहुल गांधी का कहना है कि देश की शिक्षा व्यवस्था में बदलाव के लिए केवल कुछ छात्रों की आवाज सुनना पर्याप्त नहीं है, बल्कि देश के हर छात्र की आवाज, उसका दर्द और उसकी राय सामने आना जरूरी है।
दरअसल छात्रों की गूंज कार्यक्रम के जरिए कांग्रेस शिक्षा, रोजगार और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर संवाद स्थापित करने की कोशिश कर रही है। कार्यक्रम में भी छात्रों की समस्याएं और उनके भविष्य से जुड़े सवाल प्रमुख मुद्दे रहने की संभावना है।



