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“कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाई निवेशकों की टेंशन, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड 5% के पार जाना बना बड़ा दबाव”

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शेयर बाजार में अचानक मची भगदड़, सुबह की तेजी हवा हुई और 1300 अंक नीचे फिसला सेंसेक्स. आखिर किसने पलट दिया पूरा खेल**

सुबह बाजार में दिखी थी तेजी, फिर अचानक बिकवाली हावी, Fed की ब्याज दरों को लेकर बढ़ी चिंता ने भी बिगाड़ा मूड**

भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को कारोबार के दौरान अचानक तेज गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स दिन के ऊपरी स्तर से करीब 1,400 अंक तक फिसल गया, जबकि निफ्टी भी 23,150 के आसपास आ गया। इस गिरावट से निवेशकों की करीब 9 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति कुछ ही घंटों में कम हो गई।

बाजार के पलटने की पहली बड़ी वजह कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें रहीं। ब्रेंट क्रूड 108 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया। सऊदी अरब की एक अहम तेल पाइपलाइन बंद होने और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने तेल की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ा दी, जिसका सीधा असर भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के बाजार पर पड़ा।

दूसरा दबाव अमेरिकी बॉन्ड यील्ड से आया। अमेरिका की 10 साल की ट्रेजरी यील्ड 5 फीसदी के पार पहुंच गई, जो अक्टूबर 2023 के बाद का ऊंचा स्तर है। ज्यादा बॉन्ड यील्ड निवेशकों को शेयरों की तुलना में अमेरिकी बॉन्ड जैसे अपेक्षाकृत सुरक्षित विकल्पों की ओर खींच सकती है।

तीसरी बड़ी चिंता अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर है। हालिया महंगाई आंकड़ों और मजबूत आर्थिक संकेतों के बीच बाजार में दरों के ऊंचे रहने या आगे बढ़ने की आशंका बढ़ी है। इससे दुनियाभर के बाजारों में जोखिम लेने की क्षमता कमजोर हुई और भारतीय शेयरों पर भी दबाव आया।

इसके अलावा विदेशी निवेशकों की बिकवाली और पश्चिम एशिया से जुड़ी जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता ने भी बाजार का मूड खराब किया। हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशक खरीदारी करते रहे, लेकिन वैश्विक दबाव के सामने उनकी खरीदारी बाजार को संभालने के लिए पर्याप्त नहीं रही।

दिन के अंत तक सेंसेक्स 777.94 अंक यानी 1.04% गिरकर 74,003.82 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 279.50 अंक यानी 1.19% टूटकर 23,118.60 पर आ गया। यानी सुबह की तेजी के बाद बाजार ने ऐसी करवट ली कि निवेशकों के लिए पूरा कारोबारी दिन ही ‘उलटफेर’ में बदल गया।