उत्तर प्रदेश की राजनीतिक हलचल में नगीना के सांसद और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के नेता चंद्रशेखर आजाद ने एक वीडियो बयान जारी किया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि ‘एक फार्म हाउस में उनकी हत्या की योजना बनाई गई है।
यह जानकारी मैं पूरी जिम्मेदारी से दे रहा हूं, मेरे पास जो सूचनाएं हैं, वे सही हैं।’ हालांकि, उन्होंने इस साजिश के पीछे किसी विशेष व्यक्ति या संगठन का नाम नहीं लिया।
आजाद ने यह भी कहा कि उनकी हत्या की योजना उन लोगों द्वारा बनाई गई है, जो आरक्षण समाप्त करने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वे इस मुद्दे पर लगातार मुखर रहे हैं और बिहार में भी आवाज उठाते रहे हैं। उनके अनुसार, राजनीतिक रूप से उन्हें रोकने में असफल रहने के बाद अब उनकी हत्या की साजिश की जा रही है।
चंद्रशेखर आजाद ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने उनके काफिले की गाड़ियों में आग लगाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि ज्वलनशील पदार्थों से भरी बोतलों को जलाने का प्रयास किया गया था और कुछ लोग उनकी तलाश कर रहे थे। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। आजाद ने इस घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
उन्होंने यह भी कहा कि यह मामला केवल उनकी सुरक्षा का नहीं है। आजाद ने सवाल उठाया कि यदि एक सुरक्षा प्राप्त सांसद के साथ इस तरह की घटना हो सकती है, तो प्रदेश में दलितों, पिछड़ों और मुसलमानों की सुरक्षा और न्याय की स्थिति पर भी सवाल उठते हैं। उन्होंने सरकार से इस कथित हत्या की साजिश और बाराबंकी की घटना में शामिल लोगों की भूमिका की जांच कराने की मांग की।
फिलहाल, चंद्रशेखर आजाद के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अब जांच के माध्यम से यह स्पष्ट होगा कि फार्म हाउस में कथित साजिश के पीछे क्या तथ्य हैं और क्या बाराबंकी की घटना से इसका कोई संबंध है।



