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हरियाणा मौसम अपडेट ‘मानसून की बारिश से मौसम में बदलाव..

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मानसून की सक्रियता के चलते हरियाणा में मौसम में बदलाव आया है, जिससे ठंडी हवाओं के साथ बारिश का सिलसिला शुरू हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, 18 सितंबर को राज्य के 18 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। इस बारिश से उमस से परेशान लोगों को राहत मिली है और तापमान में भी गिरावट आई है।

दक्षिण और पश्चिम हरियाणा में बारिश की संभावना

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, दक्षिण और पश्चिम हरियाणा के जिलों में मानसूनी बादल सक्रिय हैं। पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, हिसार, सिरसा, फतेहाबाद, महेंद्रगढ़, नूंह, रोहतक, भिवानी, चरखी दादरी, झज्जर, रेवाड़ी, गुरुग्राम, फरीदाबाद और पलवल में कई स्थानों पर मेघगर्जन के साथ बारिश हो सकती है। इन क्षेत्रों में सुबह से ठंडी हवाएं चल रही हैं।

कुरुक्षेत्र, करनाल और जींद बेल्ट में कैसा रहेगा मौसम?

उत्तर और मध्य हरियाणा के कुछ जिलों में मौसम मिलाजुला रहने की संभावना है। मौसम केंद्र चंडीगढ़ के अनुसार, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, जींद, पानीपत और सोनीपत में मौसम मुख्यतः शुष्क से आंशिक रूप से परिवर्तनशील रहेगा। हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि वातावरण में नमी के कारण स्थानीय स्तर पर बादलों का निर्माण हो सकता है, जिससे इन क्षेत्रों में भी अचानक तेज बौछारें पड़ने की संभावना है।

हिसार में 64.2 मिमी बारिश ने तोड़ा रिकॉर्ड, तापमान लुढ़का

17 सितंबर को प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई। हिसार में 64.2 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिससे शहर तरबतर हो गया। इसके अलावा, जींद में 40.5 मिमी, सिरसा में 31.5 मिमी, पानीपत में 22.5 मिमी और यमुनानगर में 19 मिमी बारिश हुई। नूंह में 14.5 मिमी, फतेहाबाद में 13 मिमी, भिवानी में 12 मिमी, सोनीपत में 11.5 मिमी, करनाल में 8 मिमी और कैथल में 5 मिमी बारिश हुई। इस बारिश के कारण प्रदेश के औसत अधिकतम तापमान में 3.2 डिग्री सेल्सियस की कमी आई है। हिसार में अधिकतम तापमान 30.9 डिग्री सेल्सियस पर आ गया, जबकि न्यूनतम तापमान 20.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

19 सितंबर से प्रदेश में कब तक साफ होगा मौसम?

8 सितंबर तक हरियाणा में मौसम परिवर्तनशील रहेगा और अधिकांश क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी। 19 सितंबर से मानसून की ट्रफ रेखा धीरे-धीरे दूर हटने लगेगी, जिससे बारिश की तीव्रता में कमी आएगी। इसके बाद प्रदेश में मौसम धीरे-धीरे साफ और शुष्क होने लगेगा, जिससे किसानों को फसलों की कटाई में मदद मिलेगी।