भारत को विश्व आर्थिक मंच (WEF) के दुनिया भर में लोगों को नए परिवेश के मुताबिक पुन: हुनरमंद बनाने की पहल से जुड़ गया है. भारत सरकार इस अभियान के संस्थापक सदस्य के रूप में जुड़ी है. इस पहल का उद्देश्य 2030 तक दुनियाभर में एक करोड़ लोगों को बेहतर शिक्षा, कौशल और रोजगार (employment) उपलब्ध कराकर क्षेत्र में क्रांति लाना है. इस योजना का मकसद कर्मचारियों को इस रूप से कुशल करना है, जिससे की भविष्य में प्रौद्योगिकी में आने वाले बदलाव से उन पर कोई असर नहीं हो. साथ ही नए हुनरमंद कामगार उपलब्ध कराकर अर्थव्यवस्थाओं को चौथी आद्योगिक क्रांति के लिये मदद करना है.

इस पहल के संस्थापक सदस्यों में ब्राजील, फ्रांस, भारत, पाकिस्तान, रूस, संयुक्त अरब अमीरात और अमेरिका शामिल हैं. कारोबारी सहयोगियों में पीडब्ल्यूसी, सेल्सफोर्स, मैनपावर ग्रुप, इन्फोसिस, लिंक्डइन, कोरसेरा इंक और द एडेको ग्रुप शामिल हैं.

विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) के संस्थापक और कार्यकारी चेयरमैन क्लॉस श्वाब ने कहा, ‘बेहतर समाज और समावेशी समाज तैयार करने का बेहतर तरीका हर किसी को अच्छा रोजगार और आय उपलब्ध कराना है. यहां दावोस में हम सार्वजनिक-निजी मंच सृजित कर रहे हैं, जो एक अरब लोगों को वह कौशल प्रदान करेगा, जो चौथी औद्योगिक क्रांति के लिये जरूरत है…इस बदलाव के लिए कौशल क्रांति की जरूरत है.’

डब्ल्यूईएफ ने कहा कि इस तरह के सार्वजनिक-निजी प्रयासों से एक अरब लोगों को पुन:हुनरमंद बनाने का लक्ष्य हासिल किया जाएगा. लिंक्डइन हुनरमंद क्रांति पहल के लिये डेटा भागीदार है.

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