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CJI on Cockroach Janta Party: कॉकरोच जनता पार्टी का मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, चीफ जस्टिस ने जनता से की ये अपील…

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सुप्रीम कोर्ट ने कॉकरोच जनता पार्टी से जुड़ी गतिविधियों के आरोपों की जांच के अनुरोध वाली याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया.

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (25 मई 2026) को फर्जी वकीलों और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) से जुड़ी गतिविधियों के आरोपों की जांच के अनुरोध वाली याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया. चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए अधिवक्ता एन.के. गोस्वामी से कहा कि वह इस मुद्दे को ‘‘इतने भावुक तरीके’’ से नहीं लें. गोस्वामी ने कहा कि चीफ (CJI) द्वारा सब कुछ साफ-साफ बताने के बाद भी जानबूझकर एक गलत और झूठी बात को बढ़ावा दिया जा रहा है.

इस मामले को इतनी भावुकता से लें: सीजेआई

सीजेआई सूर्यकांत ने कहा, ‘इसे इतनी भावुकता से न लें.’ एक अन्य वकील ने कानून की फर्जी डिग्रियों के मामले में सीबीआई से जांच का अनुरोध करते हुए कहा कि कोर्ट में हुई बातचीत का व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता. चीफ जस्टिस ने इसके जवाब में कहा, ‘ऐसी कोई गंभीर आवश्यकता नहीं है. हम देखेंगे.’ याचिका में अदालत की कार्यवाही के दौरान दिए गए मौखिक बयानों के कथित व्यावसायिक दोहन में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई का अनुरोध किया गया है.

याचिका में फर्जी वकीलों की जांच का अनुरोध किया गया था

इसमें फर्जी डिग्रियों का इस्तेमाल करके वकालत करने वाले कथित फर्जी वकीलों की जांच का भी अनुरोध किया गया है. न्यायिक कार्यवाही के दुरुपयोग पर चिंता व्यक्त करते हुए याचिका में दावा किया गया कि अदालती कार्यवाही के दौरान की गई टिप्पणियों और विचारों का इस्तेमाल प्रचार अभियानों के लिए किया जा रहा है. सीजेआई सूर्यकांत ने 15 मई को एक वकील के वरिष्ठ पदनाम से जुड़ी याचिका पर सुनवाई के दौरान अपनी टिप्पणी में कॉकरोच और परजीवी जैसे शब्दों का जिक्र किया था जिसे लेकर पैदा हुए विवाद के बीच सीजेपी चर्चा में आई.

कॉकरोच वाले बयान पर CJI ने दी थी सफाई

चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने 16 मई को अपने बयान पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा था कि उन्हें उन खबरों से बहुत दुख हुआ जिनके मुताबिक उन्होंने युवाओं की आलोचना की थी. उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके बयान विशेष रूप से उन व्यक्तियों के लिए थे जो फर्जी डिग्रियों के माध्यम से विधि पेशे में प्रवेश कर रहे हैं और मीडिया के एक वर्ग द्वारा उनके बयान को तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया.

Solar Panels 20% Rule: सोलर पैनल लगवाने की प्लानिंग कर रहे हैं तो 20% Rule….

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Solar Panels 20% Rule: बीते कुछ सालों में सोलर एनर्जी का यूज बढ़ा है. बिजली के बढ़ते बिल से बचने और क्लीनर एनर्जी के लिए लोग अब सोलर एनर्जी सिस्टम लगवा रहे हैं. अगर आप भी सोलर पावर सिस्टम लगाने पर विचार कर रहे हैं तो आपको 20% Rule याद रखना चाहिए. इससे पहले आप दिमाग दौड़ाएं, आपको बता दें कि यह साइजिंग गाइडलाइन है, जो बताती है कि आपको ऐसा सोलर सिस्टम लगाना चाहिए, जो आपकी जरूरत से 20 प्रतिशत ज्यादा पावर जनरेट करता हो. ऐसा इसलिए ताकि अगर किसी महीने आपको ज्यादा पावर की जरूरत पड़े या किसी महीने खराब मौसम के कारण कम पावर जनरेट हो तो आपको टेंशन न रहे.

सोलर पैनल्स लगाने से पहले ही लगा लें हिसाब

कुछ महीनों के बिजली बिल देखकर आप अंदाजा लगा सकते हैं कि हर महीने आपको कितनी बिजली की जरूरत पड़ती है. उस हिसाब से सोलर पैनल कैपेसिटी डिसाइड करे. इसी दौरान आपको 20 प्रतिशत एक्स्ट्रा वाला नियम याद रखना है. आपको जरूरत से 20 प्रतिशत अधिक कैपेसिटी वाले सोलर पावर सिस्टम का प्लान बनाना चाहिए.

क्यों जरूरी है 20 प्रतिशत एक्स्ट्रा कैपेसिटी?

इसका सीधा कारण सोलर एनर्जी सिस्टम के काम करने के तरीके से जुड़ा हुआ है. दरअसल, ये सिस्टम कंसिस्टेंट नहीं होते और पावर जनरेशन को लेकर इन पर 100 प्रतिशत भरोसा भी नहीं किया जा सकता. सर्दियों के दिन जब छोटे होते हैं या मानसून के मौसम में जब बादल घिर आते हैं तो इनकी पावर जनरेशन कम हो जाती है. कम सनलाइट का मतलब है कि पैनल कम बिजली जनरेट करेंगे. 20 प्रतिशत एक्स्ट्रा कैपेसिटी उस कमी को पूरा कर सकती है. दूसरी तरफ अगर किसी महीने पावर कंजप्शन भी बढ़ सकती है. खासकर गर्मियों में जब पारा 50 डिग्री की तरफ बढ़ रहा होता है तो एसी, फ्रिज औ कूलर जैसे अप्लायंसेस पूरे दिन यूज करने पड़ते हैं. इस कारण खपत बढ़ने पर 20 प्रतिशत एक्स्ट्रा कैपेसिटी काम आएगी.

कैसे काम करेगा 20% Rule?

इसका हिसाब लगाना एकदम आसान है. अगर आपके घर में हर महीने 10 किलोवॉट बिजली की खपत हो रही है तो आपको 12 किलोवॉट की कैपेसिटी वाला एनर्जी सिस्टम लगाना चाहिए. हालांकि, यह नियम पूरी तरह मानना बिल्कुल भी जरूरी नहीं है. अगर आपका बजट सीमित है या पैनल लगाने के लिए स्पेस की कमी है तो आप जरूरत के हिसाब से बिना एक्स्ट्रा कैपेसिटी वाला सिस्टम भी इंस्टॉल करवा सकते हैं.

क्रूड ऑयल सस्ता, फिर भी और महंगा हो सकता है पेट्रोल-डीजल….

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कच्चे तेल की कीमतों में आज 5% की बड़ी गिरावट आई है. बावजूद इसके आगे आने वाले समय में ईंधन की कीमत में बढ़ोतरी की गुंजाइश बनी रहती है क्योंकि इनका मुनाफे का हिसाब ठीक नहीं बैठ रहा है.

अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता में सकारात्मक प्रगति हुई है. इससे बाजार को उम्मीद है कि पिछले 3 महीने से बंद पड़ा ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ दोबारा खुल जाएगा और दुनिया में कच्चे तेल की सप्लाई सामान्य हो जाएगी.

इसी खबर के बाद आज अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में तेज की कीमतों में तेजी से गिरावट आई है. ग्लोबल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 5.4% तक गिरकर 97.97 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 92 डॉलर से नीचे कारोबार कर रहा है.

कच्चे तेल की कीमतों में आई यह गिरावट भारत के लिए काफी राहत भरी बात है, जो अपनी जरूरत का 85% से ज्यादा तेल आयात करता है. इधर, क्रूड ऑयल की कम होती कीमतों के बीच भारत में सरकारी तेल कंपनियों ने पिछले 10  दिनों में पेट्रोल-डीजल के दाम करीब 7.50 रुपये तक बढ़ा दिए हैं. इससे बेशक जेहन में इस ख्याल का आना लाजिमी है कि आने वाले समय में देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें कम होगी, जबकि वास्तव में ऐसा नहीं है.

क्यों बढ़ेगी पेट्रोल-डीजल की कीमत?

फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स और Kotak Securities की रिपोर्ट के मुताबिक, देश में पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच तेल कंपनियों का हिसाब अब भी सही नहीं बैठ रहा है. 28 फरवरी से शुरू हुई ईरान-अमेरिका में जंग ने कच्चे तेल की कीमतों को 70 डॉलर प्रति बैरल से 114 डॉलर प्रति बैरल पर ला खड़ा कर दिया है. इस बीच तेल कंपनियों ने पूरे 76 दिनों तक कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की और महंगे आयात का बोझ खुद उठाया.

Livemint के फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स कहते हैं कि दोनों देशों में जंग शुरू होने के बाद से कच्चे तेल की लागत में 39% का भारी उछाल आया, जबकि उस मुकाबले पेट्रोल-डीजल के दाम अभी सिर्फ 3-7% के बीच ही बढ़ाए गए हैं. ऐसे में कंपनियों को अपना पूरा घाटा वसूलने के लिए कीमतों में सैद्धांतिक रूप से 11-14 रुपये प्रति लीटर की ओर बढ़ोतरी करनी पड़ सकती है.

कीमतें बढ़ने की यह भी एक वजह

पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने की एक और वजह यह है कि भले ही आज कच्चे तेल की कीमतें गिरकर 98 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गई है, लेकिन होर्मुज पर तनाव अभी भी पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है. अगर अमेरिका-ईरान के बीच शांति वार्ता सफल हो भी जाती है, तो स्थिति के सामान्य होने में अभी वक्त लगेगा.

ऊपर से इस भू-राजनीतिक संकट के कारण अमेरिका और उत्तरी यूरोप से आने वाले तेल टैंकरों का समुद्री बीमा प्रीमियम और फ्रेंट चार्ज (माल ढुलाई पर खर्च) काफी बढ़ चुका है. इसकी भरपाई भी अंतत रिटेल कीमतें बढ़ाकर ही की जाएंगी.

अभी भी हो रहा नुकसान

पेट्रोल-डीजल की कीमतें 4 बार बढ़ाने के बाद भी तेल कंपनियों को पेट्रोल पर प्रति लीटर 10 रुपये और डीजल पर प्रति लीटर 13 रुपये का नुकसान हो रहा है. रोज के स्तर पर इतनी बड़ी रकम का नुकसान कंपनियां लंबे समय तक उठा नहीं सकतीं इसलिए वित्तीय स्थिरता बनाए रखने के लिए कीमतें बढ़ाने के अलावा और कोई चारा नहीं बचता है.

मई के आखिरी हफ्ते में घर बैठे मिलेगा धमाकेदार एंटरटेनमेंट, ott पर रिलीज हो रही ये 10 धांसू नई फिल्में…

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इस हफ्ते ओटीटी पर एक से एक फिल्में और सीरीज रिलीज हो रही हैं जिन्हें आप घर बैठे एंजॉय कर सकते हैं. ये सभी अलग-अलग जॉनर की हैं.

मई महीने का आखिरी हफ्ता शुरू हो गया है और इसी के साथ ओटीटी पर इस वीक रिलीज होने वाली तमाम नई फिल्मों और सीरीज की पूरी लाइनअप भी आ गई है. दिलचस्प बात ये है कि इस हफ्ते डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अलग-अलग जॉनर की फिल्में और शो आ रहे हैं जो फुल ऑन एंटरटेनमेंट देंगे. यानी इस भरी गर्मी में घर में रहकर आप बोर नहीं होने वाले हैं. तो चलिए यहां इस वीक की ओटीटी रिलीज की पूरी लिस्ट जान लेते हैं.

जेटली
जेटली रितेश राणा द्वारा निर्देशित एक तेलुगु भाषा की कॉमेडी थ्रिलर फिल्म है. इसमें अभिनेता सत्या मुख्य भूमिका में हैं, साथ ही रिया सिंघा और वेन्नेला किशोर भी हैं. फिल्म एक फ्लाइट अटेंडेंट की कहानी है जो एक फ्लाइट में अफरा-तफरी भरे हालात में फंस जाती है. रिलीज के समय फिल्म ने अच्छा परफॉर्म किया था.वहीं अब यह 25 मई से स्ट्रीमिंग के लिए ओटीटी के प्लेटफॉर्म जियो हॉट स्टार पर अवेलेबल है.

ब्रदर एंड सिस्टर
ब्रदर एंड सिस्टर एक तमिल भाषा की सीरीद है जिसका प्रीमियर 27 मई को होगा. चिदंबरम मणिवन्नन द्वारा निर्देशित ये फैमिली ड्रामा एक ऐसे परिवार की कहानी है जिसका मुखिया काफी सख्त मिजाज है लेकिन फिर एक वजह से उसके परिवार के टूटने की नौबत आ जाती है. इसे भी जियो हॉट स्टार पर स्ट्रीम कर सकेंगे.

कारा
तमिल डकैती पर आधारित यह थ्रिलर फिल्म 1991 में गल्फ वॉर के बैकग्राउंड में सेट की गई है. कारा की कहानी करासामी (धनुष) नाम के एक चोर के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक निर्दयी बैंक मैनेजर और एक भ्रष्ट डीएसपी द्वारा उसके परिवार की पुश्तैनी जमीन पर कब्जा कर लेने के बाद अपने आपराधिक अतीत में वापस लौट आता है. कारा को ओटीटी के प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर 28 मई से तमिल, हिंदी, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम में देख सकेंगे.

कजिन्स एंड कल्याणम्स
कजिन्स एंड कल्याणम्स एक कॉमेडी ड्रामा सीरीज़ है जो छह चचेरे भाई-बहनों की लाइफ और फैमिली बॉन्ड पर बेस्ड है. इसका पहला एपिसोड 29 मई को जियो हॉट स्टाप पर टेलीकास्ट होगा इस शो में 60 एपिसोड हैं, जिनमें से चार एपिसोड हर शुक्रवार को टेलीकास्ट किए जाएंगे.

रूममेट्स
कन्नड़ कॉमेडी ड्रामा सीरीज़ में चार दोस्तों, रवि, पीटर, गनी और हरि की कहानी दिखाई गई है, जो दोस्ती, सर्वाइवल और एक मामूली लोकल क्रिकेट मैदान पर हुए झगड़े के बीच बैलेंस बनाने की कोशिश करते हैंय यह झगड़ा उनके मकान मालिक की निगरानी में एक बड़े अहंकार के संघर्ष में बदल जाता है. एपिसोड का प्रीमियर मई में होगा।

स्पाइडरनोयर
आठ एपिसोड की इस एक्शन से भरपूर ड्रामा सीरीज़ में निकोलस केज ने बेन रेली का किरदार निभाया है, जो 1930 के दशक के न्यूयॉर्क में रहने वाला एक बदकिस्मत प्राइवेट जासूस है, जिसने एक बेहद दुखद घटना के बाद सुपरहीरो की छवि त्याग दी थी. इसे अमेज़न प्राइम वीडियो पर 27 मई, 2026 से स्ट्रीम कर सकेंगे.

डेड मैन्स वायर
गस वैन सैंट द्वारा निर्देशित, यह फिल्म टोनी किरिट्सिस (बिल स्कार्सगार्ड) की कहानी है, जो एक हताश और शक्की रियल एस्टेट डेवलपर है, वह विक्टिम की गर्दन पर बंदूक रखकर फिरौती और ऑफिशियल माफी की मांग करता है. इसे नेटफ्लिक्स पर 28 मई, 2026 से देख सकते हैं.

अनटोल्ड यूके: विनी जोन्स
नेटफ्लिक्स की इस एंथोलॉजी में पहले ही विनी जोन्स और जेमी वार्डी जैसे लोकप्रिय फुटबॉल सितारों पर आधारित दो स्पोर्ट्स फिल्में आ चुकी हैं।. तीसरी फिल्म अनटोल्ड यूके: विनी जोन्स 26 मई को रिलीज होगी.

फोर सीजन्स (सीजन 2)
ये मीडिल एज कॉमेडी सीरीज़ दोस्तों के एक ग्रुप की कहानी है जो साथ में छुट्टियां मनाने की अपनी पुरानी परंपरा को निभाते हैं. एक मुश्किल भरे साल के बाद, सीज़न 2 में ये दोस्त एक पर्सनल लॉस से उबरने और मीडिल एज के नए फॉर्मेट को अपनाने की कोशिश करते हैं, और साथ ही एक नए बच्चे के साथ चार नए सीजनल गेट-टूगेदर का आयोजन भी करते हैं. इसे नेटफ्लिक्स पर 28 मई से एंजॉय कर सकेंगे.

गुड गर्ल गाइड टू मर्डर (सीज़न 2)
हॉली जैक्सन के नॉवेल पर बेस्ड, नए सीज़न में टीनएज स्पाई पिप फिट्ज़-अमोबी की कहानी दिखाई गई है, जो अपराध सुलझाने से दूर रहना चाहती है, लेकिन जब उसके क्लासमेट का भाई, जेमी रेनॉल्ड्स, एक अहम अदालती मुकदमे से ठीक पहले गायब हो जाता है तो वह एक खतरनाक नए रहस्य में उलझ जाती है. इसे  नेटफ्लिक्स पर 27 मई, 2026 से देख सकते हैं.

Fuel Price Hike: मिडिल ईस्ट संकट के बीच पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों पर आया निर्मला का बयान…

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पीएम की अपील के बाद नकारात्मक बातों से फैल रहे निराशावादी माहौल की आलोचना की. उन्होंने कहा कि देश भय फैलाने का जोखिम नहीं उठा सकता.

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार (25 मई) को कहा कि पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी (उत्पाद शुल्क) कम करने से लगभग 1 लाख करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान होगा. उन्होंने लोगों में विश्वास जगाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया और कहा कि भारत भय फैलाने का जोखिम नहीं उठा सकता.

निर्मला सीतारमण की ये टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब फ्यूल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी हुई है, जो 10 दिनों में चौथी बढ़ोतरी है. सोमवार को पेट्रोल की कीमत में 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत में 2.71 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि हुई, जिससे परिवारों के बजट और परिवहन लागत पर और दबाव बढ़ गया है.

नागरिकों में विश्वास जगाने की जरूरत

भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (एसआईडीबीआई) की 37वीं वर्षगांठ के अवसर पर बोलते हुए सीतारमण ने पीएम मोदी की अपील के बाद नकारात्मक बातों से फैल रहे निराशावादी माहौल की आलोचना की. उन्होंने कहा कि देश भय फैलाने का जोखिम नहीं उठा सकता और शब्दों और कार्यों दोनों के जरिए नागरिकों में विश्वास जगाने की आवश्यकता है.

तीन F’ पर फोकस करेंवित्त मंत्री

मिडिल ईस्ट संकट को तीन महीने होने वाले हैं. इसी को लेकर वित्त मंत्री सीतारमण ने फ्यूल (ईंधन), फर्टिलाइजर (उर्वरक) और फॉरेक्स (विदेशी मुद्रा) इन तीन F पर फोकस करने की अपील की. इस बात पर जोर दिया कि वैश्विक अनिश्चितता के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है. वित्त मंत्री ने बढ़ते वैश्विक दबावों की ओर भी इशारा करते हुए कहा कि उर्वरक की कीमतें अकल्पनीय स्तर पर पहुंच गई हैं, जबकि सोने की ऊंची कीमतें बाहरी मोर्चे पर कुछ चुनौतियां पैदा कर रही हैं.

उन्होंने आगे कहा कि कुछ लोग इस स्थिति को इस तरह पेश कर रहे हैं जैसे सब कुछ बिखर रहा हो, जबकि उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसा नहीं है. हमें यह समझना चाहिए कि चुनौतियां बाहरी कारणों से अधिक हैं. भारत की घरेलू आर्थिक स्थिति आज भी सकारात्मक और मजबूत बनी हुई है.

Rain Alert: तेज अंधड़ और हल्की बारिश के आसार, Red Alert जारी…

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मौसम विभाग ने जिले के लिए रेड अलर्ट जारी करते हुए अगले दो दिनों तक गर्मी और बढ़ने की चेतावनी दी है।

छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और ग्रीष्म लहर का असर लगातार तेज होता जा रहा है। शनिवार को दुर्ग का अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, अब तक का सर्वाधिक तापमान माना जा रहा है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक तापमान में और बढ़ोतरी की संभावना जताई है।

हालांकि 25 मई से मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं, जिससे तापमान में गिरावट आ सकती है।

इधर पंचांग के अनुसार 25 मई से नौतपा की शुरुआत हो रही है, लेकिन इस बार नौतपा के दौरान अपेक्षाकृत कम गर्मी रहने के संकेत मिल रहे हैं। फिलहाल जिले को रेड अलर्ट पर रखा गया है और ग्रीष्म लहर को लेकर चेतावनी जारी की गई है।

आने वाले दिनों में उष्ण रात्रि की भी आशंका

मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में उष्ण रात्रि की भी आशंका जताई है। रात का न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच सकता है। वर्तमान में न्यूनतम तापमान 26.6 डिग्री दर्ज किया गया है। शनिवार को प्रदेश में सबसे अधिक तापमान राजनांदगांव में 46 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

लोकल सिस्टम से बूंदाबांदी के संकेत

प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक तापमान में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। कुछ इलाकों में तेज अंधड़ चलने और लोकल सिस्टम के प्रभाव से हल्की बूंदाबांदी की संभावना भी है। इसके चलते 25 मई के बाद तापमान में गिरावट देखने को मिल सकती है।

सार्वजनिक स्थानों पर ठंडे पानी की व्यवस्था

भीषण गर्मी को देखते हुए प्रशासन और नगरीय निकायों को आवश्यक इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं। नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों को सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छ और ठंडे पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने कहा गया है। वहीं ग्राम पंचायतों को ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

दोपहर में घर से निकलने से बचने की सलाह

रायपुर मौसम विज्ञान विभाग ने लोगों को हीट वेव से सतर्क रहने की सलाह दी है। विभाग के अनुसार अधिक से अधिक पानी पीना, हल्के और सूती कपड़े पहनना और दोपहर 12 से शाम 4 बजे तक अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचना जरूरी है। बाहर निकलते समय सिर को कपड़े, टोपी या छाते से ढंकने की भी सलाह दी गई है।

छत्तीसगढ़ के सर्राफा बाजारों में 25 मई 2026 को सोने और चांदी की कीमतें… जानिए आज के लेटेस्ट रेट…

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छत्तीसगढ़ के सर्राफा बाजारों में 25 मई 2026 को सोने और चांदी की कीमतें स्थिर रहीं. रायपुर और बिलासपुर में 24 कैरेट सोने का भाव करीब ₹1,53,620 प्रति 10 ग्राम पर बना रहा, तो चलिए जान लेते हैं क्या है लेटेस्ट अपडेट…

आजकल सोने और चांदी के दामों में हर दिन थोड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है, लेकिन सोमवार को छत्तीसगढ़ के सर्राफा बाजारों में दोनों मेटल्स की कीमतें स्थिर रहीं. बता दें, 25 मई 2026 को राज्य के प्रमुख शहरों जैसे रायपुर और बिलासपुर में सोने और चांदी के दामों में कोई बदलाव नहीं हुआ. सुबह से ही पुराने रेट ही लागू रहे, जिससे बाजार में स्थिरता देखने को मिली.

एक रिपोर्ट के अनुसार, 24 कैरेट सोने की कीमत लगभग ₹1,53,620 प्रति 10 ग्राम बनी हुई है. वहीं, 22 कैरेट सोने की कीमत ₹1,46,300 प्रति 10 ग्राम पर स्थिर रही. 22 कैरेट सोने का दाम ₹14,630 प्रति ग्राम दर्ज किया गया, जो पिछले दिन भी यही था. इसका मतलब है कि सोने के भाव में किसी तरह की बढ़ोतरी या गिरावट नहीं हुई है. अगर मात्रा के हिसाब से देखें तो 22 कैरेट सोने के 8 ग्राम की कीमत ₹1,17,040 रही और 10 ग्राम की कीमत ₹1,46,300 पर बनी रही. इसी तरह 24 कैरेट सोने में 1 ग्राम की कीमत ₹15,362 रही, जबकि 8 ग्राम की कीमत ₹1,22,896 और 10 ग्राम की कीमत ₹1,53,620 दर्ज की गई. ये सभी रेट पिछले दिन के सेम ही रहे.

चांदी में भी कोई बदलाव नहीं

अब चांदी की बात करें तो बाजार में भी कोई बदलाव नहीं देखा गया. एक ग्राम चांदी की कीमत ₹295 पर ही है. इसी हिसाब से एक किलोग्राम चांदी की कीमत ₹2,95,000 रही. पिछले दो दिनों से चांदी के दाम में कोई उतार-चढ़ाव नहीं हुआ है, जिससे बाजार में स्थिरता बनी हुई है.

सोने और चांदी दोनों ही धातुओं के दाम फिलहाल स्थिर हैं और खरीदारी करने वालों के लिए यह सिचुएशन नॉर्मल मानी जा रही है, क्योंकि न तो दाम बढ़े हैं और न ही गिरे हैं. बाजार एक्सपर्ट के अनुसार, आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार के रुझानों के आधार पर कीमतों में बदलाव हो सकता है.

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में फिर बदलाव, जानिए आज का नया रेट…

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देशभर में पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों का असर अब आम लोगों की जेब पर साफ दिखाई देने लगा है। रायपुर समेत छत्तीसगढ़ के कई शहरों में पेट्रोल 105 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच गया है, जिससे वाहन चालकों और व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है।

देशभर में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी का असर अब सीधे आम लोगों की जेब पर दिखाई देने लगा है। वहीँ रायपुर समेत छत्तीसगढ़ के कई शहरों में पेट्रोल की कीमतें 108. 06 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच गई हैं। एक्स्ट्रा प्रीमियम – 116.90, लगातार बढ़ते दामों ने वाहन चालकों, व्यापारियों और मध्यम वर्ग की चिंता बढ़ा दी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और टैक्स के प्रभाव के कारण ईंधन के दामों में रोजाना बदलाव देखने को मिल रहा है। यही वजह है कि पिछले कुछ दिनों से पेट्रोल-डीजल की कीमतें लगातार चर्चा का विषय बनी हुई हैं।

रायपुर में आज क्या है पेट्रोल-डीजल का रेट?

25 मई 2026 को रायपुर में पेट्रोल की कीमतों में फिर बढ़ोतरी देखने को मिली है। शहर में पेट्रोल का रेट 108. 06 प्रति लीटर के बीच दर्ज किया गया, जबकि डीजल की कीमत 101.32 प्रति लीटर बनी हुई है। पिछले तीन दिनों से डीजल के दाम स्थिर हैं, लेकिन पेट्रोल लगातार महंगा होता जा रहा है। बढ़ती कीमतों ने वाहन चालकों और आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि इसका असर अब सीधे घरेलू बजट और रोजमर्रा के खर्चों पर दिखाई देने लगा है।

छत्तीसगढ़ के अन्य शहरों में भी बढ़े दाम

राजधानी रायपुर ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के अन्य प्रमुख शहरों में भी पेट्रोल की कीमतें 106 रुपये प्रति लीटर के करीब पहुंच चुकी हैं। बिलासपुर में पेट्रोल का रेट 108. 06 प्रति लीटर दर्ज किया गया है, जबकि सरगुजा में यह 108.32 प्रति लीटर तक पहुंच गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि अलग-अलग जिलों में राज्य कर, वैट और ट्रांसपोर्टेशन लागत में अंतर होने के कारण ईंधन की कीमतों में थोड़ा बदलाव देखने को मिलता है। लगातार बढ़ते दामों ने पूरे प्रदेश में वाहन चालकों और आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

क्यों बढ़ रहे हैं पेट्रोल-डीजल के दाम?

पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के पीछे कई बड़े कारण जिम्मेदार माने जा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल यानी क्रूड ऑयल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है। कई देशों में भू-राजनीतिक तनाव और सप्लाई प्रभावित होने के कारण तेल महंगा हो रहा है। इसके अलावा पेट्रोल-डीजल की कीमतों में केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी और राज्य सरकार का VAT भी शामिल होता है, जिसकी वजह से अलग-अलग राज्यों में ईंधन के रेट अलग दिखाई देते हैं। वहीं भारत कच्चा तेल बड़े पैमाने पर आयात करता है, इसलिए डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी भी सीधे तौर पर ईंधन की कीमतों को प्रभावित करती है।

महंगाई पर भी पड़ सकता है असर

विशेषज्ञों का कहना है कि पेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ने से केवल वाहन चालकों पर असर नहीं पड़ता, बल्कि इसका प्रभाव पूरे बाजार पर दिखाई देता है।डीजल महंगा होने से ट्रांसपोर्टेशन लागत बढ़ती है, जिसका असर सब्जियों, फल, खाद्यान्न, निर्माण सामग्री और अन्य रोजमर्रा के सामान की कीमतों पर भी पड़ सकता है। इससे आने वाले दिनों में महंगाई और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

लोगों ने जताई नाराजगी

लगातार बढ़ते पेट्रोल-डीजल के दामों को लेकर आम लोगों में नाराजगी भी देखने को मिल रही है। वाहन चालकों का कहना है कि हर महीने ईंधन पर खर्च बढ़ता जा रहा है, जिससे घरेलू बजट प्रभावित हो रहा है। कई लोगों ने निजी वाहन का उपयोग कम कर पब्लिक ट्रांसपोर्ट का सहारा लेना शुरू कर दिया है। वहीं व्यापारी वर्ग का कहना है कि ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ने से व्यापार पर भी असर पड़ रहा है।

क्या आने वाले दिनों में और बढ़ेंगे दाम?

तेल बाजार से जुड़े जानकारों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी बनी रहती है, तो आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल और महंगे हो सकते हैं। हालांकि वैश्विक हालात और सरकार की नीतियों के आधार पर कीमतों में बदलाव संभव है। फिलहाल आम लोगों की नजरें ईंधन कंपनियों और सरकार के अगले फैसले पर टिकी हुई हैं।

कैसे तय होती हैं पेट्रोल-डीजल की कीमतें?

भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें हर दिन अपडेट की जाती हैं। इनकी कीमत तय करने में कई अहम फैक्टर भूमिका निभाते हैं, जिनमें अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति, केंद्र और राज्य सरकार द्वारा लगाए गए टैक्स, ट्रांसपोर्टेशन लागत और डीलर कमीशन शामिल हैं। इन्हीं सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तेल कंपनियां रोजाना सुबह नए रेट जारी करती हैं, जिसके कारण ईंधन की कीमतों में हर दिन बदलाव देखने को मिलता है।

आम लोगों को राहत का इंतजार

लगातार बढ़ती महंगाई के बीच लोग अब पेट्रोल-डीजल की कीमतों में राहत की उम्मीद कर रहे हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि यदि ईंधन के दाम इसी तरह बढ़ते रहे तो रोजमर्रा की जिंदगी और महंगी हो जाएगी।

छत्‍तीसगढ़ विधानसभा ने धार्मिक स्‍वतंत्रता विधेयक को ध्‍वनि-मत से किया पारित…

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छत्‍तीसगढ़ विधानसभा ने धार्मिक स्‍वतंत्रता विधेयक को ध्‍वनि-मत से पारित कर दिया है। इस विधेयक का उद्देश्‍य धोखे से, बलपूर्वक, प्रलोभन देकर या डिजिटल तरीके से धर्म परिवर्तन पर रोक लगाई गई है। विपक्ष ने इस विधेयक के विरोध में सदन का बहिष्‍कार किया। विपक्ष का कहना था कि इस तरह के 11 राज्‍यों से संबंधित मामले सर्वोच्‍च न्‍यायालय में लंबित है और सर्वोच्‍च न्‍यायालय का फैसला आने के बाद ही इस मामले में आगे बढ़ा जाना चाहिए। जवाब में, उप-मुख्‍यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि सर्वोच्‍च न्‍यायालय ने इस तरह के किसी भी मामले में रोक नहीं लगाई है और अवैध धर्मांतरण पर अंकुश लगाना राज्‍य सरकार के अधिकार-क्षेत्र में आता है। विधेयक में गलत तरीके से धर्मांतरण को गैर-जमानती अपराध माना गया है जिसके लिए सात से दस साल तक की सज़ा हो सकती है। इसके अलावा, दोषी पाए जाने पर न्‍यूनतम 5 लाख रूपए तक का जुर्माना भी भरना होगा। विधेयक के अनुसार, धर्मांतरण के इच्‍छुक लोगों को इसकी पूर्वानुमति लेनी होगी।

दिल्ली के लाल किला मैदान में जनजातीय अस्मिता, सांस्कृतिक गौरव और सामाजिक चेतना का विराट संगम…

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देश की राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किला मैदान में रविवार को जनजातीय अस्मिता, सांस्कृतिक गौरव और सामाजिक चेतना का विराट संगम देखने को मिला, जब भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय जनजाति सांस्कृतिक समागम में देशभर से हजारों जनजातीय प्रतिनिधि, युवा, सामाजिक कार्यकर्ता तथा पारंपरिक समुदायों के लोग एक मंच पर एकत्र हुए।

जनजाति सुरक्षा मंच एवं जनजाति जागृति समिति द्वारा आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष महत्व प्रदान किया। मुख्यमंत्री साय के साथ छत्तीसगढ़ सरकार के मंत्री केदार कश्यप एवं रामविचार नेताम भी उपस्थित थे।

सीएम साय ने रेखा गुप्ता से की मुलाकत

कार्यक्रम स्थल पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से सौजन्य भेंट की।

लाल किले की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, पारंपरिक वेशभूषा, लोक वाद्ययंत्रों और जनजातीय संस्कृति के विविध रंगों से सजा यह आयोजन केवल सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारत की मूल सांस्कृतिक चेतना और जनजातीय पहचान के संरक्षण का राष्ट्रीय संदेश बनकर उभरा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कार्यक्रम में देशभर से आए जनजातीय समाज के प्रतिनिधियों और लोगों से आत्मीय मुलाकात की तथा अपने संबोधन में कहा कि जनजातीय समाज केवल प्रकृति का रक्षक नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक आत्मा का सबसे प्राचीन और जीवंत स्वरूप है। उन्होंने कहा कि सदियों से जल, जंगल और जमीन की रक्षा करते हुए जनजातीय समाज ने प्रकृति और मानव जीवन के बीच संतुलन बनाए रखने का कार्य किया है। आज जब पूरी दुनिया पर्यावरण संकट और असंतुलित विकास की चुनौतियों से जूझ रही है, तब जनजातीय जीवन दर्शन मानवता को टिकाऊ और प्रकृति-सम्मत विकास का रास्ता दिखा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज सदियों से प्रकृति के साथ सहअस्तित्व और संतुलन का जीवन जीता आया है तथा उनकी संस्कृति और परंपराएं भारत की अमूल्य धरोहर हैं।

जनजातीय संस्कृति से गहराई से जुड़ी हुई है छत्तीसगढ़ की पहचान

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी समृद्ध जनजातीय संस्कृति से गहराई से जुड़ी हुई है। छत्तीसगढ़ में लगभग 44 प्रतिशत भू-भाग वनाच्छादित है, जो केवल प्राकृतिक संपदा का प्रतीक नहीं, बल्कि जनजातीय जीवन, संस्कृति और परंपरा का जीवंत आधार भी है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर राष्ट्र निर्माण तक जनजातीय समाज का योगदान अतुलनीय रहा है।

भगवान बिरसा मुंडा तथा छत्तीसगढ़ के अमर शहीद वीर नारायण सिंह जैसे महानायकों ने अपनी संस्कृति, स्वाभिमान और अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष, साहस और बलिदान का अद्वितीय इतिहास रचा है, जो नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि उनकी सरकार जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और जीवन मूल्यों के संरक्षण तथा संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि ‘आदि परब’, बस्तर पंडुम और बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजन केवल सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनजातीय प्रतिभा, परंपरा, खेलकौशल और पहचान को राष्ट्रीय मंच देने का सशक्त प्रयास हैं।

उन्होंने कहा कि इन आयोजनों के माध्यम से जनजातीय समाज की सांस्कृतिक शक्ति, सामूहिकता और प्रतिभा को नई पहचान मिल रही है तथा युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जुड़ने की प्रेरणा भी प्राप्त हो रही है।

भाषा से जीवित रहती है समाज की संस्कृति

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि किसी भी समाज की संस्कृति उसकी भाषा से जीवित रहती है, इसलिए छत्तीसगढ़ सरकार जनजातीय भाषाओं और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने बताया कि गोंडी, हल्बी और सादरी जैसी जनजातीय भाषाओं में बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा देने की दिशा में विशेष पहल की जा रही है, ताकि नई पीढ़ी अपनी मातृभाषा, सांस्कृतिक जड़ों और पारंपरिक ज्ञान से जुड़ी रह सके। उन्होंने कहा कि भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं होती, बल्कि वह किसी समाज की पहचान, इतिहास और सामूहिक स्मृति का आधार भी होती है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आगे कहा कि बस्तर से सरगुजा तक देवगुड़ी जैसे पारंपरिक आस्था केंद्रों के संरक्षण और विकास का कार्य तेजी से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना केवल परंपरा को बचाने का कार्य नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़ने और उनकी पहचान को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

राज्य सरकार इस दिशा में संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

कलाकारों ने दी प्रस्तुति

कार्यक्रम के दौरान देश के विभिन्न राज्यों से आए जनजातीय कलाकारों ने पारंपरिक नृत्य, लोक संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भारत की समृद्ध जनजातीय विरासत की जीवंत झलक प्रस्तुत की। लाल किला मैदान मांदर, ढोल, पारंपरिक लोकधुनों और सांस्कृतिक उत्साह से गूंजता रहा।

विविध जनजातीय परंपराओं, रंगों, वेशभूषाओं और सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों से सजा यह आयोजन देश की विविधता में एकता और सांस्कृतिक समृद्धि का प्रभावशाली प्रतीक बनकर सामने आया।

भारत के भविष्य की महत्वपूर्ण शक्ति है जनजातीय समाज

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि जनजातीय समाज केवल अतीत की विरासत नहीं, बल्कि भारत के भविष्य की भी महत्वपूर्ण शक्ति है। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज का जीवन दर्शन, प्रकृति के प्रति सम्मान, सामुदायिक जीवन की भावना और सांस्कृतिक अनुशासन आधुनिक विकास मॉडल को मानवीय और संतुलित दिशा दे सकते हैं। लाल किला मैदान में आयोजित यह राष्ट्रीय जनजाति सांस्कृतिक समागम केवल एक आयोजन बनकर सीमित नहीं रहा, बल्कि जनजातीय समाज की एकता, स्वाभिमान, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और प्रकृति-सम्मत विकास के राष्ट्रीय संकल्प का सशक्त घोष बनकर उभरा।