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INDIA गठबंधन की नई बैठक” INDIA गठबंधन में DMK और AAP की वापसी” CJI को लिखा गया पत्र…”

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23 जून को ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस’ (INDIA) की पिछली बैठक में 21 राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया था। हालांकि, आम आदमी पार्टी (AAP) और द्रविड़ मुनेत्र कड़कम (DMK) ने उस बैठक से दूरी बनाई थी।

अब, ये दोनों दल फिर से INDIA गठबंधन के साथ नजर आ रहे हैं। इस गठबंधन ने भारत के चीफ जस्टिस (CJI) को स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) और चुनाव से संबंधित मुद्दों पर एक पत्र भेजा है। कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि इस पत्र पर DMK और AAP ने भी हस्ताक्षर किए हैं, जो दर्शाता है कि ये दल चाहकर भी गठबंधन से अलग नहीं हो पा रहे हैं।

पत्र की जानकारी

इस पत्र में क्या लिखा गया है और CJI से क्या मांग की गई है, इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है। केवल इतना बताया गया है कि यह SIR और चुनावी प्रक्रिया से संबंधित है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने बताया कि CJI को पत्र लिखने का निर्णय 8 जून को हुई बैठक में लिया गया था, जिसमें 21 राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ एक निर्दलीय सदस्य भी शामिल थे। अब इस संयुक्त पत्र पर कुल 23 दलों ने हस्ताक्षर किए हैं और इसे आज CJI को भेजा जाएगा.

DMK और AAP का समर्थन

जयराम रमेश के X पोस्ट को रीपोस्ट करते हुए TMC के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने लिखा है कि ‘INDIA की ओर अच्छी शुरुआत हुई है और इस बार CJI को लिखी गई चिट्ठी पर AAP और DMK ने भी दस्तखत किए हैं।’ इसका अर्थ है कि भले ही ये दोनों दल खुद को INDIA से अलग बता रहे हों, लेकिन मुद्दों के आधार पर वे एकजुट हैं.

DMK की प्रतिक्रिया

DMK के प्रवक्ता सर्वनन अन्नादुराई ने कहा कि ‘DMK ने इस पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं क्योंकि SIR की प्रक्रिया एकतरफा है। यह लोकतंत्र के खिलाफ है और लोगों को वोटिंग प्रक्रिया से बाहर करती है। लोकतंत्र का आधार यूनिवर्सल अडल्ट फ्रैंचाइज है, लेकिन SIR के माध्यम से मतदाताओं को वोटर लिस्ट से बाहर किया जा रहा है। हमने इसके दुष्परिणाम बिहार, बंगाल और अन्य राज्यों में देखे हैं। इसलिए हमने इस पर हस्ताक्षर किए हैं कि SIR जैसी प्रक्रिया नहीं होनी चाहिए।’

AAP और DMK का गठबंधन

आम आदमी पार्टी (AAP) ने लोकसभा चुनाव 2024 के बाद यह घोषणा की थी कि वह INDIA गठबंधन का हिस्सा नहीं है। वहीं, तमिलनाडु में चुनाव परिणामों के तुरंत बाद DMK और कांग्रेस का गठबंधन टूट गया। DMK अब कांग्रेस से नाराज है और उसने लोकसभा में अपने सांसदों को कांग्रेस से अलग बैठाने की व्यवस्था कर ली है। फिर भी, दोनों दलों का इस पत्र पर हस्ताक्षर करना यह दर्शाता है कि अभी भी कुछ उम्मीद बाकी है और भविष्य में इन दलों के साथ रहने की संभावना बनी हुई है.

” आषाढ़ मास 2026: धार्मिक महत्व और पूजा विधियाँ, आषाढ़ मास का महत्व…”

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षाढ़ मास 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार, आषाढ़ मास 30 जून 2026 से शुरू होकर 29 जुलाई 2026 तक रहेगा। इस महीने को साधना, उपासना और इच्छाओं की पूर्ति के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है।

पौराणिक ग्रंथों में उल्लेख है कि इस माह में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा (16 जुलाई), गुप्त नवरात्रि, और गुरु पूर्णिमा (29 जुलाई) जैसे महत्वपूर्ण पर्व आते हैं। इस पावन समय में भगवान श्री विष्णु चार महीने के लिए योगनिद्रा में चले जाते हैं। आइए, आषाढ़ मास से जुड़ी पूजा, दान, नियम और धार्मिक महत्व के बारे में विस्तार से जानते हैं।

आषाढ़ मास में क्या करें

यह पावन मास भगवान श्रीविष्णु की पूजा के साथ स्नान-दान और उपवास के लिए अत्यधिक फलदायी माना गया है।

सूर्य पूजा और अर्घ्य:
नियमित रूप से सूर्योदय से पहले उठकर तांबे के लोटे में जल, अक्षत और लाल फूल डालकर उगते सूर्य को अर्घ्य दें। इससे आत्मबल में वृद्धि होती है।

विष्णु साधना:
प्रतिदिन ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जप करें। भगवान विष्णु के वामन अवतार की पूजा इस महीने विशेष फलदायी होती है।

विशेष दान और आहार

विशेष चीजों का दान:
आषाढ़ में खड़ाऊं (चप्पल-जूते), छाता, नमक, आँवला, वस्त्र और जल से भरे घड़े का दान करने से कुंडली के बड़े से बड़े ग्रह दोष शांत होते हैं।

आहार में बदलाव:
सेहत को दुरुस्त रखने के लिए भोजन में सौंफ, हींग और नींबू का इस्तेमाल बढ़ाएं।

परहेज करें:
तामसिक और गरिष्ठ भोजन से बचें। संक्रमण से बचने के लिए लहसुन, प्याज, मांस-मदिरा, हरी पत्तेदार सब्जियां, बैंगन और मसूर की दाल खाने से परहेज करें।

“महत्वपूर्ण नियमों में बदलाव ” ” जुलाई में लागू होने वाले नए नियम…”

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जुलाई के महीने की शुरुआत के साथ, देशभर में कई महत्वपूर्ण नियमों में बदलाव होने जा रहे हैं। इन परिवर्तनों का सीधा प्रभाव आम जनता की दैनिक जीवन और खर्चों पर पड़ सकता है। एलपीजी सिलेंडर, आधार कार्ड, रेलवे, क्रेडिट कार्ड, पासपोर्ट, कारों की कीमतें और पेट्रोल-डीजल जैसे कई क्षेत्रों में नए नियम लागू होने की संभावना है। इसलिए, इन परिवर्तनों की जानकारी पहले से रखना आवश्यक है, ताकि भविष्य में किसी भी समस्या का सामना न करना पड़े।

एलपीजी कनेक्शन के नियमों में सख्ती

सरकार ने उन उपभोक्ताओं को पहले ही सूचित कर दिया था जिनके पास एलपीजी और पीएनजी दोनों कनेक्शन हैं। ऐसे उपभोक्ताओं को एक कनेक्शन सरेंडर करने के लिए 30 जून तक का समय दिया गया था। अब 1 जुलाई से इस नियम का प्रभाव दिख सकता है। इसके अलावा, जिन लोगों ने अभी तक केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उन्हें गैस सिलेंडर की बुकिंग या आपूर्ति में कठिनाई हो सकती है। हालांकि, सरकार कुछ मामलों में राहत भी दे सकती है।

एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में राहत की उम्मीद

हाल के महीनों में पश्चिम एशिया में तनाव के कारण ऊर्जा बाजार प्रभावित हुआ था, जिससे गैस की कीमतों पर असर पड़ा। अब जब क्षेत्र में स्थिति सामान्य हो रही है, तो उम्मीद की जा रही है कि सरकार घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कुछ राहत दे सकती है। हालांकि, अंतिम निर्णय तेल कंपनियों और सरकार की समीक्षा के बाद ही होगा।

आधार कार्ड अपडेट करना होगा सरल

जुलाई से आधार कार्ड से संबंधित एक नई सुविधा शुरू होने जा रही है। यदि किसी व्यक्ति को अपने आधार में ईमेल आईडी अपडेट करनी है, तो वह अब आधार ऐप के माध्यम से यह कार्य मुफ्त में कर सकेगा। पहले इस सेवा के लिए शुल्क देना पड़ता था, जिससे लाखों आधार धारकों को बड़ी सुविधा मिलेगी।

रेलवे में बिना टिकट यात्रा पर सख्ती

भारतीय रेलवे भी जुलाई से कुछ नए नियम लागू करने की योजना बना रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बिना टिकट यात्रा करने वालों पर जुर्माने की राशि बढ़ाई जा सकती है। इसके अलावा, रेलवे परिसरों में अनुशासन बनाए रखने और यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के लिए नए प्रावधान भी लागू किए जा सकते हैं।

ITR भरने की अंतिम तिथि का ध्यान रखें

वित्त वर्ष 2025-26 के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने वाले करदाताओं के लिए 31 जुलाई अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। यदि समय पर रिटर्न दाखिल नहीं किया गया, तो जुर्माना देना पड़ सकता है और कुछ टैक्स संबंधी सुविधाओं का लाभ भी प्रभावित हो सकता है।

पासपोर्ट बनवाना हो सकता है महंगा

यदि आप नया पासपोर्ट बनवाने की योजना बना रहे हैं, तो आपको पहले से अधिक शुल्क चुकाना पड़ सकता है। विदेश मंत्रालय ने सामान्य और तत्काल दोनों श्रेणी के पासपोर्ट के सेवा शुल्क में संशोधन किया है, जो जुलाई से लागू हो सकता है।

क्रेडिट कार्ड के नियमों में बदलाव

एसबीआई कार्ड अपने कुछ विशेष क्रेडिट कार्ड पर मिलने वाले रिवॉर्ड पॉइंट्स के नियमों में बदलाव कर रहा है। अब कई प्रकार के लेनदेन पर पहले जैसी सुविधाएं नहीं मिलेंगी। वहीं, एचडीएफसी बैंक ने एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस के लिए खर्च की नई शर्तें लागू की हैं। निर्धारित सीमा तक खर्च करने वाले ग्राहकों को ही मुफ्त सुविधा का लाभ मिलेगा।

कार खरीदना हो सकता है महंगा

ऑटोमोबाइल कंपनियां भी जुलाई से अपने वाहनों की कीमतों में वृद्धि करने की योजना बना रही हैं। किआ मोटर्स ने अपनी कारों की कीमतों में लगभग 2 प्रतिशत तक वृद्धि का संकेत दिया है। वहीं, टाटा मोटर्स भी अपने पेट्रोल, डीजल और इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमतों में बढ़ोतरी पर विचार कर रही है।

पेट्रोल-डीजल खरीदने के नियमों में बदलाव

सरकार ने बड़े व्यावसायिक उपभोक्ताओं पर लागू कुछ अस्थायी प्रतिबंध हटा दिए हैं। अब परिवहन कंपनियां, उद्योग और अन्य व्यावसायिक संस्थान पहले की तरह खुदरा पेट्रोल पंपों से अपनी जरूरत के अनुसार पेट्रोल और डीजल खरीद सकेंगे। इससे ईंधन की उपलब्धता पहले से अधिक आसान हो सकती है।

दिल्ली में नई ईवी पॉलिसी की संभावना

राजधानी दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए नई ईवी पॉलिसी लागू होने की संभावना है। इस योजना के तहत सरकार आने वाले वर्षों में हजारों करोड़ रुपये निवेश करने की तैयारी में है। नई नीति का उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ाना, प्रदूषण कम करना और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाना है।

“मुंबई में बारिश का कहर” आईएमडी ने जारी किया अलर्ट”

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महाराष्ट्र की आर्थिक राजधानी मुंबई और नवी मुंबई में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। कई क्षेत्रों में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई है, जिससे सड़क यातायात पर बुरा असर पड़ा है।

अंधेरी, मलाड, मुलुंड और नवी मुंबई के एपीएमसी मार्केट जैसे स्थानों पर सड़कों पर पानी भर गया है, जिसके कारण प्रमुख मार्गों पर लंबा ट्रैफिक जाम देखने को मिला है।

आईएमडी का अलर्ट

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मुंबई के लिए अगले कुछ दिनों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी देते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, बुधवार से शुक्रवार तक शहर में कई स्थानों पर तेज बारिश, गरज-चमक और 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। मंगलवार के लिए येलो अलर्ट भी जारी किया गया है।

अलर्ट का क्षेत्र

आईएमडी ने पालघर जिले के लिए रेड अलर्ट जारी किया है, जहां अत्यधिक भारी बारिश और गरज-चमक की संभावना है। रायगढ़ जिले में अगले पांच दिनों के लिए ऑरेंज अलर्ट लागू किया गया है।

सोमवार रात से मंगलवार सुबह तक हुई तेज बारिश ने मुंबई के उपनगरों में सबसे अधिक प्रभाव डाला। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के अनुसार, मुलुंड के वीणा नगर में 160.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि वर्सोवा में 156.8 मिलीमीटर बारिश हुई। इसके अलावा, मंखुर्द, पवई, मुलुंड और अंधेरी के कई क्षेत्रों में 100 मिलीमीटर से अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई।

स्थिति का आकलन

बारिश के कारण मुलुंड की एलबीएस रोड, अंधेरी सबवे और अन्य निचले इलाकों में जलभराव हो गया है, जिससे वाहनों की आवाजाही बाधित हुई। नवी मुंबई में भी एपीएमसी मार्केट और हाईवे के कुछ हिस्सों में पानी भरने से लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

बीएमसी और स्थानीय प्रशासन जलनिकासी और राहत कार्यों में जुटे हुए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है और नागरिकों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है। प्रशासन ने लोगों को मौसम विभाग की सलाह का पालन करने और खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है।

मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक मुंबई, ठाणे और आसपास के क्षेत्रों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। ऐसे में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों और यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

” कृषि क्षेत्र पर मौसम का असर” फसलों की बुवाई में गिरावट” जलस्तर और मानसून की स्थिति…”

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इस वर्ष, भारत के कृषि क्षेत्र में मौसम की दोहरी चुनौती सामने आई है। दक्षिण-पश्चिम मानसून के देर से आने और उसकी धीमी प्रगति के कारण धान समेत अन्य प्रमुख खरीफ फसलों की बुवाई में भारी कमी आई है।

कृषि मंत्रालय द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, जून के अंत तक खरीफ फसलों की कुल बुवाई 182.72 लाख हेक्टेयर तक सीमित रह गई, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि में 236.46 लाख हेक्टेयर की तुलना में 23 प्रतिशत कम है.

केवल धान ही नहीं, बल्कि दलहन, तिलहन, मोटे अनाज और कपास की बुवाई भी पिछले वर्ष की तुलना में कम हुई है। आमतौर पर, खरीफ फसलों की बुवाई जून में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन के साथ शुरू होती है। आंकड़ों के अनुसार, धान की बुवाई 25 जून तक 25.17 प्रतिशत घटकर 25.75 लाख हेक्टेयर रह गई, जबकि पिछले वर्ष इसी समय यह 34.41 लाख हेक्टेयर थी.

दलहनों की बुवाई 30.47 प्रतिशत घटकर 14.92 लाख हेक्टेयर रह गई, जो एक वर्ष पहले 21.46 लाख हेक्टेयर थी। तिलहनों का रकबा 53.33 प्रतिशत घटकर 16.99 लाख हेक्टेयर रह गया, जबकि पिछले वर्ष यह 36.41 लाख हेक्टेयर था. मूंगफली का रकबा 15.29 लाख हेक्टेयर से घटकर 8.87 लाख हेक्टेयर और सोयाबीन का रकबा 19.97 लाख हेक्टेयर से घटकर 6.92 लाख हेक्टेयर रह गया.

कपास की बुवाई 34.61 प्रतिशत घटकर 29.66 लाख हेक्टेयर रह गई, जबकि पिछले वर्ष यह 45.36 लाख हेक्टेयर थी। हालांकि, गन्ने का रकबा मामूली बढ़कर 57.31 लाख हेक्टेयर हो गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, खरीफ बुवाई के लिए महत्वपूर्ण दक्षिण-पश्चिम मानसून 24 जून तक सामान्य से 42 प्रतिशत कम रहा.

केंद्रीय जल आयोग की निगरानी में 166 प्रमुख जलाशयों में 25 जून तक कुल 48.405 अरब घन मीटर जल उपलब्ध था, जो उनकी पूर्ण भंडारण क्षमता का 26.37 प्रतिशत है। यह जल भंडारण पिछले वर्ष के स्तर का 73.21 प्रतिशत और सामान्य स्तर का 105.67 प्रतिशत है.

चीन का समर्थन और भारत की चिंताएँ….

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चीन ने भारत की चिंताओं के बावजूद तीस्ता नदी के व्यापक प्रबंधन और पुनर्स्थापना परियोजना (TRCMRP) के प्रति अपना समर्थन दोहराया है। बीजिंग में चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने कहा कि बांग्लादेश के साथ चीन का सहयोग किसी तीसरे पक्ष के प्रभाव से मुक्त होना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह सहयोग किसी अन्य देश को लक्षित नहीं करता है। तीस्ता नदी का बेसिन भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र के निकट स्थित है, जिससे भारत की चिंताएँ बढ़ गई हैं।

परियोजना का महत्व और बांग्लादेश का दृष्टिकोण

जियाकुन ने बताया कि तीस्ता नदी का समुचित प्रबंधन और पुनर्स्थापना एक ऐसा प्रोजेक्ट है जो स्थानीय लोगों की आजीविका से जुड़ा है और बांग्लादेश इसे अत्यधिक महत्वपूर्ण मानता है। चीन इस परियोजना में हर संभव सहायता देने के लिए तत्पर है। उन्होंने कहा कि चीन बांग्लादेश के साथ विकास रणनीतियों में बेहतर समन्वय स्थापित करने और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए तैयार है।

तकनीकी अध्ययन और समझौते की प्रगति

बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान ने बताया कि दोनों देशों के विशेषज्ञ इस परियोजना के लिए तकनीकी व्यवहार्यता अध्ययन करेंगे। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष इस पर सहमत हो गए हैं, जबकि पिछली बार यह मामला इस चरण पर नहीं था। चीन ने कहा है कि वह इस परियोजना के लिए हर संभव मदद करेगा, क्योंकि व्यवहार्यता अध्ययन इसे सही ठहराता है।

भारत की सुरक्षा चिंताएँ

इस साल जनवरी में बांग्लादेश वॉटर डेवलपमेंट बोर्ड (BWDB) और चीन की सरकारी कंपनी POWERCHINA ने एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए, जिससे तीस्ता प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। भारत को चीन की इस परियोजना में भागीदारी को लेकर चिंता है, क्योंकि यह नदी सिलीगुड़ी कॉरिडोर के निकट है। इस क्षेत्र में किसी भी बाहरी प्रभाव, विशेषकर चीन की उपस्थिति, भारत की सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा सकती है।

” वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में प्रगति की समीक्षा…”

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नई दिल्ली में केंद्रीय सचिवों के साथ बैठक”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को शाम 4 बजे सभी केंद्रीय मंत्रालयों के सचिवों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित करेंगे। इस बैठक में सरकार की प्रमुख योजनाओं की प्रगति, प्रशासनिक सुधारों और नागरिकों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने के उपायों पर चर्चा की जाएगी। इसका मुख्य उद्देश्य वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में प्रगति की समीक्षा करना है।

सुधारों और सुशासन पर ध्यान केंद्रित”

सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में ‘ईज ऑफ लिविंग’ (जीवन को सरल बनाना) और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ (व्यापार में आसानी) से संबंधित सुधारों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। प्रधानमंत्री विभिन्न मंत्रालयों द्वारा किए गए सुधारों और आम जनता के लिए शुरू की गई नई पहलों की समीक्षा करेंगे। बैठक में कई मंत्रालयों के सचिव अपने विभागों की उपलब्धियों, चल रही योजनाओं और सुधारों की प्रगति पर प्रस्तुति देंगे। इसके अलावा, भविष्य में लागू किए जाने वाले नए सुधारों पर भी चर्चा की जाएगी।

लंबित कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश”

बैठक के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी अधिकारियों को प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाने और जनता से जुड़े मामलों का समय पर समाधान सुनिश्चित करने की सलाह दे सकते हैं। सरकार का उद्देश्य है कि नागरिकों को सरकारी सेवाओं का लाभ बिना किसी देरी के मिले और शासन व्यवस्था अधिक प्रभावी हो।

विकसित भारत 2047 पर चर्चा”

सरकार ने पहले ही वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसी दिशा में अगले दस वर्षों के लिए सुधारों की रूपरेखा पर चर्चा होने की उम्मीद है। हाल के आर्थिक आंकड़ों में देश की मजबूत विकास दर को भी बैठक में आधार बनाया जा सकता है। जनवरी से मार्च तिमाही में भारत की अर्थव्यवस्था ने 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की, जबकि वित्त वर्ष 2025-26 में कुल जीडीपी वृद्धि दर 7.7 प्रतिशत रही। सरकार इसे सुधारों और निवेश का सकारात्मक परिणाम मानती है।

वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति”

बैठक में प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव पी.के. मिश्रा, प्रधान सचिव शक्तिकांत दास और कैबिनेट सचिव टी.वी. सोमनाथन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हो सकते हैं। इस बैठक के माध्यम से सरकार आने वाले वर्षों के लिए प्रशासनिक सुधारों की नई दिशा तय करने की योजना बना रही है।

” मानसून की संभावित शुरुआत” अल नीनो के प्रभाव से मानसून कमजोर, लेकिन अब स्थितियां अनुकूल हो रही हैं…”

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उत्तर भारत के उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून एक या दो दिन में आ सकता है। स्काईमेट वेदर ने बताया है कि मौसमी परिस्थितियां दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन के लिए अनुकूल हो गई हैं।

यूपी में बारिश की संभावना: 2 जुलाई तक बारिश की उम्मीद

भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, मानसून अगले दो दिनों में उत्तराखंड में पहुंच जाएगा। स्काईमेट के अनुसार, 2 जुलाई तक उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। अधिकारियों ने बताया कि बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी भरी पूर्वी हवाएं यूपी के पूर्वोत्तर क्षेत्रों में पहुंचने लगी हैं, और इसके साथ ही पूर्वी उत्तर प्रदेश में एक चक्रवाती परिसंचरण भी सक्रिय है। इन दोनों मौसम प्रणालियों के प्रभाव से मानसून उत्तर दिशा में तेजी से बढ़ेगा और बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी।

मानसून का सामान्य समय: मानसून का सामान्य आगमन

आमतौर पर, पूर्वी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में मानसून 20 जून के आसपास पहुंचता है, लेकिन इस बार अल नीनो के कारण यह कमजोर और सुस्त रहा है। अल नीनो के प्रभाव से देश के अन्य हिस्सों में भी मानसून समय से पीछे चल रहा है। स्काईमेट के अनुसार, पूर्वी यूपी में 30 जून से हल्की से मध्यम बारिश शुरू होने की संभावना है। आईएमडी ने बताया कि 1 जुलाई को मौसम प्रणाली मजबूत होगी और बारिश का दायरा बढ़ेगा।

येलो अलर्ट जारी

पिथौरागढ़, पौड़ी और बागेश्वर के लिए येलो अलर्ट

उत्तर प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों और पूरे उत्तराखंड में 2 जुलाई तक मानसूनी बारिश की संभावना है। कुछ स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश भी हो सकती है। मौसम विभाग ने उत्तराखंड के पिथौरागढ़, पौड़ी और बागेश्वर जिलों के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही, प्रदेश के सभी पर्वतीय जिलों में तेज बारिश और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।

” जुलाई में घूमने का प्लान ” ” जुलाई में यात्रा के लिए बेहतरीन टूर पैकेज “

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क्या आप जुलाई में यात्रा करने की योजना बना रहे हैं? यदि हां, तो यह लेख आपके लिए उपयोगी साबित होगा। जुलाई का महीना कल से शुरू होने वाला है। यदि आपका बजट 20,000 रुपये है, तो आप इन स्थानों पर यात्रा कर सकते हैं।

भारतीय रेलवे जुलाई में कई नए टूर पैकेज पेश करने जा रही है। ये पैकेज विभिन्न तारीखों पर शुरू होंगे, इसलिए आप अपने वीकेंड के अनुसार यात्रा की योजना बना सकते हैं।

पैकेज बुकिंग की जानकारी

ध्यान दें कि पैकेज की टिकट बुकिंग पहले से की जाती है, लेकिन यात्रा की शुरुआत निर्धारित तारीख पर ही होगी। आइए जानते हैं जुलाई के विभिन्न पैकेज के बारे में:

मुंबई से शिरडी बाबा टूर पैकेज

यह पैकेज 4 जुलाई 2026 से शुरू होगा। इसमें आपको 1 रात और 2 दिनों की यात्रा का अनुभव मिलेगा। जब यह पैकेज चालू होगा, तो आप हर गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार को यात्रा कर सकेंगे। यात्रा ट्रेन से होगी और शहर में घूमने के लिए कैब की सुविधा भी उपलब्ध होगी.

पैकेज फीस

– यदि आप अकेले यात्रा करना चाहते हैं, तो एसी कोच के लिए आपको 14,100 रुपये का भुगतान करना होगा।

– 2 लोगों के साथ यात्रा करने पर प्रति व्यक्ति पैकेज फीस 10,300 रुपये है।

– यदि आप 3 लोगों के साथ यात्रा कर रहे हैं, तो आपको 9,650 रुपये देने होंगे।

– बच्चों के लिए अलग से फीस निर्धारित की गई है, एसी कोच में यात्रा करने के लिए 9,650 रुपये का भुगतान करना होगा। आप चाहें तो स्लीपर कोच में भी यात्रा कर सकते हैं।

चेन्नई से महाबलीपुरम टूर पैकेज

यदि आप पुडुचेरी और महाबलीपुरम दोनों स्थानों का अनुभव करना चाहते हैं, तो यह पैकेज आपके लिए उपयुक्त है। यह पैकेज 6 जुलाई 2026 से शुरू होगा। यात्रा के आरंभ होने के बाद, आप हर सोमवार और बुधवार को यात्रा कर सकेंगे। इस पैकेज में पूरी यात्रा कैब से की जाएगी।

पैकेज फीस

– अकेले यात्रा करने पर यात्रियों को 16,850 रुपये का भुगतान करना होगा।

– 2 लोगों के साथ यात्रा करने पर प्रति व्यक्ति 8,750 रुपये का शुल्क है।

– यदि 3 यात्री यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो पैकेज फीस 6,350 रुपये होगी।

कोच्चि से मुन्नार टूर पैकेज

यह टूर पैकेज केवल 2 रात और 3 दिनों का है। यह पैकेज 4 जुलाई से शुरू होगा, जिसके बाद आप हर दिन यात्रा कर सकेंगे। पूरी यात्रा कैब से की जाएगी और खाने-पीने की सुविधा भी उपलब्ध होगी। इस पैकेज का कोड SEH020 है। आप टिकट बुकिंग IRCTC की वेबसाइट पर कर सकते हैं।

पैकेज फीस

– यदि आप अकेले यात्रा कर रहे हैं, तो पैकेज फीस 22,450 रुपये है।

– 2 लोगों के साथ यात्रा करने पर प्रति व्यक्ति 11,700 रुपये का शुल्क है।

– यदि 3 लोग यात्रा कर रहे हैं, तो उन्हें 9,300 रुपये का भुगतान करना होगा।

” गुरु रविदास जी के प्रकाश पर्व पर पंजाब सरकार की नई पहल…”

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मुख्यमंत्री भगवंत मान की विशेष पहल

मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार ने गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व को विशेष रूप से मनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। आज संगरूर में आयोजित एक कार्यक्रम में, सीएम भगवंत मान ने 50 प्रचार वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये वैन पूरे पंजाब के 13,000 गांवों में जाएंगी। प्रत्येक वैन में 30 मिनट की एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म दिखाई जाएगी, जिसमें गुरु रविदास जी के जीवन और उनके शिक्षाओं को दर्शाया गया है। इस डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से लोगों को गुरु रविदास जी के संदेश, समानता, भाईचारे और सामाजिक न्याय की शिक्षा दी जाएगी।

कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य व्यक्ति

इस कार्यक्रम में संत समाज के कई सम्मानित प्रतिनिधि विशेष रूप से शामिल हुए। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान की इस पहल की सराहना की और कहा कि गुरु रविदास जी के विचारों को गांव-गांव तक पहुंचाने का यह एक उत्कृष्ट प्रयास है। सीएम भगवंत मान ने कहा कि गुरु रविदास जी का संदेश आज भी प्रासंगिक है। उनकी शिक्षाएं समाज को एकजुट रखने और सभी वर्गों के उत्थान में सहायक होती हैं। सरकार का उद्देश्य है कि इन शिक्षाओं को पूरे पंजाब में आम लोगों तक पहुंचाया जाए, विशेषकर युवा पीढ़ी को इससे जोड़ा जाए।

इस पहल के लाभ

इस पहल के माध्यम से गांवों में गुरु रविदास जी की जयंती और शिक्षाओं का प्रचार-प्रसार होगा, जिससे लोगों में सामाजिक सद्भाव और समानता की भावना बढ़ेगी और युवाओं को सकारात्मक विचार प्राप्त होंगे। यह कार्यक्रम गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व (जन्मोत्सव) के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है। पंजाब सरकार की यह पहल न केवल धार्मिक है, बल्कि सामाजिक एकता को भी मजबूत करने वाली है। संगरूर के इस कार्यक्रम के बाद ये प्रचार वैन पूरे पंजाब में निकल पड़ी हैं। आने वाले दिनों में लाखों लोग गुरु रविदास जी के जीवन और उनके संदेश से जुड़ सकेंगे।