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“झारखंड नगर निकाय चुनाव: राज्यपाल से लेकर सांसदों-मंत्रियों तक ने डाले वोट, मतदाताओं से भागीदारी की अपील”

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झारखंड के 48 नगर निकायों में जारी मतदान के बीच राज्यपाल, सांसदों और मंत्रियों सहित कई प्रमुख हस्तियों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया और मतदाताओं से लोकतांत्रिक प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की।

झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने रांची स्थित एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट परिसर के मतदान केंद्र पर वोट डाला। मतदान के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि स्थानीय निकाय चुनाव क्षेत्र के विकास से सीधे जुड़े होते हैं।

उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे अवश्य मतदान करें और ऐसे प्रतिनिधि चुनें जो अपने क्षेत्र और राज्य की भलाई के लिए प्रतिबद्ध हों। राज्यपाल ने कहा कि किसे वोट देना है, यह मतदाता स्वयं तय करें, लेकिन मतदान करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।

गोड्डा के भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने देवघर नगर निगम क्षेत्र में सपरिवार मतदान किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर तस्वीर साझा करते हुए लोगों से लोकतंत्र के इस अधिकार का उपयोग करने की अपील की।

मतदान के बाद उन्होंने बैलेट पेपर से कराए जा रहे चुनाव पर सवाल उठाए और कहा कि डिजिटल युग में इस व्यवस्था से राज्य विकास की दौड़ में पीछे जा सकता है। हालांकि उन्होंने भरोसा जताया कि भाजपा समर्थित प्रत्याशी बेहतर प्रदर्शन करेंगे। हजारीबाग से सांसद मनीष जायसवाल ने भी मतदान कर इसे क्षेत्र के विकास, स्वच्छता और पारदर्शिता के लिए महत्वपूर्ण अवसर बताया।

उन्होंने मतदाताओं से “पहले मतदान, फिर जलपान” के संदेश के साथ अधिकाधिक भागीदारी की अपील की। गिरिडीह में मंत्री सुदिव्य कुमार ने मतदान किया, जबकि राज्य की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने संत अजय मिडिल स्कूल, दहिसोत बनहोरा स्थित बूथ पर अपना वोट डाला।

उन्होंने कहा कि मतदान अधिकार के साथ-साथ जिम्मेदारी भी है और युवाओं को विशेष रूप से आगे आना चाहिए। मंत्री ने सोशल मीडिया पर संदेश जारी कर कहा कि शहर की सरकार चुनते समय शिक्षित, अनुभवी और दूरदर्शी नेतृत्व को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। राज्य भर में जारी मतदान के दौरान प्रमुख नेताओं की सक्रिय भागीदारी ने चुनावी माहौल को और उत्साहित किया है।

बांग्लादेश: ढाका के कलाबागान इलाके में गोलीबारी, बीएनपी नेता घायल…

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बांग्लादेश की राजधानी ढाका के कलाबागान इलाके में प्रधानमंत्री तारिक रहमान की पार्टी के एक सदस्य को गोली मार दी गई है। अज्ञात हमलावरों की गोलीबारी में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के घायल नेता को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

रविवार रात की यह घटना तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बीएनपी के 13वें पार्लियामेंट्री इलेक्शन में बड़ी जीत के बाद सरकार बनाने के कुछ ही दिनों बाद हुई।

बांग्लादेशी मीडिया आउटलेट यूएनबी ने बताया कि कलाबागान वार्ड-16 बीएनपी के संयुक्त महासचिव शफीकुर रहमान (55 साल) को पुलिस स्टेशन इलाके में मौजूद शू मार्केट के सामने गोली मारी गई।

शफीकुर को ढाका मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल ले जाने वाले स्थानीय दुकानदार शाहपरान के मुताबिक, घायल बीएनपी नेता जूते सप्लाई करते हैं।

यूएनबी ने दुकानदार के हवाले से बताया, “अचानक, एक गोली उनके बाएं हाथ में लगी।”

इस घटना की पुष्टि करते हुए, हॉस्पिटल में पुलिस कैंप के इंचार्ज इंस्पेक्टर मोहम्मद फारुक ने कहा कि एक घायल बिजनेसमैन को कलाबागान से लाया गया था और उसका आपातकालीन विभाग में इलाज चल रहा है।

उन्होंने आगे कहा, “हमने कलाबागान पुलिस स्टेशन को मामले की जानकारी दे दी।”

स्थानीय मीडिया का दावा है कि पिछले हफ्ते, बांग्लादेश के पांच जिलों में चुनाव बाद हिंसा में नौ लोग घायल हुए और एक घर में आग लगा दी गई।

हिंसा बढ़ने पर, 14 फरवरी की रात को नटोरे जिले के लालपुर उपजिला में बीएनपी कार्यकर्ताओं के दो गुटों के बीच हुई झड़प में छह लोग घायल हो गए थे।

बांग्लादेश के जाने-माने अखबार द डेली स्टार ने लालपुर पुलिस स्टेशन के ऑफिसर-इन-चार्ज मोहम्मद मोजिबर रहमान के हवाले से इसकी जानकारी दी थी।

उन्होंने बताया कि दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया और मौके से एक बंदूक बरामद की गई थी।

ढाका की ह्यूमन राइट्स सपोर्ट सोसाइटी (एचआरएसएस) ने अपनी लेटेस्ट रिपोर्ट में बताया कि 13वें संसदीय चुनाव के ऐलान बाद अक्टूबर 2025 से 14 फरवरी के बीच चुनाव से जुड़ी हिंसा में 10 लोग मारे गए और करीब 2,503 घायल हुए।

नतीजों के मुताबिक, एचआरएसएस ने देश भर में हिंसा की 700 से अधिक घटनाएं रिकॉर्ड कीं, जिनमें 10 लोग मारे गए और 2,500 से अधिक घायल हुए।

इसमें यह भी बताया गया कि 34 लोगों को गोली लगी, जबकि 500 ​​से अधिक घरों, गाड़ियों, व्यवसायों, निर्वाचन कार्यालयों और पोलिंग सेंटरों में तोड़फोड़, लूटपाट या आग लगा दी गई।

तारिक रहमान के सत्ता में आने के बाद, एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी कि बांग्लादेश को अशांति और बढ़ते इस्लामी कट्टरपंथ से निपटने में बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। 18 महीने का वो दौर जब मुहम्मद यूनुस शासन चला रहे थे।

Realme P4X 5G: बजट में शानदार डिस्काउंट के साथ उपलब्ध…

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Realme P4X 5G पर विशेष छूट

यदि आप एक किफायती स्मार्टफोन की तलाश में हैं, तो Realme P4X 5G एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। यह डिवाइस वर्तमान में भारी छूट पर उपलब्ध है, जिससे यह खरीदारों के लिए और भी आकर्षक बन गया है।

फोन की मूल कीमत लगभग ₹18,000 है, लेकिन Amazon पर यह लगभग 15% की छूट के साथ ₹16,000 से कम में मिल रहा है।

अतिरिक्त ऑफ़र और लाभ

खरीदार अतिरिक्त बैंक ऑफ़र और EMI लाभ का भी लाभ उठा सकते हैं, जो इस डील को और भी बेहतर बनाते हैं। आइए हम इसकी कीमत और विशेषताओं पर एक नज़र डालते हैं।

Realme P4X 5G की कीमत और छूट

Realme P4X 5G की आधिकारिक कीमत ₹17,999 है। लेकिन, Amazon पर चल रहे डिस्काउंट के साथ, यह फोन केवल ₹15,240 में उपलब्ध है, जो लगभग 15% की छूट दर्शाता है।

इसके अलावा, कुछ क्रेडिट कार्ड पर ₹1,500 तक का तात्कालिक डिस्काउंट भी मिल रहा है। Amazon Pay ICICI बैंक कार्ड से भुगतान करने पर ₹457 तक का कैशबैक ऑफ़र भी है। इन अतिरिक्त लाभों के साथ, प्रभावी कीमत और भी आकर्षक हो जाती है।

Realme P4X 5G: विशेषताएँ और स्पेसिफिकेशन्स

Realme P4X 5G में 6.72-इंच का बड़ा डिस्प्ले है, जो स्मूद 144Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है, जिससे यह गेमिंग और स्क्रॉलिंग के लिए आदर्श बनता है। फोन में MediaTek Dimensity 7400 Ultra 5G चिपसेट है, जो रोज़मर्रा के उपयोग और मल्टीटास्किंग के लिए उत्कृष्ट प्रदर्शन का वादा करता है।

कैमरा विभाग में, स्मार्टफोन में 4K वीडियो रिकॉर्डिंग सपोर्ट वाला 50MP AI प्राइमरी कैमरा और 2MP सेकेंडरी सेंसर है। फ्रंट में, सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए 8MP का कैमरा है।

इस डिवाइस की सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक इसकी विशाल 7000mAh बैटरी है, जो 45W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ आती है, जिससे लंबी बैटरी लाइफ और जल्दी चार्जिंग सुनिश्चित होती है। फोन 6GB RAM और 128GB इंटरनल स्टोरेज के साथ आता है और IP64-रेटेड वॉटर और डस्ट रेजिस्टेंस भी प्रदान करता है।

कुल मिलाकर, इस डिस्काउंटेड कीमत पर, Realme P4X 5G बजट 5G स्मार्टफोन सेगमेंट में एक मजबूत दावेदार के रूप में उभरता है, खासकर उन उपयोगकर्ताओं के लिए जो बिना अधिक खर्च किए बड़ी बैटरी, स्मूद डिस्प्ले और विश्वसनीय प्रदर्शन चाहते हैं।

छत्तीसगढ़ में होली पर बंद रहेंगी शराब की दुकानें, सरकार ने बदला अपना फैसला, घोषित किया ड्राई डे…

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छत्तीसगढ़ में होली पर बंद रहेंगी शराब की दुकानें, सरकार ने बदला अपना फैसला

छत्तीसगढ़ में होली के दिन शराब दुकानों को लेकर अब सरकार ने यू-टर्न लिया है। सरकार ने होली के दिन अब ड्राई डे घोषित कर दिया है। पहले की तरह ही होली के दिन अब शराब की दुकानें नहीं खुलेंगी। पूर्व निर्धारित नियमों के अनुसार प्रतिबंध लागू रहेंगे। अवैध परिवहन सहित अन्य हुड़दंगियों पर कार्रवाई की जाएगी।

दरअसल, छत्तीसगढ़ सरकार ने अपनी नई आबकारी नीति में होली समेत तीन ड्राई डे को खत्म कर दिया था। नई नीति के अनुसार साल 2026-27 में सिर्फ 4 दिन ड्राई डे घोषित किए गए है, इनमें 26 जनवरी गणतंत्र दिवस, 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस, 2 अक्टूबर गांधी जयंती और 18 दिसंबर गुरु घासी दास जयंती शामिल हैं। होली पर ड्राई डे नहीं था। इसे लेकर कई जगहों पर विरोध की खबरें आई थी।

छत्तीसगढ़ में 30 जनवरी को महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर शराब दुकानें खुली रहने के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया था। कांग्रेसियों ने प्रदेश के अलग-अलग शहर की शराब दुकान के सामने भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और नियमों में तत्काल बदलाव की मांग की थी। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बापू के सिद्धांतों और आदर्शों के विपरीत ऐसे पावन दिन पर शराब दुकान का खुला रहना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने इसे महात्मा गांधी के विचारों और जनभावनाओं का अपमान बताया था।

CG: मादक पदार्थों की तस्करी पर लगेगी रोक, तस्कर पहुंचेंगे सलाखों के पीछे, साय सरकार ने किया एसओजी और एंटी नारकोटिक्स सेल का गठन…

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छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अगुवाई वाली सरकार ने अपने दो वर्ष पूरे कर लिए हैं। सरकार ने सुशासन, विकास और कानून-व्यवस्था को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल करते हुए कई नीतिगत निर्णय इन दो वर्षों में लिए हैं। सरकार ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए कई नीतियां बनाई है। इसका परिणाम भी अब धरातल पर दिखने लगा है। साय सरकार ने मादक पदार्थों की तस्करी रोकने और बड़े आपराधिक नेटवर्क पर कार्रवाई के लिए विशेष अभियान समूह (एसओजी) और एंटी नारकोटिक्स सेल के गठन की घोषणा की है।

दरअसल, पिछली सरकार के कार्यकाल के दौरान प्रदेश में नशे का कारोबार तेजी से बढ़ा और छत्तीसगढ़ “नशे का अड्डा” बनता जा रहा था। सीमावर्ती राज्यों से मादक पदार्थों की तस्करी के मामलों में वृद्धि हुई थी और संगठित गिरोह सक्रिय थे। संगठित अपराध, नशे के अवैध कारोबार और अंतरराज्यीय गिरोहों पर अंकुश लगाने के लिए अब विशेषीकृत और तकनीकी रूप से सक्षम इकाइयों की जरूरत थी। प्रदेश में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अगुवाई में सरकार बनते ही शे के अवैध कारोबार पर कड़ा रुख अपनाया है, विशेष अभियान चलाए हैं और तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। सरकार ने विशेष अभियान समूह (एसओजी) और एंटी नारकोटिक्स सेल के गठन किया।

नवगठित एसओजी को संगठित अपराध, बड़े आपराधिक गिरोह और संवेदनशील मामलों की जांच की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। वहीं एंटी नारकोटिक्स सेल राज्य में मादक पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ने, तस्करी नेटवर्क का खुलासा करने और युवाओं को नशे के जाल से बचाने के लिए विशेष अभियान चलाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि अलग से समर्पित इकाई बनने से कार्रवाई अधिक समन्वित और परिणामकारी होगी। इससे जिला पुलिस और राज्य स्तरीय एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल भी सुनिश्चित होगा।

पिछले कुछ वर्षों में देशभर की तरह छत्तीसगढ़ में भी नशीले पदार्थों की अवैध आपूर्ति और साइबर अपराध जैसी नई चुनौतियां सामने आई हैं। राज्य सरकार का कहना है कि अपराध नियंत्रण के पारंपरिक तरीकों के साथ-साथ विशेषीकृत इकाइयों की स्थापना समय की मांग है। कुलमिलाकर साय सरकार के दो वर्ष पूरे होने के साथ कानून-व्यवस्था को लेकर यह पहल एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। एसओजी और एंटी नारकोटिक्स सेल का गठन यह संकेत देता है कि सरकार मादक पदार्थों की तस्करी और संगठित अपराध के खिलाफ लंबी और रणनीतिक लड़ाई की तैयारी में है। अब निगाहें इस बात पर होंगी कि इन नई इकाइयों का जमीनी असर कितना प्रभावी साबित होता है।

छत्तीसगढ़ विधानसभा की बदली परंपरा! जन गण मन से पहले बजेगा ‘वंदे मातरम’, नई प्रोटोकॉल से शुरू हुआ बजट सत्र…

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छत्तीसगढ़ विधानसभा की कार्यप्रणाली में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। नई परंपरा के तहत अब विधानसभा में राज्यपाल के आगमन पर सबसे पहले ‘वंदे मातरम’ गीत बजाया जाएगा।

अब राज्यपाल के आगमन पर बजेगा वंदे मातरम

जानकारी के अनुसार गीत पूरा होने के बाद राज्यपाल का अभिभाषण प्रारंभ होगा। वहीं अभिभाषण समाप्त होने के बाद राष्ट्रगान और राज्य गीत बजाया जाएगा। विधानसभा की इस नई व्यवस्था को औपचारिक रूप से लागू किया गया है।

 ‘वंदे मातरम्’ को लेकर बदले नियम 

बात दें कि केंद्र सरकार ने ‘वंदे मातरम्’ को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नए निर्देश के तहत, अब सरकारी कार्यक्रमों, स्कूलों और कई महत्वपूर्ण आयोजनों में ‘वंदे मातरम्’ बजना अनिवार्य होगा। सभी लोगों को खड़े होकर इसका सम्मान करना होगा, ठीक वैसे ही जैसे राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के समय होता है। लेकिन सिनेमा हॉल में फिल्मों के दौरान यह नियम लागू नहीं होगा।

“छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र आज से शुरू, OP चौधरी पेश करेंगे आर्थिक सर्वेक्षण, हंगामे के आसार”

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छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सेशन आज से शुरू हो रहा है. सत्र का पहला दिन राज्यपाल के अभिभाषण से शुरू होगा, जिसके बाद उनके संबोधन पर कृतज्ञता ज्ञापन प्रस्ताव सौंपा जाएगा.

छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सेशन का पहला दिन आज से शुरू हो रहा है.सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से होगी, जिसके बाद धन्यवाद प्रस्ताव होगा. फाइनेंस मिनिस्टर ओ.पी. चौधरी 2025-26 के लिए इकोनॉमिक सर्वे और दूसरे ऑफिशियल पेपर्स पेश करेंगे. बता दें कि 24 फरवरी को ओ.पी. चौधरी 2026-27 के लिए बजट पेश करेंगे.सत्र में 2,813 सवाल, 61 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव और दो ज़रूरी बिल पेश किए जाने की उम्मीद है. सत्र हंगामेदार भी हो सकता है.

विधानसभा का बजट सत्र आज से शुरू दरअसल,  छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सेशन आज, 23 फरवरी से शुरू हो रहा है और 20 मार्च, 2026 तक चलेगा. बजट सेशन की शुरुआत गवर्नर रामेन डेका के भाषण से होगी. बजट सेशन के दौरान कुल 15 मीटिंग होंगी. वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए 24 फरवरी को दोपहर 12:30 बजे बजट पेश करेंगे. 26 और 27 फरवरी को बजट पर आम चर्चा होगी.

इसके बाद 9 मार्च से 17 मार्च तक डिपार्टमेंट के हिसाब से ग्रांट डिमांड पर विचार किया जाएगा. 17 मार्च को एप्रोप्रिएशन बिल (विनियोग विधेयक) पेश किया जाएगा और 18 मार्च को उस पर चर्चा करके पास किया जाएगा. यह भी पढ़ें: जबरन धर्मांतरण कराने वालों की खैर नहीं! छत्तीसगढ़ विधानसभा में पेश होगा धर्म स्वातंत्र्य विधेयक,

जानें क्या होंगे नए नियम

सत्र के पहले दिन क्या-क्या होगा? सत्र के पहले ही दिन राज्य की फाइनेंशियल हालत का एनालिसिस करने वाला एक ज़रूरी डॉक्यूमेंट छत्तीसगढ़ आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 सदन में पेश किया जाएगा. ओ.पी. चौधरी यह सर्वे पेश करेंगे. कार्यवाही को आसानी से चलाने के लिए विधानसभा अध्यक्ष द्वारा सभापति तालिका की घोषणा की जाएगी.  सत्र के लिए कुल 2813 प्रश्न दर्ज इस सेशन के दौरान छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक (फ्रीडम ऑफ रिलीजन बिल) 2026, और छत्तीसगढ़ लोक सुरक्षा प्रवर्तन विधेयक, 2026 भी पेश किए जाने की उम्मीद है. अब तक सेशन के लिए 2,813 सवाल लगाए गए हैं, जिनमें 1,437 तारांकित सवाल और 1,376 अतारांकित वाले सवाल शामिल हैं.

CG: बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम की वजह से छत्तीसगढ़ में करवट बदल रहा मौसम, लगातार दो दिन बारिश का अलर्ट…

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बीते दिन के मौसम की बात करें तो शुक्रवार को प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान 12.7 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में दर्ज किया गया, वहीं सर्वाधिक अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री सेल्सियस रायपुर में रिकॉर्ड किया गया।

बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने एक कम दबाव के क्षेत्र की वजह से देश के कई हिस्सों में इस समय झमाझम बारिश हो रही है, हालांकि एक दिन पहले तक छत्तीसगढ़ में इसका असर नहीं दिखाई दिया, लेकिन शनिवार से प्रदेश में भी मौसम करवट बदलने जा रहा है और विभाग ने यहां पर भी कुछ इलाकों में बारिश की संभावना जताई है। इस दौरान विभाग ने देर रात तक प्रदेश के कोरिया, बलरामपुर और सूरजपुर जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है।

अगले हफ्ते लगातार दो दिन भीगेंगे प्रदेश के 20 से ज्यादा जिले

इसके अलावा IMD ने अगले हफ्ते की शुरुआत में प्रदेशभर में मौसम में बदलाव होने की जानकारी दी है, साथ ही लगातार दो दिनों तक कई जिलों के भीगने के बारे में बताया है। विभाग के अनुसार सोमवार (23 फरवरी) को प्रदेश के 19 जिलों और मंगलवार (24 फरवरी) को 8 जिलों में पानी गिरने की संभावना है।

“शनिवार को विभाग ने प्रदेश के तीन जिलों में बारिश होने का अनुमान लगाया है।”

”21 फरवरी (शनिवार) को प्रदेश के कोरिया, सूरजपुर और बलरामपुर जिलों में बारिश की संभावना”

”23 फरवरी (सोमवार को इन 19 जिलों में झमाझम बारिश की संभावना- कोरिया, जशपुर, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, बेमेतरा, राजनांदगांव, दुर्ग, रायपुर, महासमुंद, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, बालोद, धमतरी, गरियाबंद, कांकेर, नारायणपुर, कोंडागांव, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर और सुकमा जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए इन जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने व बिजली गिरने की संभावना जताई है।”

”24 फरवरी (मंगलवार) को इन 8 जिलों में दुर्ग, रायपुर, महासमुंद, धमतरी, गरियाबंद, बस्तर, दंतेवाड़ा और सुकमा जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए इन जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने व बिजली गिरने की संभावना जताई है।”

“मौसम विभाग ने सोमवार को प्रदेश के 19 जिलों और मंगलवार को प्रदेश के 8 जिलों में बारिश की संभावना जताई है।” title=”मौसम विभाग ने सोमवार को प्रदेश के 19 जिलों और मंगलवार को प्रदेश के 8 जिलों में बारिश की संभावना जताई है।”

कैसा रहा शुक्रवार का मौसम

बीते दिन के मौसम की बात करें तो शुक्रवार को प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान 12.7 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में दर्ज किया गया, वहीं सर्वाधिक अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री सेल्सियस रायपुर में रिकॉर्ड किया गया। कल कहीं पानी नहीं गिरा। आज 21 फरवरी को राजधानी रायपुर में आकाश मुख्यतः साफ रहने की संभावना है। इस दौरान अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है।

Bengal Election 2026: बंगाल ने इस बार बीजेपी निकालेगी रथ यात्रा, होली के बाद पीएम मोदी की महारैली…

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पश्चिम बंगाल विधानसबा चुनाव में अब बहुत कम वक्त बचा है। माना जा रहा है कि मार्च के पहले सप्ताह में आयोग की ओर से वोटिंग और रिजल्ट का शेड्यूल जारी किया जा सकता है।

राजनीतिक दलों ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। बीजेपी के लिए बंगाल जीतना प्रतिष्ठा का प्रश्न है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में एक विशाल जनसभा को संबोधित कर सकते हैं। रैली की सटीक तारीख अभी घोषित नहीं हुई है, लेकिन होली के बाद इसके औपचारिक ऐलान की चर्चा है।

पार्टी नेताओं का मानना है कि इसी अवधि में चुनाव आयोग भी विधानसभा चुनाव की तिथियों की घोषणा कर सकता है। ऐसे में प्रधानमंत्री की रैली को चुनावी बिगुल के तौर पर देखा जा रहा है। बीजेपी का लक्ष्य इस मेगा इवेंट के जरिए राज्यभर में कार्यकर्ताओं और समर्थकों को एकजुट करना है।

पीएम मोदी की रैली से पहले रथ यात्रा

पीएम मोदी की मेगा रैली से पहले बीजेपी की राज्य इकाई विभिन्न संगठनात्मक जिलों में ‘रथ यात्राएं’ निकालने की तैयारी में है। इन यात्राओं का उद्देश्य गांव-गांव और शहर-शहर तक पहुंचकर लोगों को कोलकाता रैली के बारे में जानकारी देना और जनसमर्थन जुटाना है। इसके अलावा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भी महीने के अंत तक पश्चिम बंगाल दौरे की संभावना है। बताया जा रहा है कि उनका कार्यक्रम सीमा सुरक्षा बल से जुड़े आधिकारिक आयोजन के तहत होगा, हालांकि वे पार्टी नेताओं के साथ संगठनात्मक बैठक भी कर सकते हैं।

बीजेपी में हाई लेवल मीटिंग का दौर

उम्मीदवार चयन को लेकर भी मंथन जारी है। बीजेपी राज्य नेतृत्व 294 विधानसभा सीटों के लिए नामों की अंतिम सूची तैयार कर रहा है, जिसे केंद्रीय नेतृत्व को भेजा जाएगा। इस बार रणनीति के तहत प्रत्येक सीट के लिए दो अलग-अलग पैनल तैयार किए जा रहे हैं। उम्मीदवारों के चयन के लिए एक में प्राथमिकता वाले तीन नाम और दूसरे में वैकल्पिक नाम शामिल होंगे।

जमीनी स्तर पर काम करने वालों को मिलेगी प्राथमिकता

सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि पार्टी इस बार जमीनी स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता देने पर जोर दे रही है, जबकि चर्चित चेहरों को सीमित महत्व दिया जाएगा। राजनीतिक जानकारों के अनुसार, प्रस्तावित रैली और संगठनात्मक गतिविधियां चुनाव से पहले राज्य की सियासी दिशा तय करने में अहम साबित हो सकती हैं।

Global South में India का बढ़ा कद, Delhi AI Summit के बाद Cuba ने भी माना लोहा…

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क्यूबा की संचार मंत्री मायरा अरेविच मारिन ने शनिवार को कहा कि दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट 2026 ने भारत को मानव-केंद्रित और न्यायसंगत कृत्रिम बुद्धिमत्ता ढांचे को आगे बढ़ाने में ग्लोबल साउथ की एक अग्रणी आवाज के रूप में स्थापित किया है।

नयी दिल्ली में 19 और 20 फरवरी को आयोजित एआई समिट में भाग लेने के बाद यहां भारत-क्यूबा आईटी फोरम के उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मारिन ने इस सम्मेलन को वैश्विक प्रौद्योगिकी शासन में एक निर्णायक क्षण बताया।

मारिन ने कहा, एआई इम्पैक्ट समिट 2026 ने भारत को ग्लोबल साउथ के लिए मानव-केंद्रित कृत्रिम बुद्धिमत्ता आंदोलन में सबसे आगे रखा है। उन्होंने नवाचार और विनियमन को साथ-साथ आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, लेकिन हमें इसके उपयोग से जुड़े जोखिमों को कम करना होगा। इसे जिम्मेदारीपूर्वक और समान रूप से लागू किया जाना चाहिए।