Home Blog Page 1011

Rahul Gandhi: ‘पहले अमेठी से भागे, अब वायनाड से भी…’, राहुल के रायबरेली से नामांकन के फैसले पर BJP का वार

0

Rahul Gandhi: ‘पहले अमेठी से भागे, अब वायनाड से भी…’, राहुल के रायबरेली से नामांकन के फैसले पर BJP का वार

उपमुख्मंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि राहुल गांधी और गांधी परिवार में अमेठी-रायबरेली से चुनाव लड़ने का साहस नहीं हो रहा है, लेकिन किसी ने उन्हें (राहुल गांधी) समझाया होगा कि पिछली बार सोनिया गांधी इतने मतों से जीत गई थीं इसलिए आप अमेठी न जाकर रायबरेली चलिए।
उत्तर प्रदेश की हाईप्रोफाइल सीटों में शुमार अमेठी को गांधी परिवार की परंपरागत सीट माना जाता है। राहुल गांधी के यहां से न लड़कर रायबरेली से चुनावी मैदान में उतरने के फैसले पर विपक्ष हमलावर हो गया है।
उपमुख्मंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, ‘राहुल गांधी और गांधी परिवार में अमेठी-रायबरेली से चुनाव लड़ने का साहस नहीं हो रहा है, लेकिन किसी ने उन्हें (राहुल गांधी) समझाया होगा कि पिछली बार सोनिया गांधी इतने मतों से जीत गई थीं इसलिए आप अमेठी न जाकर रायबरेली चलिए। रायबरेली में राहुल गांधी की अमेठी से भी बड़ी पराजय होने जा रही है। हम ये दोनों सीटें तो बहुत बड़ें नंबर से जीतेंगे ही साथ ही उत्तर प्रदेश की 80 की 80 सीटें भी जीतेंगे’।
उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि राहुल गांधी पहले अमेठी छोड़कर वायनाड भाग गए थे, अब वायनाड छोड़कर रायबरेली आ गए हैं, रायबरेली के लोग उन्हें कभी स्वीकार नहीं करेंगे।
वहीं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तीसरी पारी को लेकर जिस तरह का माहौल बना है, वही कारण है कि कांग्रेस पहले तो तय नहीं कर पा रही थी कि क्या करना चाहिए। पिछली बार राहुल गांधी अमेठी से हार कर केरल की तरफ भागे थे। अब वायनाड से हार की आशंका देखते हुए रायबरेली आ गए। उत्तर प्रदेश का माहौल मोदीमय हो चुका है। हम पुराना रिकॉर्ड भी तोड़ने जा रहे हैं… रायबरेली की जनता भी उनका(राहुल गांधी) इंतजार कर रही है कि कांग्रेस ने पीएम मोदी के बारे में जो भी हल्की बातें कही हैं उसका हिसाब उन्हें देना पड़ेगा।’

छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री ने भी राहुल पर बोला हमला

छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा, ‘पहले राहुल गांधी अमेठी से भागे और वायनाड जाकर रुके, अब वायनाड में उनकी हार सुनिश्चित है और हार सुनिश्चित जान कर रायबरेली आ रहे हैं। वायनाड की जनता बखूबी जानती है कि ये जनहित के बजाय अपना स्वार्थ की राजनीति करने वाले लोग हैं इसलिए रायबरेली की जनता राहुल गांधी को वापस भेजने कि लिए तैयार बैठी है।’

आईपीएल टीमों के बिजनेस रेवेन्यू में आई कमी, किस टीम को सबसे ज्यादा नुकसान

0

आईपीएल टीमों के बिजनेस रेवेन्यू में आई कमी, किस टीम को सबसे ज्यादा नुकसान

IPL टीमों को करोड़ों के नुकसान का सामना करना पड़ा है। एक रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है। आईपीएल दुनिया की सबसे बड़ी क्रिकेटिंग लीग है।

आईपीएल ट्रॉफी : इंडियन प्रीमियर लीग का 17वां सीजन इस वक्त खेला जा रहा है। जहां लीग में 50 मैच खेले जा चुके हैं। इसी बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। गुरुवार को एक रिपोर्ट में कहा गया है कि वित्तीय वर्ष 2022-23 (FY23) में सभी इंडियन प्रीमियर लीग टीमों का औसत रेवेन्यू वित्त वर्ष 2019 से पहले कोविड-19 साल की तुलना में 23 प्रतिशत कम था। जो कि दुनिया के सबसे बड़ी टी20 लीग के लिए एक बड़ी बात है। जबकि कोरोना महामरी के कारण दर्शक भी स्टेडियम में मैच देखने के लिए नहीं पहुंच सके थे। फिर भी 2023 में इसमें गिरावट नजर आई।

टीमों को हुआ भारी नुकसान : मार्केट इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म प्राइवेटसर्कल ने कहा कि अगर हम इन्फ्लेशन को ध्यान में रखते हैं, तो राजस्व में गिरावट बहुत तेज हो जाती है। पिछले चार सालों में 10 प्रतिशत की इन्फ्लेशन दर का मतलब होगा कि कमाई में औसत गिरावट FY19 की तुलना में FY23 में सभी टीमें 47 प्रतिशत के करीब थीं।रिपोर्ट में कहा गया है कि रेवेन्यू में यह भारी गिरावट यह संकेत दे रहा है कि आईपीएल के लिए बाजार सेचुरेशन प्वाइंट पर पहुंच रहा है। रिपोर्ट में टीमों कि मालिक कंपनियों की बाजार फाइलिंग का भी अध्ययन किया गया है। यह विभिन्न फैक्टरों के कारण हो सकता है जैसे कि क्रिकेट सामग्री का ओवर सेचुरेशन, यूजर की बदलती प्राथमिकताएं, या अन्य मनोरंजन विकल्प हैं। रिपोर्ट के आंकड़ों से पता चला है कि FY19 में कोलकाता नाइट राइडर्स का राजस्व सबसे अधिक 437 करोड़ रुपए था, इसके बाद दिल्ली कैपिटल्स का 424 करोड़ रुपए और चेन्नई सुपर किंग्स का 418 करोड़ रुपए था। FY23 में, दिल्ली कैपिटल्स का राजस्व सबसे अधिक 367 करोड़ रुपए था। गुजरात टाइटंस 360 करोड़ रुपए के साथ दूसरे स्थान पर रहे और उसके बाद मुंबई इंडियंस रही। जिनका रेवेन्यू 359 करोड़ रुपए था। वित्त वर्ष 2019 में टॉप तीन रेवेन्यू पैदा करने वाली टीमों की तुलना में उनके आंकड़े कम हैं।

कितने करोड़ का हुआ नुकसान : वित्त वर्ष 2019 में सभी टीमों का औसत राजस्व 394.28 करोड़ रुपए था और वित्त वर्ष 23 में गिरकर 307.5 करोड़ रुपए हो गया। ऐसे में हर एक टीम को औसतन कुल 86.78 करोड़ का नुकसान हुआ है। हालांकि, रिपोर्ट में कहा गया है कि सभी टीमों के लिए स्पॉन्सरशिप से आय में वृद्धि हुई है। ऐसी संख्या रिपोर्ट करने वाली टीमों में, रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर वित्त वर्ष 2023 में लगभग 83 करोड़ रुपए की स्पॉन्सरशिप आय के साथ टॉप पर रही। इसके बाद चेन्नई सुपर किंग्स 78 करोड़ रुपए और दिल्ली कैपिटल्स 72 करोड़ रुपए के साथ मौजूद है।

Amethi-Raebareli Congress list: आ गई कांग्रेस की लिस्ट, रायबरेली से राहुल गांधी तो अमेठी से स्मृति ईरानी के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे केएल शर्मा

0

Amethi-Raebareli Congress list: आ गई कांग्रेस की लिस्ट, रायबरेली से राहुल गांधी तो अमेठी से स्मृति ईरानी के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे केएल शर्मा

लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने नामांकन के अंतिम वक्त अपने पत्ते खोल दिए हैं. पार्टी ने रायबरेली से राहुल गांधी और अमेठी से किशोरी लाल शर्मा को उम्मीदवार घोषित किया है. दोनों नामों की लिस्ट आ गई है. राहुल गांधी अब तक अमेठी से चुनाव लड़ते आए हैं. इस बार पार्टी ने उनकी सीट बदल दी है. लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने नामांकन के अंतिम वक्त अपने पत्ते खोल दिए हैं. पार्टी ने रायबरेली से राहुल गांधी और अमेठी से किशोरी लाल शर्मा को उम्मीदवार घोषित किया है. दोनों नामों की लिस्ट आ गई है. राहुल गांधी अब तक अमेठी से चुनाव लड़ते हैं. इस बार पार्टी ने उनकी सीट बदल दी है. जबकि केएल शर्मा पहली बार चुनावी मैदान में होंगे. शर्मा को सोनिया गांधी का करीबी माना जाता है. वो अब तक रायबरेली में सांसद प्रतिनिधि के रूप में जिम्मेदारी संभालते आए हैं. सात चरण के आम चुनाव के पांचवें फेज में 20 मई को अमेठी और रायबरेली सीट  पर मतदान होगा. ये दोनों सीटें परंपरागत रूप से गांधी-नेहरू परिवार के सदस्यों के पास रही हैं. पहली बार पार्टी ने अमेठी से गैर गांधी परिवार से उम्मीदवार बनाया है. अमेठी और रायबरेली में नामांकन की तैयारी पूरी हो गई है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे  भी नामांकन प्रक्रिया में शामिल होने के लिए रायबरेली   जा रहे हैं. खड़गे  सुबह 10:30 बजे रायबरेली पहुंचेंगे.

अमेठी में बीजेपी से स्मृति ईरानी मैदान में

बता दें कि अमेठी से बीजेपी की सांसद स्मृति ईरानी एक बार फिर चुनावी मैदान में हैं. जबकि रायबरेली से बीजेपी ने दूसरी बार दिनेश प्रताप सिंह पर भरोसा जताया है. दिनेश 2019 का चुनाव हार गए थे. 2019 में रायबरेली से कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने जीत हासिल की थी.

कांग्रेस से केएल शर्मा होंगे अमेठी से उम्मीदवार

2014 और 2019 में अमेठी सीट पर राहुल गांधी और स्मृति ईरानी के बीच चुनावी मुकाबला देखा गया. 2014 में राहुल ने जीत हासिल की थी. जबकि 2019 में स्मृति ईरानी ने बड़ा उलटफेर किया था और पहली बार जीत हासिल की थी. इस बार कांग्रेस ने अमेठी में नया दांव खेला है और अपने करीबी किशोरीलाल शर्मा को मैदान में उतारकर चौंका दिया है.

वायनाड से भी चुनाव लड़ रहे हैं राहुल गांधी

अमेठी सीट पर राहुल गांधी ने पहली बार 2004 में चुनाव जीता था. उसके बाद वे लगातार तीन बार 2019 तक वहां से संसद सदस्य बने रहे. राहुल वर्तमान में केरल के वायनाड सीट से सांसद हैं और इस बार भी उन्होंने वायनाड से चुनाव लड़ा है. वहां दूसरे चरण में वोटिंग हो गई है.

पार्टी ने इस बार राहुल गांधी की यूपी में सीट बदल दी है. राहुल को गांधी परिवार की दूसरी परंपरागत सीट रायबरेली से चुनाव मैदान में  उतारा गया है. सूत्रों का कहना है कि राहुल गांधी के नामांकन प्रक्रिया में कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी शामिल हो सकती हैं.

2019 के चुनाव में कांग्रेस यूपी की जो एक सीट जीत सकी थी, वो रायबरेली सीट ही थी. इस सीट से सोनिया गांधी संसद पहुंची थीं. सोनिया गांधी इस बार लोकसभा चुनाव नहीं लड़ रही हैं. वे राजस्थान से राज्यसभा पहुंच चुकी हैं. दरअसल, सोनिया गांधी ने 2019 में घोषणा की थी कि यह उनका आखिरी लोकसभा चुनाव होगा. वे 1999 में कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार अमेठी से चुनाव लड़ी थीं और जीत हासिल की थी. उसके बाद 2004 में वो पहली बार रायबरेली से चुनाव लड़ीं और जीतीं. सोनिया गांधी कुल पांच बार सांसद चुनी गईं.

राहुल गांधी के खिलाफ वायनाड से चुनाव लड़ने वालीं सीपीआई उम्मीदवार एनी राजा का बयान आया है. उन्होंने रायबरेली से राहुल के चुनाव लड़ने पर तंज कसा है. एनी राजा ने कह, वो वायनाड से चुनाव लड़े हैं. वायनाड के लोगों को क्यों नहीं बताया कि वो रायबरेली से भी चुनाव लड़ेंगे? ये तो राजनीतिक नैतिकता के हिसाब से सही नहीं है. अगर वो एक सीट से जीतेंगे तो दूसरी सीट छोड़नी पड़ेगी. मतलब एक सीट के वोटर का भरोसा तो वो तोड़ेंगे ही. इन्होंने वोटर्स को TAKEN FOR GRANTED ले लिया है जो सही नहीं है.

“शहजादे को PM बनाने के लिए उतावला है पाकिस्तान” : नरेंद्र मोदी ने राहुल गांधी पर कसा तंज

0

“शहजादे को PM बनाने के लिए उतावला है पाकिस्तान” : नरेंद्र मोदी ने राहुल गांधी पर कसा तंज

पाकिस्तानी नेता फवाद चौधरी के इसी सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर पीएम मोदी ने गुजरात में चुनावी रैली में राहुल गांधी को निशाने पर लिया. उन्होंने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि संयोग देखिए, आज भारत में कांग्रेस कमजोर हो रही है.

पीएम मोदी ने कहा, “आपको पता चला होगा कि अब कांग्रेस के लिए पाकिस्तानी नेता दुआ कर रहे हैं”.

आणंद: लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के आणंद में गुरुवार को एक जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर जोरदार हमला किया. इस दौरान उन्होंने पाकिस्तान का जिक्र करते हुए इशारों ही इशारों में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पर तंज कसा. पीएम मोदी ने कहा कि पाकिस्तानी नेता कांग्रेस के लिए दुआ कर रहे हैं और शहजादे को भारत का प्रधानमंत्री बनाने के लिए पाकिस्तान उतावला है.

दरअसल, पीटीआई प्रमुख इमरान खान के करीबी और पाकिस्तान के पूर्व मंत्री फवाद चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स हैंडल पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी का समर्थन करते हुए एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें राहुल गांधी अयोध्या में हुए रामलला की प्राण प्रतिष्ठा समारोह का जिक्र कर प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा पर निशाना साध रहे हैं. फवाद चौधरी ने इस वीडियो को एक्स हैंडल पर रिपोस्ट करते हुए लिखा, ‘राहुल ऑन फायर’.

पाकिस्तानी नेता फवाद चौधरी के इसी सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर पीएम मोदी ने गुजरात में चुनावी रैली में राहुल गांधी को निशाने पर लिया. उन्होंने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि संयोग देखिए, आज भारत में कांग्रेस कमजोर हो रही है. यानी सूक्ष्मदर्शी यंत्र लेकर भी कांग्रेस को ढूढंना मुश्किल हो रहा है. लेकिन मजे की बात ये है कि यहां कांग्रेस मर रही है और वहां पाकिस्तान रो रहा है.

पीएम ने आगे कहा, “आपको पता चला होगा कि अब कांग्रेस के लिए पाकिस्तानी नेता दुआ कर रहे हैं. शहजादे को प्रधानमंत्री बनाने के लिए पाकिस्तान उतावला है, कांग्रेस तो पाकिस्तान की मुरीद है ही”. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और कांग्रेस की ये पार्टनरशिप अब पूरी तरह एक्सपोज हो गई है. देश के दुश्मनों को आज भारत में मजबूत सरकार नहीं चाहिए. उनको कमजोर सरकार चाहिए. देश के दुश्मनों को 2014 से पहले की सरकार चाहिए.

पीएम मोदी ने आगे कहा, “जितने साल हमारे देश में कांग्रेस सरकार रही, बड़ा हउआ था पाकिस्तान का. पाकिस्तान के आतंक का टायर पंचर हो गया है. जो देश कभी आतंकी एक्सपोर्ट करता था वो आटे के इम्पोर्ट के लिए दर-दर भटक रहा है. जिसके हाथ में कभी बम गोला था उसके हाथ में आज भीख का कटोरा है. कांग्रेस की कमजोर सरकार आतंक के आकाओं को डोजियर देती थी. फिर कहते थे कि हमने पाकिस्तान को डोजियर दे दिया है. मोदी की मजबूत सरकार देखिए डोजियर पर अपना टाइम खराब नहीं करती. लेकिन, मोदी की मजबूत सरकार आतंकियों को घर में घुसकर मारती है.”

Rahul Gandhi : वोट जिहाद की बात हुई और पाकिस्तान करने लगा राहुल गांधी का प्रचार, BJP का बड़ा आरोप

0

Rahul Gandhi : वोट जिहाद की बात हुई और पाकिस्तान करने लगा राहुल गांधी का प्रचार, BJP का बड़ा आरोप

PM नरेंद्र मोदी ने आणंद में रैली के दौरान कहा, ‘संयोग देखिए, आज भारत में कांग्रेस कमजोर हो रही है। मजा ये है कि यहां कांग्रेस मर रही है और वहां पाकिस्तान रो रहा है। पाकिस्तान के पूर्व मंत्री की तरफ से कांग्रेस नेता राहुल गांधी की तारीफ के बाद भारतीय जनता पार्टी हमलावर है।

भाजपा ने सवाल उठाए हैं कि ‘यह रिश्ता क्या कहलाता है?’ साथ ही कहा है कि कांग्रेस को बताना चाहिए कि कभी पाकिस्तान के नेता और कभी आतंकवादी उनकी तारीफ क्यों करते हैं।

इधर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी गुजरात की रैली में इस मुद्दे को उठाया। भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कांग्रेस पर कई सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा, ‘यह रिश्ता क्या कहलाता है? आज साफ है कि कांग्रेस का हाथ पाकिस्तान के साथ। क्या भारत को गाली देने वाले पाकिस्तान के नेता कांग्रेस की तरफ से अतीत में कही गई बातों का एहसान उतार रहे हैं?’ उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस ने 26/11, 2007 समझौता एक्सप्रेस धमाका, पुलवामा… समेत कई आतंकवादी घटनाओं पर पाकिस्तान को क्लीन चिट दे दी।

वोट जिहाद का बयान देने के बाद ही पाकिस्तान राहुल गांधी के प्रचार और बचाव में जुट गया। आज कांग्रेस को बताना चाहिए कि क्यों कभी हाफिज सईद कांग्रेस की तारीफ करता है। कभी भारत के खिलाफ जहर उगलने वाले कांग्रेस की तारीफ करते हैं।’ उन्होंने कहा, ‘क्या वह भारतीय चुनाव में विदेशी नागरिकों का सीधा दखल चाह रहे हैं? यह वोट बैंक की राजनीति के लिए कांग्रेस पार्टी की मानसिकता को दिखाता है। वे राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ खेल सकते हैं और ने राष्ट्रनीति से पहले राजनीति को रख सकते हैं।’

पीएम मोदी ने भी साधा निशाना गुरुवार को गुजरात के आणंद में रैली के दौरान कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, ‘संयोग देखिए, आज भारत में कांग्रेस कमजोर हो रही है। मजा ये है कि यहां कांग्रेस मर रही है और वहां पाकिस्तान रो रहा है। कांग्रेस के लिए अब पाकिस्तानी नेता दुआ कर रहे हैं। शहजादे को प्रधानमंत्री बनाने के लिए पाकिस्तान उतावला है। और कांग्रेस तो पाकिस्तान की मुरीद है ही। पाकिस्तान और कांग्रेस की ये पार्टनरशिप अब पूरी तरह एक्सपोज हो गई है।’

Lok Sabha Chunav 2024: जिस मुस्लिम बहुल सीट पर कभी नहीं जीता NDA, परिसीमन ने कैसे बदल दी तस्वीर

0

Lok Sabha Chunav 2024: जिस मुस्लिम बहुल सीट पर कभी नहीं जीता NDA, परिसीमन ने कैसे बदल दी तस्वीर

”निचले असम की बारपेटा लोकसभा सीट कभी मुस्लिम बहुल हुआ करती थी। 1952 के पहले चुनाव से यहां कभी भी जनसंघ, बीजेपी या उसके एनडीए सहयोगियों को चुनाव जीतने का मौका नहीं मिला।”

”लेकिन, इस बार जिससे भी मुकाबला हो, लड़ाई में एनडीए ही आगे दिख रहा है।”

”बारपेटा लोकसभा सीट अब हिंदू बहुल सीट बन चुकी है। परिसीमन के बाद इस लोकसभा क्षेत्र में 19,49,873 वोटर हैं, जिनमें से मुसलमान अब महज 7 से कुछ ज्यादा रह गए हैं। बाकी सारे मतदाता हिंदू हैं, जो 7 मई को तीसरे चरण के चुनाव में मतदान करेंगे।”

”वैष्णव आस्था का केंद्र है बारपेटा”

”वैसे असम का बारपेटा जिला सब्जियों के उत्पादन और बाजार के लिए जाना जाता है। लेकिन, देश में इसकी असल पहचान वैष्णव आस्था और उससे जुड़े मंदिरों के केंद्र के लिए है। बारपेटा लोकसभा सीट के तहत अब 10 विधानसभा क्षेत्र हैं। लेकिन, ये विधानसभा सीटें बारपेटा, बजाली, बोंगाईगांव, नलबाड़ी और कामरूप मिलाकर पांच जिलों में आते हैं।”

”2014 के अलावा कांग्रेस-लेफ्ट के हाथों में रही है बारपेटा सीट”

”1952 के पहले आम चुनावों से बारपेटा लोकसभा सीट से सिर्फ कांग्रेस और सीपीएम ही जीतती रही थी। सिर्फ 2014 में यहां बदरुद्दीन अजमल की एआईयूडीएफ जीती और उनके भाई सिराजुद्दीन अजमल को संसद जाने का मौका मिला।”

”पांचवें राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद भी यहां से जीत चुके हैं चुनाव”

”कांग्रेस यहां से कुल 11 बार चुनाव जीत चुकी है। भारत के पांचवें राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद भी 1967 से 1971 के बीच यहीं से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीते थे। 1974 से 1977 तक वह देश के राष्ट्रपति रहे, जिस दौरान भारत को आपातकाल का भी सामना करना पड़ा था।”

”मुस्लिम मतदाताओं की संख्या घटने के बाद कांग्रेस ने बदला उम्मीदवार”

”2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के अब्दुल खालिक ने एआईयूडीएफ से फिर यह सीट छीन ली। लेकिन, पिछले साल हुए परिसीमन के बाद इस सीट पर मुस्लिम मतदाताओं की संख्या घटने की वजह से कांग्रेस ने खालिक का टिकट काटकर प्रदेश सेवा दल अध्यक्ष दीप बायन को मौका दिया है।”

”इंडिया ब्लॉक यहां भी दो फाड़”

”इस चुनाव में भी यहां विपक्षी दलों का इंडिया ब्लॉक टूट चुका है और कांग्रेस के खिलाफ सीपीएम ने भी सरभोग से अफने एमएलए मनोरंजन तालुकदार को उतारा है। दोनों ही पार्टियां हर हाल में इस सीट पर कब्जे के लिए जोर लगा रही हैं।”

”एनडीए से बीजेपी की सहयोगी एजीपी लड़ रही है चुनाव”

”असम में सत्ताधारी बीजेपी ने यह सीट एनडीए में अपनी सहयोगी असम गण परिषद (एजीपी) को दी है। एजीपी ने बोंगाईगांव से अपने 8 बार के विधायक फणी भूषण चौधरी को बारपेटा से चुनाव मैदान में उतारा है। कुल मिलाकर इस बार बारपेटा सीट पर 14 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं।”

”एनडीए का हौसला बुलंद, कुछ प्रमुख हस्तियों का मनोबल पस्त”

”साढ़े 12 लाख से अधिक हिंदू मतदाताओं की मौजूदगी की वजह से जहां एनडीए को पहली बार अपना सपना सच होता नजर आ रहा है। वहीं कांग्रेस और लेफ्ट को आमने सामने देखकर असम की कुछ नामचीन हस्तियों की भी नींदे उड़ी हुई हैं।”

”ऐसे 75 से ज्यादा चर्चित लोगों ने कांग्रेस पार्टी से अपील की है कि वह बारपेटा से चुनाव लड़ने के फैसले पर फिर से विचार करे, ताकि आने वाले चुनाव में विपक्षी गठबंधन बीजेपी की चुनौती का डटकर मुकाबला कर सके।”

”पीएम मोदी नलबाड़ी में कर चुके हैं एजीपी के लिए रैली”

”कांग्रेस से अपील करने वालों में हिरेन गोहेन, उदयादित्य भराली, चंद्र मोहन सरमा जैसी अन्य हस्तियां शामिल हैं। इस सीट पर पहली बार जीत को लेकर बीजेपी की उम्मीदें कितनी बढ़ी हुई हैं कि खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हाल ही में नलबाड़ी में अपनी सहयोगी पार्टी के समर्थन में रैली कर कर चुके हैं।”

”बरपेटा में कांग्रेस पर भारी पड़ेगी सीपीएम?..

”सीपीएम भी इस सीट को हर हाल में जीतने के लिए घर-घर जाकर प्रचार अभियान चला रही है। पार्टी ने एक लाख घरों में जाकर संपर्क करने का लक्ष्य रखा था और वह इस लक्ष्य को पार भी कर चुकी है।”

”राजनीति के जानकारों का कहना है कि बारपेटा लोकसभा सीट की डेमोग्राफी बदलने के बाद इस बार एजीपी और लेफ्ट के उम्मीदवार में तगड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है।”

नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों को सर्वेक्षण की आड़ में मतदाताओं का पंजीकरण बंद करने का निर्देश दिया है।

0

नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों को सर्वेक्षण की आड़ में मतदाताओं का पंजीकरण बंद करने का निर्देश दिया है।

चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों को सर्वेक्षण की आड़ में मतदाताओं का पंजीकरण बंद करने का निर्देश दिया है। आयोग ने कहा है कि कोई भी राजनीतिक दल लाभार्थी योजनाओं के लिए पंजीकरण नहीं कराएं। आयोग ने किसी भी लाभार्थी योजना के लिए पंजीकरण कराने को एक तरह से प्रलोभन माना है। चुनाव आयोग ने गुरुवार को एक बयान में कहा कि राजनीतिक दल किसी भी माध्यम से चुनाव के बाद लाभार्थी-उन्मुख योजनाओं के लिए व्यक्तियों का पंजीकरण नहीं करा सकते। लाभार्थी योजना के लिए न तो कोई विज्ञापन दिया जा सकता है और न सर्वेक्षण ही कराया जा सकता है। आयोग ने कहा है कि सामान्य और सामान्य चुनावी वादे स्वीकार्य हैं। इन पर कोई आपत्ति नहीं है लेकिन चुनाव बाद फायदा दिलाने के लिए लाभार्थी योजनाओं का सहारा लेना स्वीकार्य नहीं है। इस मामले में चुनाव आयोग ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को दिशा निर्देश जारी कर कहा है कि वे वैधानिक प्रावधानों के तहत ऐसे किसी भी विज्ञापन के खिलाफ उचित कार्रवाई करें।

chhatisgarh : लोकसभा चुनाव में एजेंसियों ने की कारवाई, अब तक 119.70 करोड़ कैश, शराब, ड्रग्स बरामद…

0

chhatisgarh : लोकसभा चुनाव में एजेंसियों ने की कारवाई, अब तक 119.70 करोड़ कैश, शराब, ड्रग्स बरामद…

लोकसभा चुनाव-2024 की आचार संहिता लगने के बाद छत्तीसगढ़ में अब तक 119.70 करोड़ कैश, शराब, ड्रग्स और सामग्री जब्त किए जा चुके हैं। हवाला कारोबारी, शराब तस्कर, नशे के कारोबारियों और हेरा-फेरी करने वाले लोगों पर 20 एजेंसियों की कार्रवाई जारी है। जिससे लोकसभा चुनाव में प्रलोभन का इस्तेमाल ना हो। निर्वाचन आयोग के अधिकारियों के अनुसार, आचार संहिता से पहले और बाद में सबसे ज्यादा कैश, ड्रग्स और शराब में जब्त किया गया है। वहीं, जब्ती के मामले में दूसरे नंबर पर दुर्ग, तीसरे नंबर पर बिलासपुर, चौथे नंबर पर महासमुंद और पांचवे नंबर पर राजनांदगांव है। एजेंसियों ने वैध दस्तावेज दिखाने पर 1.54 करोड़ की नगदी-सामान रिलीज किया। जिन एजेंसियों को कार्रवाई की जिम्मेदारी मिली है, उसमें पुलिस विभाग, आयकर विभाग, प्रवर्तन निदेशालय, आबकारी विभाग, सीजीएसटी, डीआरआई, एनसीबी , सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, आरपीएफ, भारतीय विमानन प्राधिकरण, राज्य विमानन विभाग। राज्य कर (एसजीएसटी), राज्य परिवहन विभाग, भारतीय डाक विभाग, वन विभाग, केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल, रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया, स्टेट लेवल बैंकिंग कमेटी और फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट ऑफ इंडिया शामिल है।

chhatisgarh : अखिल भारतीय कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कोरबा से लोकसभा कांग्रेस प्रत्याशी ज्योत्सना चरण दास महंत के पक्ष में आयोजित चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा… 

0

chhatisgarh : अखिल भारतीय कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कोरबा से लोकसभा कांग्रेस प्रत्याशी ज्योत्सना चरण दास महंत के पक्ष में आयोजित चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा… 

chhatisgarh : मनेंद्रगढ़ चिरमिरी कोयलांचल क्षेत्र है । यहां कोयला खदानों में कार्यरत कामगारों का उत्थान और उनकी जीवन शैली में सुधार शिक्षा एवं उनकी मेहनत का वास्तविक मूल्य उन्हें प्राप्त हो इसलिए तत्कालीन प्रधानमंत्री मेरी दादी स्वर्गीय इंदिरा गांधी ने वर्ष 1975 में कोयला खदानों को निजी संचालकों से लेकर कोयला उद्योग का राष्ट्रीयकरण किया था।  उक्त बातें अखिल भारतीय कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कोरबा से लोकसभा कांग्रेस प्रत्याशी ज्योत्सना चरण दास महंत के पक्ष में आयोजित चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कही, स्थानीय डोमनहिल फुटबाल ग्राउंड में आयोजित चुनावी सभा में लगभग 20 हजार नागरिकों की उपस्थिति में उन्होने कहा कि आपका यह क्षेत्र मनोहर है बहुत सुंदर है जमीन, जंगल, खनिज संपदा के साथ प्राकृतिक धरोहर से लबालब है। जिसकी हमें रक्षा करनी चाहिए उपस्थित जन समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि संविधान ने आपको आपकी स्वेच्छा से वोट डालने का अधिकार देकर आपको मजबूत बनाया है अर्थात जनता ही सर्वाधिक ताकतवर है जो सरकार चुनने का काम करती है आप जागरूक बनकर अपने विवेक से अपने मताधिकार का प्रयोग बिना डरे निर्भीकता से और सोच समझकर करें। हमारे देश की परंपरा आंदोलन रही है । आंदोलन से ही हम पराधीनता से स्वाधीन हुए हैं हम आदिवासी बाहुल्य ग्रामों को अनुसूचित क्षेत्र बनाएंगे चार गुना मुआवजा देंगे। भूमि अधिग्रहण कानून को हटाएंगे । उन्होने सरकार पर जनता के साथ वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने गोपनीय चंदा लिया व विरोधियों पर ईडी से जांच करा कर जेल भेजा। इस प्रकार सरकार विरोधियों को डराने का काम कर रही है। प्रियंका गांधी अपने निर्धारित समय से लगभग 30 मिनट विलंब से सभा स्थल पहुंची। उनके आने के पूर्व पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व उपमुख्यमंत्री राजस्थान सचिन पायलट, नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत वह लोकसभा प्रत्याशी ज्योत्सना चरण दास महंत, मोहन मरकाम, पूर्व मंत्री अमरजीत भगत, पूर्व मंत्री कवासी लखमा पूर्व विधायक गुलाब कमरो, विधायक डा़ विनय जायसवाल, जिला अध्यक्ष एमसीबी अशोक श्रीवास्तव, पूर्व महापौर डमरू रेड्डी, वर्तमान महापौर कंचन जायसवाल ,निगम सभापति गायत्री बिरहा, कृष्ण मुरारी तिवारी मंच पर उपस्थित रहे।

छत्तीसगढ़ : प्रदेश में लू को लेकर अलर्ट जारी, इन जिलों में हेटवेव का अलर्ट”

0

”गर्मी ने किया बेहाल, 4 दिनों में 3 डिग्री सेल्सियस तक चढ़ सकता है पारा, इन जिलों में हेटवेव का अलर्ट”

”मौसम केंद्र रायपुर के अनुसार अगले चार दिनों तक प्रदेश का मौसम शुष्क रहने की संभावना है. मौसम विभाग के मुताबिक गुरुवार को रायपुर में आकाश साफ रहेगा. यहां अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है.

”प्रदेश में लोग गर्मी से बेहाल हैं. दिनभर तेज धूप, पसीने से सराबोर कर रही है, फिर रात तक गर्म हवा के थपेड़े आ रहे हैं. अनुमान है कि अगले 4 दिनों में तापमान 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ेगा. बुधवार को मौसम शुष्क था. सुबह से शाम तक तेज धूप थी.”

”प्रदेश में सबसे अधिक तापमान रायगढ़ में 43.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. वहीं रायपुर में 42.2, माना में 42.1, बिलासपुर में 41.6, पेण्ड्रारोड में 40, अंबिकापुर में 39.8, जगदलपुर में 39.6 और राजनांदगांव में 42 डिग्री सेल्सियस था. रायपुर में नमी घटकर 41-18 प्रतिशत तक ही रह गई. पिछली रात यहां भारी उमस थी. आधी रात को कुछ देर तेज हवा भी चली. न्यूनतम तापमान 28.8 डिग्री सेल्सियस था.”

”गर्मी से बेहाल लोग देर रात तक सपरिवार चहलकदमी कर रहे हैं और राहत के लिए शीतल पेय, आइसक्रीम आदि का सेवन करते देखे गए. घरों, दफ्तरों में लगभग पूरे समय पंखे, कूलर, एसी चल रहे हैं. मौसम केंद्र रायपुर के अनुसार अगले चार दिनों तक प्रदेश का मौसम शुष्क रहने की संभावना है.”

”मौसम विभाग के मुताबिक गुरुवार को रायपुर में आकाश साफ रहेगा. यहां अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है.”

”प्रदेश में लू को लेकर अलर्ट जारी : गर्मी बढ़ने के बाद एक बार फिर राज्य में लू से बचाव को लेकर अलर्ट जारी किया गया है. तेज धूप के साथ हीट वे की शिकायत बढ़ी है. राज्य में बीते दो माह में लू से संबंधित लू शिकायतें आई हैं, जिनका उपचार विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में हुआ है. विभाग की ओर से हेल्थ सेंटरों में अलग वार्ड और ORS कार्नर बनाए गए हैं. राज्य में पिछले तीन दिन से गर्मी बढ़ी है और इसका साइड इफेक्ट भी लोगों के स्वास्थ्य पर होने लगा है. मिली जानकारी के अनुसार जिला अस्पताल में बनाए गए लू वार्ड में गर्मी की वजह से पेट खराब और बुखार जैसी शिकायत लेकर पिछले दो दिन में तीन लोग आए थे, जिनका प्राथमिक उपचार किया गया है.”