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Bharat Ratna: भारत रत्न से सम्मानित हुईं 4 हस्तियां, आडवाणी को घर जाकर अवॉर्ड सौंपेंगी राष्ट्रपति मुर्मू

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Bharat Ratna: भारत रत्न से सम्मानित हुईं 4 हस्तियां, आडवाणी को घर जाकर अवॉर्ड सौंपेंगी राष्ट्रपति मुर्मू

”भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव , पूर्व पीएम चौधरी चरण सिंह , कृषि वैज्ञानिक एम एस स्वामीनाथन तथा बिहार के दो बार मुख्यमंत्री रहे कर्पूरी ठाकुर को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न मरणोपरांत प्रदान किया.”

सूत्रों ने बताया कि राष्ट्रपति मुर्मू भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के आवास पर जाएंगी.

”पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव के लिए मुर्मू से यह सम्मान उनके पुत्र पीवी प्रभाकर राव ने स्वीकार किया. चौधरी चरण सिंह के लिए उनके पोते और राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) के अध्यक्ष जयंत चौधरी ने राष्ट्रपति से यह सम्मान स्वीकार किया.”

”स्वामीनाथन की ओर से उनकी बेटी नित्या राव और कर्पूरी ठाकुर की ओर से उनके बेटे रामनाथ ठाकुर ने राष्ट्रपति मुर्मू से यह पुरस्कार लिया. इस समारोह में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे.”

”केंद्र सरकार ने इस साल भारत रत्न के लिए पांच नामों की घोषणा की, जिसमें बीजेपी नेता लालकृष्ण आडवाणी भी शामिल थे. सूत्रों ने बताया कि राष्ट्रपति मुर्मू भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के आवास पर जाएंगी और उन्हें प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित करेंगे.”

”उन्होंने बताया कि वरिष्ठ भाजपा नेता आडवाणी के खराब स्वास्थ्य को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है. लालकृष्ण आडवाणी का जन्म 8 नवंबर, 1927 को कराची में हुआ था. वर्ष 1980 में भारतीय जनता पार्टी की स्थापना के बाद से उन्होंने लंबे समय तक बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में कार्य किया. उनका संसदीय करियर करीब 3 दशकों का रहा है जिसमें पहले वे गृह मंत्री और बाद में अटल बिहारी वाजपेयी के मंत्रिमंडल में उप प्रधानमंत्री रहे थे.”

चौधरी चरण सिंह ”राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने पूर्व प्रधान मंत्री चौधरी चरण सिंह को मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया. चौधरी चरण सिंह में देशभक्ति की भावना प्रबल थी. स्वतंत्रता संग्राम के दौरान उन्हें कई बार जेल जाना पड़ा था. जमींदारी उन्मूलन और भूमि सुधार में उनके योगदान को तथा अर्थव्यवस्था, विशेषकर ग्रामीण और कृषि अर्थव्यवस्था की उनकी गहरी समझ को, सम्मानपूर्वक याद किया जाता है. किसानों से उनका जुड़ाव अद्भुत था. स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह की ओर से भारत रत्न उनके पौत्र श्री जयंत चौधरी ने प्राप्त किया.”

पीवी नरसिंह राव ”भारत के नौवें प्रधान मंत्री के रूप में पीवी नरसिंह राव ने दूरगामी आर्थिक सुधार किए थे. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने पीवी नरसिंह राव को मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया. अपनी युवावस्था में, उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में, विशेषकर निज़ामशाही के दौरान हैदराबाद में कुशासन और उत्पीड़न के विरुद्ध, संघर्ष किया था. अनेक भाषाओं और साहित्यों पर उनका अधिकार सर्वविदित था. स्वर्गीय पीवी नरसिंह राव की ओर से भारत रत्न उनके पुत्र पीवी प्रभाकर राव ने प्राप्त किया.”

डॉ एमएस स्वामीनाथन ”राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने डॉ एमएस स्वामीनाथन को मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया. डॉ स्वामीनाथन ने भारत को खाद्य उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने में प्रमुख भूमिका निभाई थी. उन्हें ‘भारत की हरित क्रांति के जनक’ के रूप में जाना जाता है. कृषि से जुड़े प्रत्येक आयाम पर अपनी असाधारण समझ के साथ, उन्होंने अनुसंधान, शिक्षा और नई किस्मों तथा विधियों के विकास के लिए अनेक अभियानों का मार्गदर्शन किया. उन्होंने अपना पूरा जीवन सभी के लिए भोजन और पोषण सुरक्षा के लक्ष्य के लिए समर्पित कर दिया. वह “सर्वदा-हरित क्रांति” के दृष्टिकोण के साथ सस्टेनेबल एग्रीकल्चर को बढ़ावा देने के लिए काम करते रहे. स्वर्गीय डॉ एमएस स्वामीनाथन की ओर से भारत रत्न उनकी बेटी डॉ नित्या राव ने प्राप्त किया.”

कर्पूरी ठाकुर ”राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कर्पूरी ठाकुर को भी मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया. वंचित लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए अथक प्रयास करने वाले कर्पूरी ठाकुर ने बहुत सम्मान अर्जित किया था और लोगों ने उन्हें ‘जन नायक’ का दर्जा दिया था. कर्पूरी ठाकुर स्वतंत्रता सेनानी थे. वे समानता और समावेशी विकास के प्रबल पक्षधर थे. वे अपने जीवन की सादगी और निःस्वार्थ कार्यों के लिए जाने जाते हैं. स्वर्गीय कर्पूरी ठाकुर की ओर से भारत रत्न उनके पुत्र रामनाथ ठाकुर ने प्राप्त किया.”

दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्‍ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद से ही विपक्षी पार्टियों के नेताओं का समर्थन…

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दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्‍ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद से ही विपक्षी पार्टियों के नेता लगातार उनके प्रति अपना समर्थन जता रहे हैं.

”झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता और झारखंड के पूर्व मुख्‍यमंत्री हेमंत सोरेन की पत्‍नी कल्‍पना सोरेन शनिवार को अरविंद केजरीवाल की पत्‍नी सुनीता केजरीवाल से मिलने के लिए पहुंची.”

”कल्‍पना सोरेन ने मुलाकात के बाद कहा कि हम दोनों मिलकर ये लड़ाई लड़ेंगे. साथ ही कहा कि दो महीने पहले झारखंड में जो स्थिति थी, वही स्थिति अब यहां दिल्‍ली में हो गई है. हेमंत सोरेन भी भ्रष्‍टाचार से जुड़े मामले के चलते फिलहाल जेल में हैं.”

”कल्‍पना सोरेन ने कहा, “जैसी घटना 2 महीने पहले झारखंड में हुई थी दिल्ली में भी वैसा ही कुछ हुआ है… मैं सुनीता केजरीवाल से मिलकर उनका दुख दर्द बांटने आई थी. हमने मिलकर प्रण लिया है कि इस लड़ाई को हमें बहुत दूर तक लेकर जाना है. अरविंद केजरीवाल के साथ पूरा झारखंड रहेगा.”

कल्‍पना सोरेन ने कहा कि मैं आज कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी से भी मिलने जा रही हूं और झारखंड की स्थिति पर चर्चा करूंगी.

”उन्‍होंने कहा कि मैं रामलीला मैदान में होने वाली विपक्षी गठबंधन इंडिया की रैली में शामिल होने की बात कही. साथ ही उन्‍होंने इस रैली में सभी से आने की अपील की है.”

”इसके साथ ही कल्‍पना सोरेन ने दुमका से शिबू सोरेन के चुनाव लड़ने के सवाल पर कहा कि आप लोगों को बहुत जल्द इस बारे में बता दिया जाएगा.”

वहीं AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा, “हेमंत सोरेन विपक्ष के एक बड़े नेता थे और गैर भाजपा राज्य में अच्छी सरकार चला रहे थे, जिस तरह से उन्हें जेल में डाला गया वह सबने देखा. अरविंद केजरीवाल को जिस तरह जेल में डाला गया वह भी सबने देखा. आज कल्पना सोरेन सुनीता केजरीवाल से मिलने आई थी, दोनों की स्थिति लगभग एक सी है, केंद्र सरकार ने इन दोनों के पतियों को जेल में डाला है. आज दोनों ने एक-दूसरे से बातचीत कर एक-दूसरे को हौसला दिया.”

बता दें कि अरविंद केजरीवाल को दिल्ली की आबकारी नीति से जुड़े धन शोधन मामले में 21 मार्च को ईडी ने गिरफ्तार किया था. गुरुवार को अदालत ने ईडी की उनकी हिरासत एक अप्रैल तक बढ़ा दी है. वहीं ईडी ने कथित जमीन धोखाधड़ी से जुड़े धन शोधन मामले में 31 जनवरी को हेमंत सोरेन को गिरफ्तार किया था.

लोकसभा चुनाव 2024 : Election Manifesto Committee बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने लोकसभा चुनाव 2024 के लिए 27 सदस्यीय चुनाव घोषणा पत्र समिति का गठन…

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लोकसभा चुनाव 2024 : Election Manifesto Committee बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने लोकसभा चुनाव 2024 के लिए 27 सदस्यीय चुनाव घोषणा पत्र समिति का गठन कर दिया.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को इस समिति का अध्यक्ष बनाया गया है. समिति में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संयोजक और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल सह-संयोजक बनाए गए हैं.

बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव और मुख्यालय प्रभारी अरुण सिंह ने एक विज्ञप्ति में जानकारी दी है कि पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने इस समिति के गठन को मंजूरी दी है.

चुनाव घोषणा पत्र समिति में केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, भूपेंद्र यादव, अश्विनी वैष्णव, धर्मेंद्र प्रधान, स्मृति ईरानी और राजीव चंद्रशेखर के अलावा पार्टी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और कुछ पूर्व उपमुख्यमंत्री भी शामिल हैं.

मुख्यमंत्रियों में गुजरात के भूपेंद्र पटेल, मध्य प्रदेश के मोहन यादव, असम के हिमंत विश्व शर्मा और छत्तीसगढ़ के विष्णु देव साय के नाम हैं जबकि पूर्व मुख्यमंत्रियों में शिवराज सिंह चौहान और वसुंधरा राजे के नाम शामिल हैं.

समिति के अन्य सदस्यों में पूर्व केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद, पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े, राधामोहन दास अग्रवाल, राष्ट्रीय सचिव मनजिंदर सिंह सिरसा, ओपी धनखड़, अनिल एंटनी शामिल हैं.

बीजेपी ने पिछले माह लोकसभा चुनाव के लिए अपने घोषणा पत्र को तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की थी. पार्टी ने लोगों से सुझाव मांगने के लिए अलग-अलग इलाकों में ‘रथ’ भी रवाना किए थे.

बीजेपी अपने घोषणा पत्र को ‘संकल्प पत्र’ कहती है. सूत्रों के मुताबिक, इस बार का घोषणा पत्र गरीबों, युवाओं, किसानों और महिलाओं को ध्यान में रखकर बनाया जा रहा है. पार्टी का इस बार का घोषणा पत्र 2047 तक देश को विकसित बनाने की ‘योजना’ पर भी आधारित होगा.

सूत्रों के मुताबिक 19 अप्रैल को पहले चरण के मतदान से पहले पार्टी अपना घोषणा पत्र जारी कर सकती है.

‘दुनिया के कई विकसित देशों में मंदी इन देशों में अमेरिका, यूके, जर्मनी और फ्रांस जैसे देश भी शामिल’

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Indian Economy  : भारतीय इकॉनमी लगातार बड़े देशों में सबसे तेजी से ग्रोथ कर रही इकॉनमी बनी हुई है। यही कारण है कि आने वाले समय में भारतीय अर्थव्यवस्था का भविष्य उज्जवल है।

फ्रैंकलिन टेम्पलटन ने वर्ल्डवाइड रिसेशन प्रोबेबिलिटी जारी की है।

इसमें एक साल में देशों के लिए मंदी का अनुमान बताया गया है। इन आंकड़ों से पता चलता है कि दुनिया के कई विकसित देशों में मंदी की आहट है। इन देशों में अमेरिका, यूके, जर्मनी और फ्रांस जैसे देश भी शामिल है।

जर्मनी में मंदी की आशंका सबसे ज्यादा

अगले एक साल में मंदी की सबसे अधिक आशंका जर्मनी के लिए है। जर्मनी के लिए रिसेशन प्रोबेबिलिटी 73 फीसदी है। दूसरे नंबर पर इटली है। इटली के लिए रिसेशन प्रोबेबिलिटी 65 फीसदी है। तीसरा स्थान यूके है। यूके के लिए रिसेशन प्रोबेबिलिटी 53 फीसदी है। चौथा नंबर न्यूजीलैंड का है। न्यूजीलैंड के लिए मंदी की आशंका 50 फीसदी है। कनाडा के लिए भी यह अनुमान 50 फीसदी है।

अमेरिका में मंदी की आशंका 45%

इस लिस्ट में अमेरिका छठे स्थान पर है। अमेरिका के लिए मंदी की आशंका 45 फीसदी है। ऑस्ट्रेलिया के लिए यह अनुमान 40 फीसदी है। फ्रांस के लिए मंदी की आशंका 35 फीसदी है। साउथ अफ्रीका के लिए यह अनुमान 30 फीसदी है। मैक्सिको में मंदी की आशंका 25 फीसदी है। स्विट्जरलैंड में मंदी की आशंका 20 फीसदी है। स्पेन के लिए यह अनुमान 15 फीसदी है। जापान, साउथ कोरिया और चीन के लिए भी यह अनुमान 15 फीसदी है।

भारत में मंदी की आशंका 0%

भारत की बात करें, तो यह इस लिस्ट में आखिरी स्थान पर है। भारत के लिए अगले एक साल में मंदी का अनुमान 0 फीसदी है। यानी भारत में मंदी आने की कोई आशंका नहीं है। लिस्ट में भारत से ऊपर इंडोनेशिया है, जहां मंदी की आशंका 2 फीसदी है। सऊदी अरब में मंदी की आशंका 10 फीसदी है। ब्राजील में भी मंदी का अनुमान 10 फीसदी है।

लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण में 12 राज्यों की 88 संसदीय सीट के लिए नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया अधिसूचना जारी…

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Lok Sabha Election 2024: दूसरे चरण के लिए शुरू हुई नामांकन प्रक्रिया, जान लें चुनाव से जुड़ी जरूरी बातें

”लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण में 12 राज्यों की 88 संसदीय सीट के लिए नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया बृहस्पतिवार से शुरू हो गई। राष्ट्रपति की ओर से निर्वाचन आयोग ने 26 अप्रैल को होने वाले संसदीय चुनाव के दूसरे चरण की अधिसूचना बृहस्पतिवार सुबह जारी की। इस चरण के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने की आखिरी तारीख चार अप्रैल है।”

दूसरे चरण में किन-किन राज्यों में होंगे मतदान?

जम्मू-कश्मीर को छोड़कर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में नामांकन पत्रों की जांच पांच अप्रैल को की जाएगी। जम्मू-कश्मीर में नामांकन पत्रों की जांच छह अप्रैल को होगी। इस चरण के दौरान बाहरी मणिपुर लोकसभा क्षेत्र के एक हिस्से में भी मतदान होगा। बाहरी मणिपुर निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव की अधिसूचना 20 मार्च को पहले चरण के लिए जारी गजट अधिसूचना में शामिल की गई थी।

बाहरी मणिपुर लोकसभा सीट के तहत आने वाले 15 विधानसभा क्षेत्रों में 19 अप्रैल को पहले चरण में मतदान होगा जबकि इस सीट के तहत आने वाले 13 विधानसभा क्षेत्रों में दूसरे चरण में 26 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। इसके अलावा, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, जम्मू-कश्मीर, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में भी कई सीट पर दूसरे चरण में मतदान होगा।

लोकसभा चुनाव के पहले चरण के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख बुधवार को समाप्त हो गई। पहले चरण का मतदान 19 अप्रैल को होगा, जिसके लिए बीते 27 मार्च, 2024 (बुधवार) तक उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया। उत्तर प्रदेश की आठ सीटों के लिए कुल 155 प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया है। वहीं महाराष्ट्र में पहले चरण की पांच लोकसभा सीट के लिए 183 उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र दाखिल किया।

महाराष्ट्र में लोकसभा की 48 सीट है। अधिकारियों ने बताया कि नागपुर में 54 उम्मीदवारों ने कुल 62 पत्र नामांकन दाखिल किए हैं। उन्होंने बताया कि भंडारा-गोंदिया में 40 उम्मीदवारों ने 49 नामांकन पत्र दाखिल किये, गढ़चिरौली-चिमूर में 12 प्रत्याशियों ने 19 नामांकन पत्र और चंद्रपुर में 36 उम्मीदवारों ने 48 नामांकन पत्र दाखिल किये। नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया 20 मार्च से शुरू हुई। तय कार्यक्रम के मुताबिक, बृहस्पतिवार को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी और 30 तक नाम वापस लिए जा सकेंगे।

तमिलनाडु में लोकसभा चुनाव के लिए बुधवार को सभी उम्मीदवारों ने अपने-अपने नामांकन पत्र दाखिल किए। कुल 1,403 उम्मीदवारों ने तमिलनाडु से आम चुनाव लड़ने के लिए अपने नामांकन दाखिल किए हैं। पहले चरण में तमिलनाडु की सभी 39 और पुडुचेरी की एक लोकसभा सीट पर 19 अप्रैल को मतदान होगा।

Lok Sabha Elections 2024: कांग्रेस इस लोकसभा चुनाव के लिए आगामी पांच अप्रैल को घोषणापत्र जारी कर सकती है, ‘5 न्याय’ और ’25 गारंटी’ का चलाएगी अभियान…

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Lok Sabha Elections 2024: कांग्रेस 5 अप्रैल को जारी कर सकती है घोषणापत्र, ‘5 न्याय’ और ’25 गारंटी’ का चलाएगी अभियान

कांग्रेस इस लोकसभा चुनाव के लिए आगामी पांच अप्रैल को घोषणापत्र जारी कर सकती है और इसके बाद वह देश के विभिन्न हिस्सों में चुनावी सभाओं का आगाज करेगी।

सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। सूत्रों ने यह भी बताया कि कांग्रेस आगामी तीन अप्रैल से ‘घर-घर गारंटी’ अभियान भी शुरू करेगी जिसके तहत पार्टी के कार्यकर्ता घर-घर जाकर कांग्रेस के पांच न्याय और 25 गारंटी के बारे में लोगों को बताएंगे। पार्टी ने घर-घर गारंटी अभियान के तहत देश के आठ करोड़ परिवारों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा है।

कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि पांच अप्रैल को दिल्ली में कांग्रेस का घोषणापत्र जारी किए जाने की संभावना है। इसके बाद देश भर में जनसभाएं शुरू होंगी। छह अप्रैल को जयपुर में जनसभा होगी जिसमें कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और पार्टी के कई अन्य वरिष्ठ नेता शामिल हो सकते हैं।

पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम की अध्यक्षता वाली घोषणापत्र समिति ने लोकसभा चुनाव के लिए घोषणापत्र तैयार किया है। कांग्रेस के अनुसार, उसका घोषणापत्र पार्टी के पांच न्याय – हिस्सेदारी न्याय, किसान न्याय, नारी न्याय, श्रमिक न्याय और युवा न्याय पर आधारित होगा।

पार्टी ने ‘युवा न्याय’ के तहत जिन पांच गारंटी की बात की है उनमें 30 लाख सरकारी नौकरियां देने और युवाओं को एक साल के लिए प्रशिक्षुता कार्यक्रम के तहत एक लाख रुपये देने का वादा शामिल है। पार्टी ने ‘हिस्सेदारी न्याय’ के तहत जाति जनगणना कराने और आरक्षण की 50 प्रतिशत की सीमा खत्म करने की गारंटी दी है। पार्टी ने ‘किसान न्याय’ के तहत न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानूनी दर्जा, कर्ज माफी आयोग के गठन और जीएसटी मुक्त खेती का वादा किया है।

कांग्रेस ने ‘श्रमिक न्याय’ के तहत मजदूरों को स्वास्थ्य का अधिकार देने, न्यूनतम मजूदरी 400 रुपये प्रतिदिन सुनिश्चित करने और शहरी रोजगार गारंटी का वादा किया है। ‘नारी न्याय’ के अंतर्गत महालक्ष्मी गारंटी के तहत गरीब परिवारों की महिलाओं को एक-एक लाख रुपये प्रति वर्ष देने समेत कई वादे किए हैं।

Lok Sabha Election: लोकसभा चुनाव को लेकर सियासी पारा हाई, एग्जिट पोल आयोजित करने, इसके प्रकाशन या प्रचार पर प्रतिबंध, चुनाव आयोग ने जारी की अधिसूचना

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Lok Sabha Election: कब से कब तक एग्जिट पोल दिखाने पर रोक? चुनाव आयोग ने जारी की अधिसूचना

लोकसभा चुनाव को लेकर सियासी पारा हाई है, इस बीच निर्वाचन आयोग ने एक अधिसूचना जारी कर 19 अप्रैल की सुबह सात बजे से एक जून की शाम साढ़े छह बजे के बीच एग्जिट पोल आयोजित करने, इसके प्रकाशन या प्रचार पर प्रतिबंध लगा दिया है।

इसी अवधि में लोकसभा के अलावा चार राज्यों के विधानसभा चुनाव के लिए अलग-अलग चरण में मतदान होगा।

मतदान शुरू होने से समाप्त होने तक रहेगी रोक

इस अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया कि जन प्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों के तहत, मतदान के समापन के लिए तय समय के साथ समाप्त होने वाली 48 घंटों की अवधि के दौरान किसी भी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में किसी भी जनमत सर्वेक्षण या किसी अन्य चुनावी सर्वेक्षण के परिणामों सहित किसी भी ऐसी चुनावी सामग्री को प्रदर्शित करना प्रतिबंधित होगा।

लोकसभा चुनावों के अलावा आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा और सिक्किम की विधानसभाओं के चुनाव भी होंगे। इसी अवधि में 12 राज्यों की 25 विधानसभा सीटों पर अलग से उपचुनाव भी होंगे।

543 सीटों के लिए मतदान 7 चरणों में मतदान

लोकसभा चुनाव 2024 के लिए चुनाव आयोग (EC) ने 16 मार्च, 2024 (शुक्रवार) को चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। इस बार लोकसभा की 543 सीटों के लिए मतदान 7 चरणों में मतदान होगा और चुनाव नतीजे 4 जून को आएंगे। पहले चरण की शुरुआत 19 अप्रैल से होगी। चुनाव तिथियों एवं कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही देश भर में आचार संहिता लागू हो गई है। इस बार का चुनावी मुकाबला भारतीय जनता पार्टी की अगुवाई वाले एनडीए और कांग्रेस के नेतृत्व वाले इंडिया गठबंधन के बीच है।

  • पहले चरण का चुनाव-19 अप्रैल
  • दूसरे चरण का चुनाव -26 अप्रैल
  • तीसरे चरण का चुनाव -7 मई
  • चौथे चरण का चुनाव-13 मई
  • पांचवें चरण का चुाव -20 मई
  • छठवें चरण का चुनाव-25 मई
  • सातवें चरण का चुनाव -1 जून

सात चरण का यह चुनाव 19 अप्रैल से शुरू होकर 1 जून तक चलेगा। मतों की गिनती चार जून को होगी। चुनावी परिणाम भी चार जून को आएगा।

INDIA : 31 मार्च की सुबह दिल्ली के रामलीला मैदान में महागठबंधन की महारैली का आगाज होगा, जिसको लेकर सियासी गलियारों में हलचल…

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”INDIA महागठबंधन की महारैली कल, केंद्र के सामने एकजुट होगा विपक्ष, ये रहेंगे मुख्य मुद्दे”

लोकसभा चुनाव को लेकर विपक्ष ने भी कमर कस ली है। बीजेपी को मात देने के लिए पहले INDIA महागठबंधन अस्तित्व में आया। अब गठबंधन में मौजूद सभी विपक्षी नेता एक-साथ ताल ठोकने के लिए तैयार है।

31 मार्च की सुबह दिल्ली के रामलीला मैदान में महागठबंधन की महारैली का आगाज होगा, जिसको लेकर सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है।

दिल्ली सरकार के मंत्री गोपाल राय ने रामलीला में आयोजित रैली का जिक्र करते हुए कहा कि, सभी पार्टियों के प्रमुख नेता इस महारैली में शामिल होंगे। रैली का मुख्य उद्देश्य तानाशाही हटाओ देश बचाओ है। सभी कल 10 बजे रामलीला मैदान पहुंच रहे हैं। अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी पर सवाल खड़े करते हुए गोपाल राय ने कहा कि, सिर्फ आरोपों के आधार पर एक चुने हुए मुख्यमंत्री को जेल में डाल दिया गया। जिसने आरोप लगाया उसे बेल मिल गई और उसने भारतीय जनता पार्टी को 60 करोड़ का चंदा भी दिया है। इस पूरे खेल के खिलाफ कल रामलीला मैदान में रैली होगी।

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने महारैली पर बात करते हुए कहा कि, इस महारैली में 4-5 मुख्य मुद्दे होंगे। ये किसी एक पार्टी की रैली नहीं बल्कि INDIA महागठबंधन में शामिल सभी पार्टियों की रैली है। इस बीच हमें अरविंद केजरीवाल और हेमंत सोरेन को नहीं भूलना चाहिए। जयराम रमेश के अनुसार रामलीला मैदान में होने वाली इस रैली में झारखंड के मुख्यमंत्री चंपई सोरेन भी मौजूद रहेंगे।

आम आदमी पार्टी के नेता गोपाल राय और दिलीप पांडे ने रामलीला मैदान का निरीक्षण किया है। आप नेताओं ने INDIA ब्लॉक की महारैली की तैयारियों का जायजा लिया है। इस रैली के लिए भव्य मंच बनाया जा रहा है और काफी दूर तक टेंट लगाए गए हैं।

रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में विपक्ष की इसी एकजुटता का शक्ति प्रदर्शन होगा, इसके लिए सभी तैयारियां कर ली गई हैं। दिल्ली पुलिस से महारैली के लिए इजाजत मिल गई है। रैली के आयोजन की मुख्य जिम्मेदारी आम आदमी पार्टी के कंधों पर है। जब कि कांग्रेस और अन्य घटक दल रैली को सफल बनाने में सहयोगी की भूमिका निभा रहे हैं।

सीएम केजरीवाल की गिरफ्तारी के खिलाफ आम आदमी पार्टी समेत इंडिया गठबंधन के कई शीर्ष नेता शामिल होंगे। इसमें कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी भी शिरकत करेंगी। वहीं समाजवादी पार्टी, टीएमसी, राजद, शिवसेना(UBT) समेत कई पार्टियों के नेता आएंगे।

Ram Navami 2024 : ”रामनवमी की शुभ तिथि, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व”

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Ram Navami 2024 : इस साल कब है रामनवमी की शुभ तिथि, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व

वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, प्रत्येक साल चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को राम नवमी मनाई जाती है। बता दें कि इस साल रामनवमी की तिथि 17 अप्रैल 2024 को है।

पौराणिक कथाओं के अनुसार, चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को भगवान श्री राम का अवतरण हुआ था। मान्यता है कि भगवान श्री राम के जन्मोत्सव के उपल्क्ष में रामनवमी मनाई जाती है। रामनवमी के दिन भगवान श्री राम के अलावा जगत जननी मां दुर्गा की नौवीं शक्ति मां सिद्धिदात्री की विधि-विधान से पूजा की जाती है। आज इस खबर में जानेंगे कि साल 2024 में राम नवमी का किस दिन मनाई जाएगी, राम नवमी का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा और पूजा मुहूर्त और विधि क्या है।

राम नवमी का शुभ मुहूर्त

हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल राम नवमी 17 अप्रैल को मनाई जाएगी। बता दें कि नवमी तिथि की शुरुआत 16 अप्रैल 2024 दिन मंगलवार को दोपहर 1 बजकर 23 मिनट पर होगी और समाप्ति अगले दिन यानी 17 अप्रैल 2024 दिन बुधवार को दोपहर 3 बजकर 14 मिनट पर होगी। उदया तिथि के अनुसार, 17 अप्रैल 2024 दिन बुधवार को चैत्र नवमी मनाई जाएगी।

रामनमी की पूजा मुहूर्त

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, रामनवमी के तिथि के दिन यानी 17 अप्रैल को सुबह 11 बजकर 3 मिनट से लेकर दोपहर 1 बजकर 38 मिनट तक पूजा करने के लिए बहुत ही शुभ समय है। बता दें दोपहर 12 बजकर 21 मिनट पर रामलला का जन्म समय है। इस शुभ मुहूर्त में आप भगवान श्री राम की कृपा पाने के लिए व्रत रख सकते हैं।

रामनवमी पर्व की पूजा विधि

ज्योतिषियों के अनुसार, रामनवमी वाले दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर भगवान श्री राम और माता सीता को प्रणाम करें। उसके बाद घर-द्वार की साफ-सफाई करें। घर के मुख्य द्वार पर आम के पत्ते का तोरण लगाएं। तोरण लगाने के बाद घर के द्वार पर या आंगन में रंगोली बनाएं। घर के छत पर ध्वजा लगाएं। उसके बाद विधि-विधान से भगवान श्री राम की पूजा करें।

Rang panchami 2024 : आज मनेगी रंग पंचमी, जानिए मनाने की विधी और शुभ मुहूर्त…

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Rang panchami 2024 : आज मनेगी रंग पंचमी, जानिए मनाने की विधी और शुभ मुहूर्त ”हिंदू कैलेंडर के अनुसार रंग पंचमी का त्योहार चैत्र कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। रंग पंचमी का त्यौहार होली के पांच दिन बाद मनाया जाता है।”

यह हिंदू त्योहार होली के बाद मनाया जाता है। इस साल रंग पंचमी 30 मार्च, शनिवार को है। इस त्यौहार को रंग पंचमी कहा जाता है क्योंकि यह पंचमी के दिन मनाया जाता है।

यह त्यौहार मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में बहुत धूमधाम से मनाया जाता है। कहा जाता है कि रंग पंचमी के दिन नकारात्मक शक्तियों से ज्यादा दैवीय शक्तियां होती हैं। इस दिन राधारानी के बरसाना के दौरान उनके मंदिर में विशेष पूजा और दर्शन होते हैं। मान्यता है कि इस दिन श्रीकृष्ण ने गोपियों के साथ रासलीला की थी और अगले दिन रंगों से खेलने का उत्सव मनाया था।

रंग पंचमी का शुभ मुहूर्त 2024

  • पंचमी तिथि प्रारंभ- 29 मार्च 2024 को रात्रि 08:20 बजे
  • पंचमी तिथि समाप्त – 30 मार्च 2024 को रात्रि 09:13 बजे

रंग पंचमी मनाने की विधि-

1. इस दिन लोग एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर रंग पंचमी की बधाई देते हैं।
2. इस दिन राधा-कृष्ण को अबीर-गुलाल भी चढ़ाया जाता है।
3. इस दिन शोभा यात्रा निकाली जाती है।

रंग पंचमी का महत्व- पौराणिक कथाओं के अनुसार रंग पंचमी का दिन देवी-देवताओं को समर्पित है. कहा जाता है कि इस दिन रंगों का प्रयोग करने से संसार में सकारात्मक ऊर्जा फैलती है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन एक-दूसरे पर लगाए गए रंग आसमान की ओर उड़ जाते हैं। ऐसा करने से देवी-देवता आकर्षित होते हैं और अपनी कृपा बरसाते हैं।

रंग पंचमी के विशेष उपाय-

1. रंग पंचमी के दिन देवी लक्ष्मी और भगवान विष्णु की एक साथ पूजा करनी चाहिए। मां लक्ष्मी धन, समृद्धि आदि की देवी हैं। पूजा के समय देवी लक्ष्मी और भगवान विष्णु को लाल गुलाल चढ़ाएं। पूजा के दौरान कनकधारा स्तोत्र का पाठ करें। माना जाता है कि ऐसा करने से धन में वृद्धि होती है।

2. रंग पंचमी के दिन भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी की विधिवत पूजा करें। इसके बाद उन्हें गुलाल अर्पित करें। माना जाता है कि ऐसा करने से वैवाहिक जीवन में चल रही परेशानियां दूर हो जाती हैं। प्रेम संबंध मजबूत बनते हैं। दांपत्य जीवन में खुशहाली के लिए पति-पत्नी को एक साथ पूजा करनी चाहिए।

3. रंग पंचमी के दिन एक सिक्के और पांच हल्दी की गांठों को पीले कपड़े में बांधकर पूजा स्थान पर रखें। फिर मां लक्ष्मी का ध्यान करें और घी का दीपक जलाएं। जब दीपक ठंडा हो जाए तो हल्दी की गांठ और सिक्कों को तिजोरी में रख दें। माना जाता है कि ऐसा करने से धन में वृद्धि होती है।

4. रंग पंचमी के दिन देवी लक्ष्मी की पूजा करना फलदायी माना जाता है। पूजा के समय मां लक्ष्मी को सफेद मिठाई जैसे बर्फी, बताशा, मिश्री या खीर का भोग लगाना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि अगर देवी लक्ष्मी प्रसन्न हो जाएं तो परिवार में धन-संपत्ति बढ़ती है।